डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर जानकारी दी कि वे चिशोती (किश्तवाड़) में बादल फटने की घटना वाले स्थल के लिए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से रवाना हुए थे, लेकिन खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के चलते हेलिकॉप्टर एक घंटे की उड़ान के बाद वापस लौट आया। इसके तुरंत बाद उन्होंने सड़क मार्ग से प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना होने का फैसला लिया, ताकि जल्द से जल्द राहत कार्यों की निगरानी कर सकें।
फारूक अब्दुल्ला बोले- वहां 500 से ज्यादा लोगों के दबे होने की आशंका
नेकां प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि मुझे लगता है कि किश्तवाड़ में 500 से ज़्यादा लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं। अभी कुछ स्पष्ट पता नहीं है। मैंने वहां के लोगों से बात की है।
तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी
राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने ट्वीट कर कहा है कि, 14 अगस्त को किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) के चिशोती गांव में बादल फटने की घटना हुई। एनडीआरएफ की दो टीमें केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के साथ मिलकर खोज एवं बचाव अभियान में शामिल हुईं। तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है।
एक पीड़ित ने बताया कि हम वहीं थे... अचानक एक धमाके जैसी आवाज आई और बादल फटने के बाद हम वहां से निकलने लगे। लेकिन 2 मिनट के अंदर ही वहां 4 फीट मलबा आ गया। हम कुछ लोगों को बचा पाए, लेकिन कुछ लोग फंस गए। हम 11 लोग थे, हम सुरक्षित हैं, लेकिन मेरी बेटी और मेरी पत्नी मलबे में फंस गए थे, और अब उनकी हालत स्थिर है।
बचाए जाने के बाद किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ के एक पीड़िता ने कहा कि जब बादल फटा, तो हम उड़ गए और मैं एक कार के नीचे फंस गई... मेरी मां एक बिजली के खंभे के नीचे फंस गई। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की और सेना और सीआरपीएफ के वाहन तुरंत पहुंच गए।
किश्तवाड़ में अचानक आई बाढ़ से बचाए जाने के बाद एक पीड़ित ने कहा कि बहुत से लोग मारे गए और कई घायल हो गए। मैं पानी के बीच थी जब एक पुलिसकर्मी ने मेरी मदद की और मुझे अस्पताल पहुंचाया। मेरी बहन अभी लापता है।
उत्तराखंड के धराली में प्रकृति के प्रकोप से लोग अभी उबरे भी नहीं थे कि अब जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भयानक तबाही मच गई है। किश्तवाड़ के चिशोती कस्बे में बृहस्पतिवार को चार जगह बादल फटने से कम से कम 52 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें अधिकतर मचैल माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु हैं। सीआईएसएफ के दो जवान भी बलिदान हुए हैं। 120 से ज्यादा घायल हैं। कई लोग मलबे में दबे हैं, जिससे हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है। करीब 200 लोग लापता हैं। यह तबाही धराली हादसे के नौ दिन बाद हुई है। सेना, वायुसेना, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और पुलिस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक 167 लोगों को बचाया गया है। इनमें से 38 की हालत गंभीर है। मौसम खराब होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है।
एडिशनल एसपी प्रदीप सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस, एसडीआरएफ, अग्निशमन सेवाएं, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ और सेना सहित केंद्रीय बल बचाव अभियान चला रहे हैं। 45 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक घायलों को (इलाज के लिए) स्थानांतरित किया गया है। कई लोगों के अभी भी लापता होने की आशंका है। जैसे ही और लापता लोगों या शवों के मिलने की जानकारी मिलेगी, हम अपडेट करेंगे। एम्बुलेंस और स्थानीय लोग भी बचाव अभियान के लिए पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रहे हैं। 8-10 मृतकों की पहचान हो गई है और पहचान की प्रक्रिया जारी है।
लगातार बारिश के बाद पुंछ नदी में उफान पर आने के बाद भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने निचले इलाकों से फंसी महिलाओं को बचाया।
डीडीसी चेयरपर्सन किश्तवाड़ पूजा ठाकुर ने चिशौती बादल फटने की घटना पर जानकारी देते हुए बताया कि करीब 100 से अधिक घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए प्रशासन की तत्परता की सराहना की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
राहत और बचाव कार्य जारी है। अब तक 50 से अधिक शव बरामद किए गए हैं। प्रशासन, पुलिस, सेना और बचाव दल प्रभावित इलाकों में लगातार खोज और राहत कार्य में लगे हुए हैं। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, वहीं घायलों को तुरंत अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
अब तक 36 शवों को अथोली पहुंचाया गया है, जबकि कुछ शव अभी भी चिशौती में ही फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ उपायुक्त से की बात
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक सुनील कुमार शर्मा से तत्काल संदेश मिलने के बाद अभी-अभी किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा से बात की। चोसिटी क्षेत्र में भीषण बादल फटा है, जिससे बड़ी जनहानि हो सकती है। प्रशासन तुरंत कार्रवाई में जुट गया है, बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हो गया है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक बचाव एवं चिकित्सा प्रबंधन की व्यवस्था की जा रही है।
उप राज्यपाल ने जताया दुख
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल कार्यालय ने ट्वीट किया है कि "चिशौती किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना से व्यथित हूं। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। सिविल, पुलिस, सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अधिकारियों को बचाव और राहत अभियान को मजबूत करने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।"
राष्ट्रपति ने हादसे पर जताया दुख
'जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्य में सफलता की कामना करती हूं।'
विपक्ष के नेता ने घटनास्थल का किया दौरा
विपक्ष के नेता सुनील कुमार शर्मा और स्थानीय विधायक ने घटनास्थल का दौरा किया है और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन स्थिति का जायजा लेने में जुटा हुआ है।
जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमों ने बड़े पैमाने पर शुरू किया राहत-बचाव कार्य
जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। दोनों पुल, लकड़ी का पुल और पीएमजीएसवाई पुल, क्षतिग्रस्त हो गए हैं। किश्तवाड़ के उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि चशोती इलाके में अचानक बाढ़ आ गई है, जो मचैल माता यात्रा का प्रारंभिक बिंदु है। बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चिशौती गांव में बादल फटने की घटना सामने आई है, जिसमें जान-माल की क्षति की आशंका है। यह घटना मछेल माता यात्रा के मार्ग पर स्थित पदर उपखंड में हुई है। बचाव कार्य जारी है। प्रशासन ने स्थिति का जायजा लेने के लिए टीमों को भेजा है।