फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarkashi Tunnel Rescue Live: बाधाओं के बीच बचाव अभियान जारी,अब वर्टिकल ड्रिलिंग की तैयारियां तेज

Sat, 25 Nov 2023 09:22 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, सिलक्यारा (उत्तरकाशी)

खास बातें

Uttarkashi Tunnel Collapse Rescue Operation News Today Live: दिवाली के दिन से उत्तरकाशी की निर्माणाधीन सुरंग में कैद 41 श्रमिक बाहर निकले की उम्मीद लगाए हैं। उन्हें बाहर निकालने की पूरी कोशिशें हो रही हैं लेकिन हर बार मशीन के आगे बाधा आ रही है। रेस्क्यू का आज 14वां दिन है। यहां पढ़ें हर पल का अपडेट...
विज्ञापन
विज्ञापन

लाइव अपडेट

10:49 PM, 25-Nov-2023

कल से शुरू हो सकता है वर्टिकल ड्रिलिंग का काम

सरियों में फंसे ऑगर मशीन के ब्लेड को काटने का काम लगातार जारी है। इस काम में हैदराबाद से प्लाज्मा कटर पहुंचने के बाद तेजी आने की उम्मीद है। वहीं, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब कल से वर्टिकल ड्रिलिंग का काम शुरू किया जा सकता है।

09:21 PM, 25-Nov-2023

सुरंग के ऊपर से ड्रिलिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। आज शाम तक सुरंग के ऊपर मशीन को पहाड़ पर पहुंचाए जाने का काम शुरू किया गया। मशीन का एक पार्ट पहुंचा दिया गया है। जबकि मशीन का एक अन्य महत्वपूर्ण पार्ट जिससे ड्रिलिंग होती है, वह पहुंचाया जाना बाकी है। टीम का कहना है कि काम जारी है जल्द ही दूसरा पार्ट भी पहुंचा दिया जाएगा।

08:40 PM, 25-Nov-2023

वर्टिकल ड्रिलिंग की तैयारियां, मैन्युअल काम पर भी जोर

सिलक्यारा सुरंग के अंदर ऑगर मशीन से बचाव अभियान को झटका लगने के बाद अब सुरंग के ऊपर से वर्टिकल ड्रिलिंग की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके लिए शनिवार को ड्रिलिंग मशीन को पहाड़ी पर चढ़ाया गया। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभी भी बचाव दल का जोर सुरंग के अंदर ही मैन्युअल ड्रिलिंग शुरू करने पर है।

विज्ञापन
08:32 PM, 25-Nov-2023

हैदराबाद से मशीन मंगाई

बचाव अभियान को और मजबूत बनाने के लिए मशीन मंगाने का सिलसिला जारी है। इस कड़ी में हैदराबाद से एक और ड्रिल मशीन मंगाई जा रही है। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अभियान को परवान चढ़ाने के लिए ये मशीन मंगाई गई है।

07:38 PM, 25-Nov-2023

सुरंग में दी जाएगी लैंडलाइन सेवा

बीएसएनएल के कर्मचारी कुंदन ने बताया कि सरकार के निर्देश पर सुरंग के पास एक लैंडलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिससे श्रमिकों के परिजन उनसे बात कर सकें। इसके लिए तार बिछाने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही लैंडलाइन फोन भेज दिया जाएगा।

विज्ञापन
07:32 PM, 25-Nov-2023

राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम ने निर्माणाधीन सिल्कयारा-बारकोट सुरंग में भूस्खलन और 41 मजदूरों के अंदर फंसे होने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रधानमंत्री से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र को ध्यान में रखते हुए विकासात्मक गतिविधियां की जाएं।

07:03 PM, 25-Nov-2023

जनरल वीके सिंह सिल्कयारा सुरंग स्थल पहुंचे

केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह (सेवानिवृत्त) देर शाम सिल्कयारा सुरंग स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान के बारे में जानकारी ली।

06:36 PM, 25-Nov-2023

सुरंग के मुहाने पर रिसने लगा पानी

सिलक्यारा की जिस सुरंग में 14 दिन से मजदूर फंसे हैं, उसके प्रवेश द्वार पर रिस रहे पानी ने सबकी चिंताएं बढ़ा दीं। शनिवार को पानी टपकने लगा। हालांकि, अधिकारी इसे सामान्य घटना मान रहे हैं।

05:51 PM, 25-Nov-2023

वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए सुरंग के ऊपर पहुंचाईं मशीनें

