केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पेपर लीक के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
संसद के मानसून सत्र में सरकार ने राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। विपक्ष की नारेबाजी के बीच यह विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' में किसी भी तरह की रुकावट डालने या उसका अपमान करने को अपराध की श्रेणी में लाना है। यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में बदलाव करेगा। इस कानून में देश के राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान या अनादर करना अपराध माना गया है।
इन राष्ट्रीय प्रतीकों में राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान शामिल हैं। मौजूदा कानून के तहत ऐसे अपराध के लिए दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
विपक्ष के नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्षी सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। अब लोकसभा की अगली बैठक 27 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे होगी।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मैंने आज एक बार फिर केसी वेणुगोपाल जी से अनुरोध किया है कि जब हम सभी इस बात से सहमत हैं कि नीट पर चर्चा होनी चाहिए, तो हमें चर्चा करनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिया है। सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है और चर्चा की मांग की है। अगर हम चर्चा नहीं करेंगे तो देश में सही संदेश नहीं जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन में शामिल हुए।
#WATCH | Congress President and LoP Rajya Sabha Mallikarjun Kharge joins all Opposition MPs in their protest demanding the resignation of Union Education Minister Dharmendra Pradhan pic.twitter.com/ZpzPs3X7Hp
— ANI (@ANI) July 24, 2026
संसद सत्र के पांचवें दिन 12 बजे दोबारा संसद की कार्यवाही शुरू होते ही राज्यसभा 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद के मानसून सत्र के पांचवें दिन भी विपक्ष ने राज्यसभा में जोरदार हंगामा किया। पेपर लीक के मुद्दे पर हंगामे के चलते उच्च सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया है।
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने देश के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान और अटूट साहस को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
#MonsoonSession2026
— SansadTV (@sansad_tv) July 24, 2026
Rajya Sabha Chairman @CPR_VP pays tribute to the brave heroes of the Kargil War, honouring their supreme sacrifice and unwavering courage on the occasion of Kargil Vijay Diwas. #KargilVijayDiwas #RajyaSabha #IndianArmedForces #Tribute @VPIndia pic.twitter.com/sv9APi5vUa
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर कारगिल युद्ध के वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान और अदम्य साहस को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
नीट पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो चुकी है। लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वह छात्रों को न्याय दिलाने और उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर बताया कि उन्होंने और जेपी नड्डा ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की और छात्रों की चिंताओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।
जितेंद्र सिंह ने लिखा, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में सोनम जी से मुलाकात की और छात्रों की चिंताओं पर विस्तार से चर्चा की। सरकार की ओर से रचनात्मक बातचीत और सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिया गया, जिसके बाद सोनम ने अपना अनशन खत्म करने का फैसला किया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और उनके भविष्य से समझौता करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों से मिले आश्वासन के बाद 26 दिन का अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्हें भरोसा दिया गया कि देश की परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही से जुड़े मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।
विपक्ष सांसद संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि नीट-यूजी पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर लाठीचार्ज को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दें।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ने शांतिपूर्ण छात्र प्रदर्शनों का सामना 'कायरता और बेवजह की कठोरता' से किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश के युवाओं को भविष्य के उत्तराधिकारी मानने के बजाय 'देश के दुश्मन' की तरह देखा है।
द हिंदू में लिखे एक लेख में सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार से छात्रों पर पुलिस कार्रवाई रोकने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये हमारे बेटे-बेटियां हैं, हमारे युवा हैं। लेख में 20 जुलाई को संसद तक निकाले गए मार्च का जिक्र करते हुए इसे 'बदनामी का दिन' बताया गया।
इसमें आरोप लगाया गया कि दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जिसमें कई लोग घायल हुए। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो अपने घर लौट रहे थे। लेख में सरकार से कार्रवाई रोकने और छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने की मांग की गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को लेकर हमला बोला। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री संसद में बयान दें, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाएं और इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से माफी मांगें।
खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के बाहर बयान देने के बजाय संसद में अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को सदन के पटल पर बयान देना चाहिए, न कि रात में वीडियो रिकॉर्ड करके संसद के बाहर एकतरफा मन की बात करनी चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा, नरेंद्र मोदी जी, आज संसद आने से पहले धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर आइए। सबसे पहले छात्रों से माफी मांगिए और उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कीजिए, जिन्होंने छात्रों की आवाज दबाने के लिए लाठी, डंडे और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया। इसके बाद हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार हैं।
खरगे की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रधानमंत्री ने यह भी बताया था कि केंद्रीय मंत्रिमंडल एक ऐसे विधेयक के मसौदे पर विचार करेगा, जिसमें तेज सुनवाई वाली अदालतों (फास्ट ट्रैक कोर्ट) और दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान होगा।
इंडिया ब्लॉक के विपक्षी सांसद आज सुबह साढ़े 10 बजे संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे नीट-यूजी पेपर लीक विवाद को लेकर अपना आंदोलन जारी रखेंगे। इस मुद्दे के कारण संसद का मानसून सत्र काफी हद तक रुका हुआ है।
गुरुवार को एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसदों के बीच हुए आमने-सामने के टकराव के बाद यह प्रदर्शन हो रहा है। गुरुवार को दोनों पक्षों ने मकर द्वार पर एक ही समय पर प्रदर्शन किया था। विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं, एनडीए ने आरोप लगाया है कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे पर बहस नहीं होने दे रहा है।
कांग्रेस ने एक्स पर एक पोस्ट के जरिये विपक्ष की तीन मांगें बताईं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी शामिल है। कांग्रेस ने लिखा, देश के युवाओं की तीन मांगें हैं, जिन्हें पूरा किया जाना चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए, छात्रों के खिलाफ हिंसा करने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए और नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।