संयोग से ये मेरी मध्यप्रदेश की पांचवी यात्रा है: राष्ट्रपति
मेरी सब से अधिक यात्राएं मध्यप्रदेश में हुई हैं। संयोग से ये मेरी एमपी की पांचवी यात्रा है। मैं प्रदेश के 8 करोड़ वासियों को धन्यवाद देती हूं। इस कार्यक्रम के लिए मैं प्रदेश सरकार की प्रशंसा करती हूं। इस वर्ष जी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता का दायित्व भारत को दिया गया है।
उन्मेष का अर्थ आंखों का खुलना भी है और फूलों का खिलना भी। 19वीं सदी में नव जागरण की धाराएं प्रभावित हुईं, जो कि 20वीं सदी तक जारी रहीं। भारतीय गौरव को शौर्य देने वाले कई रचनाकारों का योगदान रहा है। सभी भाषाएं और बोलियां मेरी अपनी हैं। भारत के साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद होने पर ये और समृद्ध हो सकेगा। उत्कर्ष कार्यक्रम के आयोजन के लिए मैं आयोजकों को शुभकामनाएं देती हैं।
भारत में 700 से ज्यादा कम्युनिटी के आदिवासी निवास करते हैं, लेकिन उनकी भाषाएं 700 से भी ज्यादा है। उन्हें संजोकर रखना हम सभी का कर्तव्य है। जनजातीय भाषा और संरक्षण को संजोकर रखना हमारा कर्तव्य है। मध्यप्रदेश में आदिवासियों की बड़ी आबादी रहती हैं। यहां ऐसे कार्यक्रम का आयोजन होना तर्क संगत है। मैंने छत्तीसगढ़ की पंडवानी गायिका तीजन बाई को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया था। तीजनबाई का सम्मान जनजातीयों का सम्मान तो है ही ये सभी बहनों का सम्मान है।
एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने की पहल: राज्यपाल
उन्मेष के दौरान जनजातीय कवि, लेखक सम्मेलन और गीत के सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। उन्मेष और उत्कर्ष का आयोजन एक भारत श्रेष्ठ भारत को बनाने की पहल है। भारत की भाषाएं, भौगोलिक विविधता ने इसे सभी से अलग बनाया है।
मध्यप्रदेश साहित्य और कलाकारों की प्रिय भूमि रही है: CM
हमारे देश में मूलभूत एकता है। उन्मेष और उत्कर्ष के रूप में हमारे कलाकार कुछ बेहतर लेकर आते हैं। ऐसे आयोजन सारी दुनिया को इकट्ठा करने का काम करते हैं। मध्यप्रदेश कला और संगीत की संगम स्थली रही है। ये साहित्यकारों और कलाकारों की प्रिय भूमि रही है। राजशेखर, भृर्तहरि, कालिदास, बिहारी जैसे रत्न हुए हैं। इनका नाम लेकर मैं गर्व महसूस कर रहा हूं। लता मंगेशकर, किशोर कुमार जैसे कलाकार भी इस धरती से हैं। अटल बिहारी वाजपेयी की भी कर्मस्थली ये रही है। साहित्य, कला और संगीत में वो ताकत है कि पूरी दुनिया को एक रख सके।
सीएम शिवराज बोले- कला और संगीत सुख देता है
सीएम शिवराज ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संपूर्ण देश का साहित्य जगत यहां विविधता के साथ उपस्थित है। मैं सभी का स्वागत करता हूं। भारत प्राचीन देश है। दुनिया के विकसित देशों में जब सभ्यता का सूर्योदय नहीं हुआ था, तब हमारे देश में वेदों की रचना हो चुकी थी। ये वो धरती है जिसने समस्त विश्व को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया। यहां का बच्चा-बच्चा सबके मंगल की कामना करता है। मनुष्य को संपूर्ण रूप से सुखी करना है तो मन, बुद्धि और आत्मा का सुख भी चाहिए। मन, बुद्धि और आत्मा का सुख साहित्य, कला और संगीत देता है।
उन्मेष का दूसरा संस्करण
उन्मेष उत्सव एशिया का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मेलन है, जिसका आयोजन आजादी के अमृत महोत्सव के तहत किया जा रहा है। उन्मेष का पहला संस्करण हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में किया गया था, वहीं दूसरा संस्करण मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में किया जा रहा है। इस बार आयोजन में देशभर के करीब 575 लेखक शामिल हुए हैं।
राष्ट्रपति ने किया 'उत्कर्ष' और 'उन्मेष' का शुभारंभ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भोपाल के रविंद्र भवन में 'उत्कर्ष' और 'उन्मेष' कार्यक्रम का दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शॉल भेंट कर राष्ट्रपति मुर्मू का स्वागत किया।
राष्ट्रपति पहुंची भोपाल
