सदन से निकलकर सीएम योगी ने पत्रकारों से बातचीत में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मामले में एसआईटी गठित की गई। कैमरे में जो लोग दिखे उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। जांच के बीच एससी ने एसआईटी के पुनर्गठन की बात कही। एसआईटी जांच में कोई भी साधु संत दोषी नहीं मिले। ऐसे में साधु संतों और 1100 कर्मचारियों पर आक्षेप लगाना बड़ी आश्चर्य की बात है। ये आरोप वो सपा और कांग्रेस लगा रही है, जिन्होंने सदैव रामजन्मभूमि और भगवान राम का अपमान किया है।
उन्होंने कहा कि एक समय में सपा ने पवित्र सरयू नदी को रक्तरंजित किया था। संसद के अंदर सपा और कांग्रेस के सांसदों द्वारा जो आक्षेप किए गए, वो सीधे सीधे सनातन का अपमान था। इनका आचरण सनातन विरोधी है। इस प्रकरण में जो लोग भी पकड़े गए हैं, उनका भाजपा और साधु संतों से कोई लेना देना नहीं है। इन लोगों ने सदैव राम मंदिर का विरोध किया। ये वही लोग हैं जो 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में आमंत्रण के बाद भी नहीं गए। आस्था की चर्चा वो लोग कर रहे हैं, जो लोग हिंदुओं और सनातन परंपरा को हमेशा कटघरे में खड़ा करते रहे हैं। ये लोग चर्चा से भागना चाह रहे हैं।
यूपी विधानसभा में बुधवार को अनुपूकर बजट पेश किया गया है। अनुपूरक बजट पर चर्चा करने के लिए जैसे ही सीएम योगी बोलने के लिए खड़े हुए विपक्षी विधायकों खासकर सपा के सदस्यों ने हंगामा कर दिया। वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर पहले चर्चा करना चाह रहे थे। सीएम योगी ने हंगामे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह आचरण शर्मनाक है। अनुपूरक बजट का एजेंडा पहले ही तय हो गया था। इस पर विरोधी दलों के लोगों ने रुचि नहीं ली। बल्कि दूसरे मुद्दों पर वह व्यवधान डाल रहे हैं।
सपा के हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष नाराज हो गए। उन्होंने फिरोजाबाद के जसराना से विधायक सचिन यादव को तत्काल बाहर जाने के लिए कहा। विधायक सचिन मुख्यमंत्री की तस्वीर पर नारा लिखकर हंगामा कर रहे थे। इसी बात पर सतीश महाना नाराज हो गए। उन्होंने एथिक्स कमेटी को शिकायत भेजकर उनकी सदस्यता तक रद्द कराने के प्रस्ताव की अनुशंसा करने की धमकी दे दी। इसके बाद कल सुबह 11 बजे तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया गया।
ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए ग्राम्य विकास विभाग को ₹8,103.51 लाख राजस्व तथा ₹14,18,471.95 लाख (लगभग ₹14,184.72 करोड़) का पूंजीगत आवंटन प्राप्त हुआ है। ऊर्जा क्षेत्र (बिजली व्यवस्था) के लिए कुल मिलाकर ₹7,02,227.00 लाख (भारित राशि सहित) राजस्व मद में और ₹40,000.00 लाख पूंजीगत मद में आवंटित किए गए हैं। वहीं स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए पंचायती राज विभाग को ₹15,633.00 लाख का राजस्व तथा ₹13,998.00 लाख का पूंजीगत बजट प्रदान किया गया है।
कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों की बात करें तो कृषि विभाग को ₹13,237.76 लाख राजस्व और ₹15,900.00 लाख पूंजीगत विकास के लिए दिए गए हैं। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हिस्से में ₹24,480.37 लाख राजस्व और ₹1,005.02 लाख पूंजीगत आवंटन आया है। पशुपालन विभाग के लिए ₹2,497.84 लाख राजस्व व ₹4,486.66 लाख पूंजीगत, दुग्ध विकास विभाग के लिए ₹20,425.10 लाख राजस्व, मत्स्य विभाग के लिए ₹300.00 लाख राजस्व व ₹600.00 लाख पूंजीगत, तथा भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग को ₹200.00 लाख का राजस्व बजट मंजूर हुआ है।
इस अनुपूरक बजट में चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रभाग के लिए राजस्व मद में ₹10.00 लाख और पूंजीगत मद में ₹10.00 लाख (कुल ₹20.00 लाख) का प्रावधान किया गया है। एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसके अंतर्गत राजस्व मद में ₹1,10,000.00 लाख (₹1,100 करोड़) तथा पूंजीगत मद में ₹9,600.00 लाख (₹96 करोड़) आवंटित किए गए हैं। आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा प्रभाग के लिए राजस्व मद में ₹25.00 लाख और पूंजीगत मद में ₹2,300.00 लाख (₹23 करोड़) रखे गए हैं। इसके अलावा परिवार कल्याण प्रभाग के लिए राजस्व मद में ₹70,425.00 लाख (₹704.25 करोड़) तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाग के लिए राजस्व मद में ₹2,015.00 लाख (₹20.15 करोड़) और पूंजीगत मद में ₹4,050.00 लाख (₹40.50 करोड़) स्वीकृत किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-2027 के लिए पेश किए गए अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा क्षेत्र पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। औद्योगिक विकास एवं भारी उद्योगों को सबसे बड़ा हिस्सा दिया गया है, जिसके तहत भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹1,30,301.92 लाख का राजस्व खर्च और ₹20,90,588.00 लाख (लगभग ₹20,905.88 करोड़) का भारी-भरकम पूंजीगत बजट मंजूर किया गया है। इसके अलावा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को ₹1,502.79 लाख राजस्व और ₹12,500.00 लाख पूंजीगत मद में दिए गए हैं, जबकि मुद्रण तथा लेखन सामग्री के पूंजीगत कार्यों हेतु ₹2,350.00 लाख की व्यवस्था की गई है।
