HMPV Virus in India News in Hindi: ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) इन दिनों दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कोरोना से अभी लोग ठीक से उबर भी नहीं पाए थे इसी बीच एचएमपीवी एक नया खतरा बनकर बढ़ने लगा है। सबसे पहले चीन से खबरें सामने आईं कि देश में इस वायरस के संक्रमण ने अस्पतालों और श्मशान में भीड़ बढ़ा दी है। संक्रमण के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे पाए जा रहे हैं। चीन के बाद एचएमपीवी का प्रसार अन्य देशों में भी होने लगा है। सोमवार (6 दिसंबर) को भारत में भी इस संक्रामक रोग का पहला मामला सामने आया।
अब तक इस वायरस को लेकर मिल रही जानकारियों के मुताबिक ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस काफी हद तक कोरोना वायरस से मिलता-जुलता है और इसके लक्षण भी कमोबेश एक जैसे ही हैं। कोरोना की तरह ही ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस भी श्वसन तंत्र को प्रभावित कर रहा है जिसके कारण लोगों को सर्दी-जुकाम और सांस से संबंधित जटिलताएं हो रही हैं।
भारत में संक्रमण के मामले सामने आने के बाद से लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संक्रामक रोग के क्या लक्षण हैं, किन लोगों को इसका खतरा है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है? आइए इन सबके बारे में लाइव अपडेट में विस्तार से जानते हैं।
(अस्वीकरण: इस लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।)
चीन से शुरू हुआ ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस का संक्रमण
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस वैसे तो कोई नया वायरस नहीं है। ये छह दशकों से अधिक समय से है और पिछले करीब 25 साल से इस बारे में वैज्ञानिकों को जानकारी है। चूंकि ये एक आरएनए वायरस है जो जिंदा रहने के लिए प्राकृतिक रूप से म्यूटेट होते रहते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक एचएमपीवी में भी नया म्यूटेशन हुआ है जिसकी वजह से चीन में संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़ने लगे।
मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में चीन के अस्पताल और श्मशान घाटों में भारी भीड़ देखी गई। इन खबरों ने सवाल खड़े कर दिए है कि क्या कोरोना की ही तरह चीन से एक और महामारी दुनियाभर में फैलने वाली है?
बढ़ रहा है संक्रमण
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इन देशों में भी फैल गया संक्रमण
अब तक प्राप्त जानकारियों के मुताबिक चीन से शुरू हुआ ये संक्रमण अमेरिका, मलेशिया और भारत भी पहुंच गया है।
मलेशिया में ये पहले भी रिपोर्ट किया जाता रहा है। साल 2024 में यहां संक्रमण के मामले पिछले वर्ष की तुलना में 45% अधिक देखे गए। 2024 में, कुल 327 लोगों को संक्रमित पाया गया ये संख्या 2023 में 225 थी। चीन के साथ साल 2025 में मेलिशिया में भी संक्रमण बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। बढ़ते खतरे को देखते हुए मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय को लोगों से सावधानी बरतते रहने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने मास्क पहनने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और इम्युनिटी मजबूत करने की सलाह दी है ताकि वायरल संक्रमण के जोखिम से बचा जा सके।
अमर उजाला से बातचीत में अमेरिका में प्रेक्टिस कर रहे डॉ डॉ रविंद्र गोडसे ने बताया कि यूएस में भी कई लोगों में संक्रमण की पहचान की गई है हालांकि हालात कंट्रोल में हैं। भारत में छह दिसंबर को कर्नाटक में पहला मामला सामने आया। इसके बाद गुजरात, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में भी संक्रमण रिपोर्ट किया गया।
काफी पुराना है ये वायरस
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60 साल से ज्यादा पुराना है वायरस
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस इन दिनों भले ही चर्चा का विषय बना हुआ है पर ये कोई नया वायरस नहीं है, बिल्कुल उसी तरह जैसे कोरोना था। 2019 के आखिरी महीनों में भले ही नोवेल कोरोना वायरस के मामले सामने आए और दुनियाभर में खूब तबाही मची पर इससे पहले ये 2002-03 में भी फैल चुका था। इसी तरह एचएमपीवी दुनियाभर में 60 साल से अधिक समय से है और पिछले करीब 25 साल से हम सभी इसके बारे में जानते हैं।
चीनी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (चीन सीडीसी) के अनुसार, एचएमपीवी न्यूमोविरिडे फैमिली और मेटान्यूमोवायरस जीनस से संबंधित है। इसे सबसे पहले डच वैज्ञानिकों ने खोजा था, जिन्होंने श्वसन संक्रमण से पीड़ित बच्चों के नासॉफरीन्जियल एस्पिरेट्स में इसकी पहचान की थी। साल 2018 में अनुमानतः इस संक्रामक रोग के कारण 11,300 लोगों की मौत हुई।
HMPV को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय सतर्क
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भारत में कहां-कहां रिपोर्ट किए गए मामले
6 दिसंबर को भारत में पहली बार एचएमपीवी संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। कर्नाटक के बाद तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र में भी संक्रमित और कुछ संदिग्धों की पहचान की गई है। नागपुर में एचएमपीवी के दो संदिग्ध मरीजों की पहचान की गई है। ये वायरस ज्यादातर 14 साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों को प्रभावित कर रहा है। भारत में सामने आए ज्यादातर मामले बच्चों में हैं।
देश में एचएमपीवी के मामले सामने आने के बाद से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट मोड पर है। इसे लेकर राज्यों को सतत निगरानी और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला ने देश में श्वसन संबंधी बीमारियों और सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के प्रबंधन की समीक्षा की। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को आश्वसत किया है इस संक्रमण को लेकर डरने या घबराने की जरूरत नहीं है।
संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर ने दी लक्षणों के बारे में जानकारी
अमर उजाला ने अमेरिकी फिजिशियन डॉ रविंद्र गोडसे से बातचीत की। डॉ रविंद्र अमेरिका में एचएमपीवी संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि ये बहुत गंभीर रोग वाला वायरस नहीं है। इससे ज्यादातर संक्रमितों में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं, कुछ लोगों में इसके कारण अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के मामले जरूर ट्रिगर हो सकते हैं। ये वायरस ज्यादातर कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों या फिर कमजोर इम्युनिटी वालों को अपना शिकार बना रहा है।
संक्रमण से बचाव के लिए क्या करें?