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भोपाल पहुंच चुकी हैं। राजा भोज विमानतल पर सीएम शिवराज सिंह चौहान और गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने उनका पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया। विमानतल से राष्ट्रपति सीधे रविंद्र भवन के लिए रवाना होंगी, जहां वे उत्कर्ष-उन्मेष कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी।
एशिया का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मेलन है उन्मेष
उन्मेष उत्सव एशिया का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मेलन है। इस अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव अंतर्गत बहुभाषी कविता पाठ, लेखन पाठ, आदिवासी कवि सम्मेलन, साहित्य के विषयों पर परिचर्चा, आजादी का अमृत महोत्सव पर कविता पाठ और साहित्य के उत्थान संबंधी विभिन्न विषयों पर प्रबुद्धजनों द्वारा विमर्श किया जाएगा। इसके साथ ही पुस्तक मेले में साहित्य अकादमी और अन्य प्रकाशकों की पुस्तकें बिक्री के लिए सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। उत्सव के दौरान साहित्य अकादमी द्वारा प्रख्यात लेखकों पर बनी डॉक्यूमेंट्री को भी दिखाया जाएगा।
भोपाल के ये मार्ग रहेंगे परिवर्तित
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भोपाल एयरपोर्ट पहुंचने के आधे घंटे पहले से भोपाल एयरपोर्ट से रवीन्द्र भवन तक जाने वाले मार्ग को सामान्य यातायात के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा। वहीं रवीन्द्र भवन से राजभवन के बीच भी राष्ट्रपति के आवागमन के दौरान यातायात प्रतिबंधित रहेगा। शाम को राष्ट्रपति के वापस जाते समय भी संबंधित मार्ग पर यातायात प्रतिबंधित रहेगा। यातायात को परिवर्तित मार्ग से निकाला जाएगा। सुरक्षा-व्यवस्था के लिए एक हजार जवानों को रवीन्द्र भवन और एक हजार पुलिसकर्मी अन्य मार्गों पर राष्ट्रपति के दौरे के दौरान तैनात रहेंगे।
भगोरिया नृत्य से होगा राष्ट्रपति का स्वागत
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गुरुवार सुबह 11:30 बजे भोपाल विमानतल पर पहुंचेंगी, जहां राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अगुवानी करेंगे। राष्ट्रपति 11:40 बजे रवीन्द्र भवन पहुंचेंगी, जहां करीब 500 जनजातीय कलाकार भगोरिया नृत्य कर उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे 'उत्कर्ष' और 'उन्मेष' कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगी। राष्ट्रपति 1:30 बजे रवीन्द्र भवन से राजभवन के लिए रवाना होंगी, जहां दोपहर का भोजन करेंगी। वे शाम को करीब 4:15 बजे राजभवन से रवाना होकर 4:35 बजे भोपाल विमान तल पहुंचेंगी और 4:40 बजे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगी।
800 कलाकार देंगे प्रस्तुति
प्रमुख सचिव ने बताया कि उत्कर्ष उत्सव में देश के 36 राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 800 कलाकार भाग लेंगे और लोक एवं जनजातीय प्रदर्शन कलाओं की सतरंगी छटा बिखेरेंगे। उत्सव का प्रसारण संगीत नाटक अकादमी के फेसबुक और यूट्यूब चैनल सहित संस्कृति विभाग के फेसबुक और यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (3 अगस्त) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के दौरे पर हैं। वे सुबह 11:30 बजे रविंद्र भवन के हंसध्वनी सभागार में "उत्कर्ष" और "उन्मेष" उत्सव का शुभारंभ करेंगी। राज्यपाल मंगू भाई पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।
संस्कृति और पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला के अनुसार संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी और साहित्य अकादमी द्वारा संस्कृति विभाग मध्यप्रदेश शासन के सहयोग से भारत की लोक एवं जनजाति अभिव्यक्तियों का राष्ट्रीय उत्सव "उत्कर्ष" एवं अभिव्यक्ति का उत्सव "उन्मेष" का आयोजन तीन से पांच अगस्त 2023 तक भोपाल में किया जा रहा है। लोक कला, संगीत और साहित्य आधारित यह उत्सव पहली बार भोपाल में हो रहा है। यह प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि है।