सीएम ने कहा कि जो बराबरी नहीं कर सकते, वो बुराई करते हैं। विपक्ष की बुराई में न्याय नहीं दिखता। कहा कि आज हनुमान मंदिर मिला है। कुएं में मूर्तियां मिल रही हैं। 22 कुएं पाटे गए। कहा कि सफीकुर्ररहमान कभी खुद को भारत का नहीं मानते थे... वह कहते थे कि मैं बाबर का संतान हूं। कहा कि भारत में राम की संस्कृति रहेगी। बाबर की संस्कृति नहीं रहेगी।
सीएम ने कहा कि चुनाव के दौरान चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा किया। विपक्ष बंदूक की नोक पर अपना काम करना चाहता है। कहा कि बहराइच और संभल की घटना में कार्रवाई आगे बढ़ रही है। सच सामने आएगा। आपकी पत्थरबाजी से सौहार्द नहीं आएगा।
कहा कि भारत एक ऐसा देश है, जहां बहुसंख्यक समाज सिर्फ समान नागरिक कानून मांग रही है। इसकी मांग कोई बुरी बात नहीं है। कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के आदेश को रोक लगाने की मांग करते हैं। कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने समान नागरिक कानून की बात कही तो, विपक्ष ने उनके खिलाफ महाभियोग की नोटिस दे दी।
कहा कि शोभा यात्रा के दौरान भजन बजाए जाते हैं। नवरात्रि पर मां दुर्गा के गाने बजते हैं। उनका आरती बजती है। मां दुर्गा हमारे लिए आस्था और सशक्तिकरण का प्रतीक हैं। कहा कि कुंदरकी की जीत सनातन की जीत है। कुंदरकी, फूलपुर सहित सातों सीटों पर जो जीत मिली वह सनातन की जीत है।
कहा कि दंगे में शामिल, तमंचा लहराते, पत्थर फेंकते लोगों के सारे विजुअल हैं। दोषी को कोई बचा नहीं पाएगा। दंगे और दंगाइयों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस है। कहा कि किसी को कहीं से भी निकलने से कोई नहीं रोक सकता। बहराइच में परंपरागत यात्रा निकलने के दौरान घटना की गई।
सीएम ने कहा कि पिछले 7.5 वर्ष में सभी पर्व शांतिपूर्ण संपन्न हुए। सभी वीवीआईपी विजिट शांति से संपन्न हुए। 2025 में यूपी को दुनियाभर का समागम करने का अवसर मिल रहा है। तो विपक्ष से अपील है कि अपने वक्तवयों को ठीक रखें। कोई भी अराजकता करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
सीएम ने कहा कि मुस्लिम त्योहार आराम से हो जाते हैं। दंगे सिर्फ उसी क्षेत्रों में क्यों होते हैं, जहां मुस्लिम आबादी होती है। कहा कि जब मंदिर के सामने से जुलूस निकल सकता है, तो मस्जिद के सामने से शोभायात्रा क्यों नहीं निकल सकती। एक झंडा लगाने में युवक की हत्या हो गई। अपने ही देश में कोई एक झंडा क्यों नहीं लगा सकता। भगवा झंडा क्यों नहीं लग सकता।
आगरा में 1972 में दंगा- 19 लोगों की मौत हुई। 1972 में आजमगढ़ में दंगा हुआ। तीन लोगों की मौत हुई। 1973 आगरा में फिर दंगा हुआ। एक व्यक्ति की मौत हुई। 1973 में गोंडा में दंगा हुआ। एक व्यक्ति की मौत हुई। 1973 में प्रयागराज में दंगा हुआ। तीन लोगों की मौत हुई। 1973 में मेरठ में दंगे में 8 लोगों की मौत हो गई। आगरा में 1974 में दंगे में एक की मौत हो गई। इसी वर्ष पीलीभीत दंगे में तीन लोगों की मौत हो गई।
कहा कि 'संभल में आपकी हकीकत खटाखट सामने आई... जनता ने तुरंत कहा सफाचट' । सीसामऊ में बाल-बाल बच गए। कुंदरकी में लोगों को अपनी जड़े याद आने लगी हैं। लोग चिल्ला-चिल्लाकर बोल रहे हैं। कहा कि आप एक बार बाबरनामा जरूर पढ़ें।
सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब के संविधान में धर्म निरपेक्ष, पंथ निरपेक्ष या समाजवाद का एक भी शब्द नहीं है। कहा कि लोगों को भ्रमित करके आप लोग सिर्फ सत्ता हथियाना चाहते हैं। कहा कि संभल घटना के जो भी दोषी हैं, कोई भी बख्शा नहीं जाएगा।
कहा कि सरकार ने कहा है कि हम ज्यूडिशियल कमेटी बनाएंगे। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। कहा कि विपक्ष सच्चाई को स्वीकार नहीं करेगा। 1982 में दंगा हो गया। 1986, 1990, 1992, 1996 में लगातार दंगे होते रहे। लगातार मौतें होती रहीं। अब तक 209 हिंदुओं की हत्या हो चुकी। लेकिन किसी ने उन निर्दोश हिंदुओं के बारे में दो शब्द भी नहीं कहे। आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
कहा कि नेता प्रतिपक्ष कहते हैं कि मंदिर निकल आएगा तो क्या मंदिर बन जाएगा। कहा कि बाबर नामा भी यही कहता है कि मंदिर को तोड़कर ही हर मस्जिद को बनाया गया है। कहा कि सर्वे के दौरान दो दिन कोई शांति भंग नहीं हुई। लेकिन तीसरे दिन जुमे के नमाज के बाद जो सक्रियता देखी गई। उसके बाद घटना हुई।
सीएम योगी ने कहा कि मिलने पर राम राम बोलते हैं। अंतिम यात्रा में राम नाम सत्य बोलते हैं। राम नाम बोलना कहां से सांप्रदायिक हो गया। विपक्ष को निशाने पर लेकर कहा कि आप लोग सत्य पर पर्दा डालने कृी कोशिश कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में सांप्रदायिक दंगों में 97 फीसदी तक की कमी आई है। 2012-2017 के दौरान सपा के कार्यकाल के दौरान 815 सांप्रदायिक दंगे हुए। इसमें 192 लोगों की मौत हुई। इससे पिछले कार्यकाल में भी 616 दंगे हुए। जिसमें 121 लोगों की मौत हुई।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि यह घटना पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुआ। इसकी जांच करानी चाहिए। संभल घटना पर कहा कि सर्वे के दौरान विवाद की आशंका थी। सरकार को यह पता था तो कोर्ट में पुनर्निरीक्षीण याचिका डालनी चाहिए। कहा कि अध्यक्ष महोदय मंदिर का कोई विरोधी नहीं है। हम सभी के घरों में मंदिर है। कहा कि अध्यक्ष महोदय यूपी आज सांप्रदायिकता की ओर बढ़ रहा है। प्रदेश को सांप्रदायिकता की आग में जाने से बचाइए।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि बहराइच में जिस रास्ते से जुलूस निकला था, उस रास्ते में हर वर्ष भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहती थी। इस बार पुलिस बल नहीं दिया गया। जबकि उस थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष ने एसपी से अतिरिक्त पुलिस बल मांगी थी। लेकिन, अतिरिक्त पुलिस बल नहीं दिया।
राजा भैया ने कहा कि क्या जहां हिंदू बाहुल्य है वहां सिर्फ हिंदू जीते और जहां मुस्लिम बाहुल्य है वहां सिर्प मुस्लिम जीते। यह कहना सदन के सदस्यों का अपमान है।
जनसत्ता दल के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह ने संभल घटना पर विपक्ष के बयानों पर पलटवार किया। कहा कि संभल में कोर्ट के आदेश पर सर्वे हो रहा था। किसी सदस्य ने वहां पर हुई पत्थरबाजी पर चर्चा नहीं की। कहा कि बहराइच में महज झंडा लगाने पर रामगोपाल मिश्रा की हत्या कर दी गई।
कहा कि हमारे नेता अखिलेश यादव संभल जाना चाहते थे। नेता प्रतिपक्ष संभल जाना चाहते थे। लेकिन, उन्हें नहीं जाने दिया गया। बहराइच में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से युवक की हत्या कर दी गई।