डॉक्टर रविंद्र कहते हैं, भारत में न तो इससे बहुत ज्यादा खतरा है और न ही इससे बचाव के लिए कोई बहुत खास उपाय की आवश्यकता है।
श्वसन संक्रामक रोगों से बचाव के लिए कोविड में जो उपाय किए जाते रहे थे (जैसे हाथों की स्वच्छता और इम्युनिटी बढ़ाने के प्रयास) वही काफी हैं। जिन लोगों को पहले से कोमोरबिडिटी है या किसी गंभीर रोग का शिकार रहे हैं जिसने इम्युनिटी बहुत बिगाड़ दिया है उन्हें मास्क लगाने और सामाजिक दूर का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।
कैसे फैलता है ये संक्रमण?
सीडीसी के अनुसार, अमेरिका में, एचएमपीवी अलग-अलग मौसमों में फैलता रहता है। सर्दियों में इसका खतरा अधिक देखा जाता रहा है। एचएमपीवी संक्रामक रोग है और संक्रमित व्यक्ति से दूसरों में आसानी से फैलता है। इन माध्यमों से संक्रमण का प्रसार हो सकता है।
- खांसने और छींकने से निकलने वाले ड्रॉपलेट्स।
- ऐसी वस्तुओं या सतहों को छूना जिन पर वायरस हो
- मुंह, नाक या आंखों को छूना।
घबराएं नहीं, ज्यादातर संक्रमित आसानी से हो रहे हैं ठीक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोई नया और शक्तिशाली वायरस नहीं है।
तमिलनाडु के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री मा सुब्रमण्यम ने कहा राज्य में संक्रमित पाए गए दोनों व्यक्ति ठीक हैं।”उनमें से एक 69 वर्षीय व्यक्ति है जो कैंसर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित है, जबकि दूसरा लगभग 45 वर्ष का है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जिन अन्य लोगों को ये संक्रमण हो रहा है वो आसानी से ठीक हो रहे हैं, इसलिए ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।
भारत में HMPV के मामले
ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले बढ़ रहे हैं। मंगलवार को महाराष्ट्र के नागपुर में बच्चे संक्रमित मिले हैं। वहीं कर्नाटक और तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी केस सामने आए थे।
हिमाचल प्रदेश में आरटीपीसीआर टेस्ट शुरू
हयूमन मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) के देश में मामले सामने आने के बाद हिमाचल प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है। सरकार के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में सर्दी, खांसी, बुखार और कफ के गंभीर लक्षण वाले मरीजों के आरटीपीसीआर टेस्ट करवाने को कहा है। साथ ही विशेष लैब शुरू करने की तैयारी है, जिसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं होने पर अन्य टेस्ट होंगे।
क्या फिर बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति?
अमर उजाला से बातचीत में अमेरिका में एचएमपीवी संक्रमितों का इलाज कर रहे फिजिशियन डॉ रविंद्र गोडसे कहते हैं, चीन की स्थिति को देखकर लोगों को भले ही डर लग रहा हो, वहां काफी तेजी से संक्रमण के मामले बढ़े हैं, पर वहां की स्थिति काफी अलग है जिसकी अन्य देशों से तुलना नहीं की जानी चाहिए।
चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के बढ़ने और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने का मुख्य कारण वहां कोविड के दौरान लागू की गई 'जीरो-कोविड पॉलिसी' है। वहां मार्च 2020 में लॉकडाउन लगा जो बड़ी सख्ती के साथ दिसंबर 2023 तक चलता रहा। इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चे न तो स्कूल गए, न ही उनका दूसरे लोगों से मिलना-जुलना या संपर्क ज्यादा हुआ। यही वजह रही कि ऐसे बच्चों में प्राकृतिक इम्युनिटी विकसित ही नहीं हो पाई। इस वजह से वहां बच्चे इन नए म्यूटेटेड वायरस से अधिक प्रभावित देखे जा रहे हैं।
जबकि अन्य देशों में बच्चों में श्वसन रोगों को लेकर हर्ड इम्युनिटी बन चुकी है, ऐसे में और कहीं चीन जैसे हालात होंगे इसकी आशंका कम है। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के कारण लॉकडाउन की आशंका नहीं है।
यूके में HMPV के मामले बढ़ रहे
हाल में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक,ब्रिटेन में HMPV के मामलों में दोगुना इजाफा हुआ है। यूके स्वास्थ्य विशेषज्ञ चीनी अधिकारियों से इस वायरस के फैलने से संबंधित अहम जानकारी साझा करने का अनुरोध कर रहे हैं ताकि वैश्विक स्तर पर इसे नियंत्रित किया जा सके।
HMPV के बढ़ रहे मामले, क्या फिर से लगेगा Lockdown?