आप प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज सौरभा भारद्वाज ने कहा कि हम चुनाव करवाना चाहते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बीजेपी अभी भी हंगामा कर रही है और चुनाव नहीं होने दे रही। पर जब तक चुनाव नहीं होता, हाउस चलता रहेगा।
मेयर ने कहा शांति से वोटिंग होने दें, जो पार्षद हंगामा करेगा उसे सदन से बाहर कर दिया जाएगा। मेयर ने कहा कि सुबह मोबाइल नहीं लेकर जाने का फैसला किए जाने से न जाने कितने लोगों की डिग्निटी हर्ट हुई, इसलिए उन्होंने मोबाइल लेकर जाने की अनुमति दी है।
भाजपा पार्षदों का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के पार्षद वोट देने के बाद बैलेट की फोटो खींच रहे हैं।
स्थाई समिति के छह सदस्यों का चुनाव डेढ घंटे में पूरा होगा। बैलेट पेपर पर मोहर नहीं लगाई जाएगी, केवल 1, 2, 3 प्रिफरेंस देकर वोटिंग करनी है। मेयर ने कहा कि वोटिंग के दौरान मोबाइल लेकर जाने की अनुमति होगी। वार्ड 1-6 को वोटिंग के लिए बुलाया गया।
सदन में केवल भाजपा के पार्षद बचे हैं, मेयर का चुनाव होते ही आम आदमी पार्टी के पार्षद सदन से चले गए। भाजपा के पार्षदों ने सदन में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू किया।
डिप्टी मेयर के चुनाव का परिणाम आने के बाद मेयर ने सदन को एक घंटे के लिए स्थगित कर दिया है।
आम आदमी पार्टी के आले मोहम्मद इकबाल डिप्टी मेयर बने। उन्होंने भाजपा के कमल बागड़ी को हराया।
उप महापौर के लिए वोटिंग कंप्लीट हो गई है और काउंटिंग शुरू कर दी गई है।
आप पार्षद शैली ओबरॉय ने मेयर पद का चुनाव जीता। शैली ओबरॉय को 150 और भाजपा की रेखा गुप्ता 116 वोट मिले हैं।
सदन में मतों की गणना जारी है और आप पार्षद शैली ओबरॉय ने इस बीच एक बार विक्टरी साइन दिखाया जिसके बाद पार्टी के सभी पार्षद सदन में खुशी से शोर मचाने लगे।
पीठासीन अधिकारी ने निगम सचिव भगवान सिंह और निगम के अन्य अधिकारियों को काउंटिंग के लिए बुलाया, खोले जा रहे बॉक्स।
मेयर चुनाव की वोटिंग पूरी। इसमें वार्ड 47, 188, 189, 213, 227, 234, 245, 186 के पार्षदों ने वोट नहीं किया। यह सभी कांग्रेस के पार्षद हैं।
वार्ड 246 से 250 के पार्षदों को वोट देने के लिए बुलाया गया। इसके बाद वोटों की गिनती शुरू होगी।
कुछ देर विचार के बाद पीठासीन अधिकारी ने डिप्टी मेयर का भी चुनाव शुरू कराया। गौरतलब है कि मुकेश गोयल सदन में सबसे वरिष्ठ पार्षद हैं ऐसे में पीठासीन अधिकारी ने उनकी बात मान ली।
सांसद मनोज तिवारी वोट देने के लिए पहुंचे और दोपहर लगभग 12.45 बजे वोट देकर बाहर निकले।
कांग्रेस के नौ पार्षद किसे वोट देंगे इसे लेकर अब भी संशय बरकरार है। मतदान बिल्कुल शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है।
वार्ड नंबर 40 से 50 तक पार्षदों को वोटिंग के लिए बुलाया गया उम्मीद है कि दोपहर 2:00 बजे तक मेयर का चुनाव संपन्न हो जाएगा। वहीं सांसद सांसद गौतम गंभीर भी वोट डाल चुके हैं।
वार्ड संख्या 21 से 25 तक के पार्षदों को वोटिंग के लिए बुलाया गया।
वहीं सांसदों में मनोज तिवारी और गौतम गंभीर अभी नहीं पहुंचे हैं। अन्य सभी सांसद वोट डाल चुके हैं।
वार्ड एक से पांच तक के पार्षदों को वोट देने के लिए बुलाया गया। वार्ड संख्या 1 पार्षद श्वेता खत्री ने वोट डाला।
पार्षद श्वेता निगम की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें पहले वोट देने की अनुमति देने की अपील की गई है।
पार्षद तलाशी कराने के बाद वोट करने बैलेट बॉक्स की ओर जाएंगे। सभी सांसद जिसमें सात लोकसभा और तीन राज्यसभा सांसद हैं, उनका नाम लेकर उपस्थिति दर्ज की गई। सांसदों का मतदान शुरू होते ही सबसे पहले मीनाक्षी लेखी ने वोट दिया।
पीठासीन अधिकारी ने सबसे पहले मेयर के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने का आह्वान किया। आप की शैली ओबरॉय और भाजपा की रेखा गुप्ता मेयर चुनाव की प्रत्याशी हैं। वोटिंग करने के दौरान किसी भी सदस्य के पास मोबाइल फोन नहीं होगा। साथ में पेन भी लेकर जाने की अनुमति नहीं है।
सदन में आम आदमी पार्टी और भाजपा के पार्षद मौजूद हैं और सभी पीठासीन अधिकारी का इंतजार कर रहे हैं।
मेयर के चुनाव में कुल 274 वोट हैं। इसमें 250 निर्वाचित पार्षद, सात लोकसभा व तीन राज्यसभा सांसद और 14 विधायक शामिल हैं। निगम के सदन में वोटिंग के लिए दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष ने आप के 13 और भाजपा के एक विधायक को मनोनीत किया है। वोटों के खेल में आप भाजपा से आगे दिख रही है। आप के पास 150 वोट हैं, जबकि भाजपा के पास 113 वोट हैं। मेयर चुनाव से पहले मुंडका वार्ड से निर्दलीय चुनाव जीते गजेंद्र दराल भाजपा में आ गए थे। मेयर चुनाव के लिए शैली ओबरॉय आप और रेखा गुप्ता भाजपा की प्रत्याशी हैं।
एमसीडी के 250 वार्डों के चुनाव चार दिसंबर को हुए थे। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिला था और पार्टी ने 134 वार्डों में जीत हासिल की थी। भाजपा ने 104 वार्ड जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया था, जबकि कांग्रेस ने नौ सीटों पर जीत हासिल की थी। तीन निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी।
मेयर चुनाव के लिए अब तक छह जनवरी, 24 जनवरी और छह फरवरी को सदन की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन तीनों बार सदन में हंगामे के कारण मेयर का चुनाव नहीं हो पाया। इसके कारण बीते दो महीने में आम आदमी पार्टी और भाजपा के बीच राजनीतिक कलह बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
डीएमसी अधिनियम 1957 के मुताबिक एमसीडी के चुनाव के बाद सदन की पहली बैठक में ही मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना चाहिए, लेकिन निगम चुनाव को दो महीने से अधिक समय बीत चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने आम आदमी पार्टी की मेयर पद की उम्मीदवार शैली ओबरॉय की याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था। कोर्ट ने आदेश दिए हैं कि सदन की इस बैठक में ही मेयर का चुनाव कराए जाए। साथ ही यह भी कहा था कि एमसीडी के लिए एलजी द्वारा नामित सदस्य महापौर के चुनाव के लिए मतदान नहीं कर सकते।