सपा एमएलसी गुड्डू जमाली ने कहा कि बहराइच की घटना पर आपका बुल्डोजर तैयार था। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने आपके बुल्डोजर की रफ्तार को कम कर दिया। आज पिछड़े-दलितों पर सरकार का अत्याचार बढ़ गया है।
सपा नेता ने कहा कि हमारी सरकार और पीडीए गठबंधन का मानना है कि भाजपा सरकार बाबा साहेब के संविधान पर नहीं चाह रही है। कहा कि सीएम योगी कटेंगे तो बटेंगे कह रहे हैं। पुलिस व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है।
आराधना मिश्रा ने कहा कि प्रदेश में हो रहे सांप्रदायिक दंगों पर चर्चा होनी चाहिए। अन्य कामों को रोककर इस पर बात होनी चाहिए।
आराधना मिश्रा ने संभल की घटना को लेकर भी सरकार को घेरा। कहा कि संभल की घटना कोई सामान्य घटना नहीं थी। हम लोग वहां भाई चारे की बात करने जा रहे थे। लेकिन, हमारे नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया।
आराधना मिश्रा ने कहा कि वातावरण को दूषित करने का प्रयास और युवक की हत्या पूरी तरह पुलिस-प्रशासन की लापरवाही से हुई। कहा कि इसमें सत्ता पक्ष के लोगों की भूमिका संदिग्ध है। इसकी निष्पक्ष जांच हो। जिन लोगों ने इशे अंजाम दिया, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने बहराइच के महराजगंज में रामगोपाल मिश्रा की हत्या पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि वह एक गरीब ब्राह्मण का बेटा था। झंडा लगाने के दौरान उसकी हत्या हो गई। दोनों पहलू दुखद हैं। लेकिन, ये सरकार की कानून व्यवस्था का फेलियर है।
सपा विधायक ने संभल पर सरकार को घेरा। कहा कि संभल कांड की जांच होनी चाहिए। जहां हमारे सांसद का घर है। उस क्षेत्र को छावनी बना दिया। सरकार संभल में हिंदू-मुस्लिम को लड़ा रही है। सरकार को चाहिए लड़ाने की बजाय शांति व्यवस्था कायम रखें। आप सूबे के मुख्यमंत्री हैं। आपको सबको एक नजर से देखना चाहिए।
विधानसभा स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे विधायक पल्लवी पटेल धरने पर बैठ गई हैं। उन्होंने जो तख्ती पकड़ी उसमें लिखा कि 'पिछड़ा वर्ग मांगे हिसाब... योगी जी दो जवाब'
विधायक पल्लवी पटेल ने जातीय जनगणना पर बात करने की अनुमति मांगी, लेकिन अध्यक्ष ने इस विषय पर बात करने की अनुमति नहीं दी।
सदन में विधानमंडल अध्यक्ष सतीश महाना का संबोधन हो रहा है। सदन में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। दो मिनट का मौन रखकर उनका आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
एक घंटे स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि तीन साल के उनके कार्यकाल में पहली बार सदन को स्थगित करना पड़ा है।
समाजवादी पार्टी के सदस्य वेल में धरने पर बैठ गए हैं।
अध्यक्ष के बार-बार कहने के बाद भी जब विपक्ष ने हंगामा शांत नहीं किया, तो सदन की कार्यवाही 12:20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने गुस्से में अपना माइक फेंककर वहां से चले गए।
विधानमंडल अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि आप लोगों के पास पूछने के लिए सवाल नहीं हैं, इसलिए आप लोग हंगामा कर रहे है। आप जो चाहें हम हर मुद्दा सुनने के लिए तैयार हैं।
सदन में अध्यक्ष नता प्रतिपक्ष सहित अन्य सदस्यों से सवाल पूछने के कहते रहे। लेकिन, विपक्ष नारेबाजी और हंगामा करता रहा।
सत्र में प्रश्न पूछने का दौर शुरू हो गया है। अध्यक्ष सदस्यों से सवाल पूछने के लिए कह रहे हैं।