उर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा सदन में अपने विभाग के एजेंडा रख रहे हैं। उधर, सपा सदस्यों का हंगामा लगातार जारी है। वह सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
सदन में सीएम योगी आदित्यनाथ मौजूद हैं। सपा विधायकों का हंगामा जारी है। वह लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। सपा के सभी सदस्य वेल में मौजूद हैं। नारेबाजी कर रहे हैं कि 'चंदा चोर कहां मिलेंगे, बीजेपी के दफ्तर में' उनके जवाब में भाजपा सदस्य भी नारे लगा रहे हैं। भाजपा विधायकों ने कहा कि 'टोटी चोर कहां मिलेंगे, सपा के दफ्तर में'।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने अनुपूरक बजट पेश किया। 59019.54 करोड़ का बजट पेश किया गया। इसमें ऊर्जा के लिए 4722 करोड़, समाज कल्याण के लिए 1655 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे (Infra), जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए।
राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य एक साथ एक छतरी के नीचे बाहर निकले। दोनों उप मुख्यमंत्रियों की मुस्कराती हुई यह तस्वीर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है। तस्वीर ने साफ संदेश दिया कि सरकार के दोनों प्रमुख चेहरे पूरी एकजुटता के साथ हैं।
समाजवादी पार्टी से विधायक अतुल प्रधान ने कहा कि सरकार जितने बजट लेकर आई है, उसमें खर्च कितना किया। आज के बजट से कोई फर्क नहीं पड़ता। मुख्य्मंत्री ने कहा था दूध का दूध व पानी का पानी कर देंगे, पर आज तक नहीं पता चला क्या हुआ?
विधान परिषद पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत में हो या फिर दुनिया में कहीं भी, जो आतंकी हमले हो रहे हैं, वो मदरसा शिक्षा का ही प्रमाण हैं।
सदन में अनुपूरक बजट पेश करने से पहले कैबिनेट बैठक की जा रही है। इसमें कई प्रस्ताव पेश किए जाएंगे। विचार के बाद उन पर मुहर लगेगी।
विपक्ष के हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही 12.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सपा ने राम मंदिर चंदा चोरी पर चर्चा की मांग की। वेल में आकर हंगामा शुरू कर दिया।
सपा समेत विपक्ष के विधायक हाथों में तख्तियां लेकर विधानसभा पहुंचे हैं। इन पर शिक्षक भर्ती आरक्षण और नीट पेपर लीक समेत विभिन्न मुद्दों पर नारे लिखे गए हैं। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अनुपूरक बजट में नई योजनाओं के साथ चालू वित्तीय वर्ष में पहले से स्वीकृत योजनाओं को गति देने और अधूरी परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की व्यवस्था पर भी सरकार का जोर रहने की संभावना है। खासतौर पर अवस्थापना, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने की तैयारी है।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार के अनुपूरक बजट को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार अपना मूल बजट ही 30 से 50 प्रतिशत तक खर्च नहीं कर पाई, वह अब अनुपूरक बजट के नाम पर अपनी नाकामी छिपाने की कोशिश कर रही है।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जारी बयान में उन्होंने कहा कि प्रभु राम के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा को रामलला के दरबार में चढ़ावे को लेकर उठे सवालों और कथित गड़बड़ियों पर जवाब देना चाहिए। जब इन मामलों में जवाबदेही तय नहीं हो पाई, तो प्रदेश के खजाने की जवाबदेही पर जनता कैसे भरोसा करे।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार विकास से अधिक प्रचार और जवाबदेही से ज्यादा बहानों में विश्वास करती है। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश को अनुपूरक बजट नहीं, बल्कि ईमानदार नीयत और बेहतर वित्तीय प्रबंधन की जरूरत है।
इस वित्त वर्ष के पहले अनुपूरक बजट में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास से जुड़ी योजनाओं को खास तवज्जो मिलने जा रही है। इसके तहत मनरेगा और वीबी-ग्राम जी के लिए कुल 16402.46 करोड़ रुपये की अनुपूरक मांग रखी गई है। इसमें अकेले वीबी-ग्राम जी के लिए 13,902.46 करोड़ रुपये और मनरेगा सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
वीबी-ग्राम जी के तहत सबसे बड़ा प्रावधान सामग्री मद में 5,445.85 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा श्रमांश (अन्य) के लिए 4,609.37 करोड़ रुपये, अनुसूचित जाति श्रमांश के लिए 2,675.63 करोड़ रुपये, अनुसूचित जनजाति श्रमांश के लिए 133.78 करोड़ रुपये और प्रशासनिक मद में 1,037.83 करोड़ रुपये की अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित है। मनरेगा के लिए सामग्री मद में 2,500 करोड़ रुपये की मांग रखी गई है।