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HMPV: क्या फिर बनेंगे कोरोना जैसे हालात, लगेगा लॉकडाउन? डॉक्टर ने दी सारी जानकारी

Tue, 07 Jan 2025 07:44 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

चीन से शुरू हुआ संक्रमण यूएस-मलेशिया के बाद अब भारत में भी पहुंच गया है। छह दिसंबर (सोमवार) को सबसे पहले कर्नाटक में संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट किया गया। 24 घंटे के भीतर ही ये तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र में भी पहुंच गया।
क्या एचएमपीवी के कारण कोरोना की तरह लॉकडाउन जैसे हालात होने वाले हैं?
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चीन एचएमपीवी वायरस - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) देखते ही देखते कई देशों में फैलता जा रहा है। चीन से शुरू हुआ संक्रमण यूएस-मलेशिया के बाद अब भारत में भी पहुंच गया है। छह दिसंबर (सोमवार) को सबसे पहले कर्नाटक में संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट किया गया। 24 घंटे के भीतर ही ये तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र में भी पहुंच गया। जिस गति से एचएमपीवी बढ़ रहा है उसने लोगों को ये सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या कोरोना के बाद अब एचएमपीवी के कारण एक बार फिर से हालात बिगड़ने वाले हैं?

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ये सवाल इसलिए भी मजबूत हो जाता है क्योंकि चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस संक्रमण को लेकर जो खबरें और वीडियो सामने आए उसमें अस्पतालों-श्मशान घाटों पर उसी तरह की भीड़ देखी गई जैसे कोरोना की दूसरी लहर के समय था। इसके अलावा मलेशिया में वैसे तो ये संक्रमण काफी पहले से है हालांकि साल 2024 में पिछले साल की तुलना में यहां संक्रमण के मामलों में 45 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है। 

इन रिपोर्ट्स ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या फिर एक बार कोरोना जैसे हालात बन रहे हैं? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं।

(ये भी पढ़ें- चीन वाले खतरनाक वायरस की भारत में एंट्री, अमेरिकी डॉक्टर से जानिए आप कैसे रहें सुरक्षित)

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ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) - फोटो : Adobe stock
चीन के बाद मलेशिया, अमेरिका और भारत में भी पहुंच गया संक्रमण

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के बाद अब ये वायरस कई अन्य देशों में भी फैल गया है।
 
स्ट्रेट टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मलेशिया में 2024 में 327 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में 225 मामलों से 45% अधिक है। मलेशियाई स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों से बार-बार हाथ धोने, मास्क पहनने और खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को ढकने जैसे निवारक उपाय करने का आग्रह किया है।

अमर उजाला से बातचीत में अमेरिका में एचएमपीवी संक्रमितों का इलाज कर रहे फिजिशियन डॉ रविंद्र गोडसे ने बताया कि अमेरिका में कुछ लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है हालांकि ज्यादातर लोग आसानी से ठीक हो रहे हैं इसलिए ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।


देश में बढ़ते संक्रमण ने डराया, कैसे हैं इसके लक्षण-किन लोगों को खतरा; यहां जानिए सारे अपडेट

संक्रमितों को सर्दी-जुकाम की समस्या - फोटो : Freepik.com
कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण पर कोरोना जैसा नहीं

कोरोना के मामले भले ही अब काफी कंट्रोल में हैं पर दूसरी लहर के दौरान की स्थितियां अब भी लोगों के मन में बसी हुई हैं। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के लक्षण और जटिलताएं चूंकि काफी हद तक कोरोना से मिलते-जुलते हैं इसलिए एक बार फिर से लोगों में डर देखा जा रहा है।

हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी लोगों को आश्वसत किया है कि एचएमपीवी से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। ये श्वसन तंत्र को भले ही प्रभावित करने वाली समस्या है पर इसके कारण कोरोना जैसी गंभीरता का खतरा नहीं है।

एचएमपीवी के ज्यादातर संक्रमितों में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं, कुछ लोगों में इसके कारण अस्थमा या ब्रोंकाइटिस के मामले जरूर ट्रिगर हो सकते हैं। कोरोना संक्रमण की स्थिति में भी लक्षण इसी से मिलते-जुलते देखे गए थे।

लॉकडाउन की स्थिति? - फोटो : Adobe stock
क्या फिर बनेगी लॉकडाउन जैसी स्थिति?

डॉक्टर कहते हैं, चीन की स्थिति को देखकर लोगों को भले ही डर लग रहा हो, वहां काफी तेजी से संक्रमण के मामले बढ़े हैं, पर वहां की स्थिति काफी अलग है जिसकी अन्य देशों से तुलना नहीं की जानी चाहिए।

चीन में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के बढ़ने और बड़ी संख्या में लोगों को प्रभावित करने का मुख्य कारण वहां कोविड के दौरान लागू की गई 'जीरो-कोविड पॉलिसी' है। वहां मार्च 2020 में लॉकडाउन लगा जो बड़ी सख्ती के साथ दिसंबर 2023 तक चलता रहा। इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चे न तो स्कूल गए, न ही उनका दूसरे लोगों से मिलना-जुलना या संपर्क ज्यादा हुआ। यही वजह रही कि ऐसे बच्चों में प्राकृतिक इम्युनिटी विकसित ही नहीं हो पाई। इस वजह से वहां बच्चे इन नए म्यूटेटेड वायरस से अधिक प्रभावित देखे जा रहे हैं।

जबकि अन्य देशों में बच्चों में श्वसन रोगों को लेकर हर्ड इम्युनिटी बन चुकी है, ऐसे में और कहीं चीन जैसे हालात होंगे इसकी आशंका कम है। ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस के कारण लॉकडाउन की आशंका नहीं है।
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संक्रमण से बचाव - फोटो : Freepik.com
इस वायरस से कितना डरने की जरूरत?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भारत में न तो एचएमपीवी का ज्यादा खतरा है और न ही इससे बचाव के लिए कोई बहुत खास उपाय की आवश्यकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने संक्रमण से बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता, सतहों को छूने से बचने और इम्युनिटी बढ़ाने के प्रयास करने की सलाह दी है। जिन लोगों को पहले से कोमोरबिडिटी है या किसी गंभीर रोग का शिकार रहे हैं जिसने इम्युनिटी बहुत बिगाड़ दिया है उन्हें मास्क लगाने और सामाजिक दूर का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है।



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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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