सुरंग में ऑगर ड्रिलिंग बंद हो गई है। इसके बाद अब सुरंग के ऊपर वर्टिकल ड्रिलिंग के लिए मशीनें चढ़ना शुरू हो गई हैं। ऑगर मशीन में बरमे के ब्लेडों को काटकर निकालने के लिए हैदराबाद से प्लाज्मा कटर मंगाया गया है। जिसके पहुंचने का इंतजार है।

04:57 PM, 25-Nov-2023

सुरंग के बाहर से लेकर भीतर निराशा का माहौल

शनिवार को सुरंग के अंदर से लेकर बाहर तक निराशा का माहौल रहा। सुरंग में फंसे वीरेंद्र की भाभी सुनीता ने कहा कि अब वीरेंद्र हताश हो रहा है। वह हमसे रोजाना पूछता है कि हम कब बाहर आएंगे। यहां सब लोग परेशान हैं।

04:17 PM, 25-Nov-2023

यह युद्ध जैसी स्थिति- सैयद अता हसनैन

एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कहा कि 'मुझे लगता है कि हर किसी का ध्यान इस पर है कि यह ऑपरेशन कब खत्म होगा, लेकिन आपको यह देखने की जरूरत है कि यह ऑपरेशन और भी जटिल होता जा रहा है। हमने आपको कभी समयरेखा नहीं दी है। मैंने अनुभव किया है कि जब आप पहाड़ों के साथ कुछ करते हैं, तो आप कुछ भी भविष्यवाणी नहीं कर सकते। यह बिल्कुल युद्ध जैसी स्थिति है।

03:51 PM, 25-Nov-2023

मलबे से बरमे का 25 मीटर हिस्सा निकालना बाकी

ऑगर मशीन का बरमा फंसने के बाद उसे काटकर निकालने का काम जारी है। मशीन के बरमे का 45 मीटर हिस्सा फंसा था। जिसे 20 मीटर तक काटकर निकाल लिया गया है। अभी 25 मीटर तक निकाला जाना बाकी है। इसके लिए प्लाजा कटर मशीन को हैदराबाद से मंगवाया गया है। 

02:29 PM, 25-Nov-2023

सीएम धामी बोले- मजदूरों को निकालने पर है पूरा ध्यान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज फिर रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सभी मजदूर ठीक है। मजदूरों से बात हुई है, वो ठीक है। बताया कि मजदूरों को भोजन पानी मिल रहा है।  हैदराबादा से कटर लाया जा रहा है साथ ही प्लाज्मा कटर मंगवाया गया है। सीएम ने कहा कि सारा ध्यान मजदूरों को निकलाने पर है। मशीन के टूटे हिस्से कल तक निकलेंगे। वर्टिकल ड्रिलिंग का काम किया जा रहा है। 

 

01:57 PM, 25-Nov-2023

ऑगर मशीन के सामने अड़चन से रोका ऑपरेशन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सिलक्यारा स्थित निर्माणाधीन टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए ऑपरेशन सिलक्यारा में आई बाधा के संबंध में जानकारी ली। सीएम ने उन्हें बताया कि इस्पात की बनी वस्तुओं के ऑगर मशीन के सामने आने से कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है, जिसे ठीक किया जा रहा।

12:53 PM, 25-Nov-2023

रेस्क्यू कार्यों का जायजा लेने पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिल्कयारा सुरंग में चल रहे बचाव अभियान का जायजा लेने के लिए उत्तरकाशी पहुंचे हैं। 
 

12:33 PM, 25-Nov-2023

बरमा से अब और ड्रिलिंग नहीं होगी: अर्नोल्ड डिक्स

सिल्कयारा सुरंग बचाव अभियान पर अंतरराष्ट्रीय टनलिंग विशेषज्ञ, अर्नोल्ड डिक्स कहते हैं, "इसके कई तरीके हैं। यह सिर्फ एक ही रास्ता नहीं है। फिलहाल, सब कुछ ठीक है। अब ऑगरिंग नहीं देख पाएंगे। ऑगर खत्म हो गया है। बरमा (मशीन) टूट गया है। उन्होंने बताया कि  बरमा से अब कोई काम नहीं होगा और कोई नया बरमा नहीं होगा।
 

12:12 PM, 25-Nov-2023

अभी सुरंग में ही गुजारने पड़ेंगे मजदूरों को दो से तीन दिन

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। भीतर टूटी मशीन की ब्लेड को काटकर बाहर निकालने का काम जारी है, जिसमें कल तक का समय लग सकता है। इसके बाद टनल में मशीन के बजाय केवल मैन्युअल काम होगा। जिसमें 24 घंटे तक का समय लगेगा। यानी अगले दो से तीन दिन मजदूरों को सुरंग के अंदर ही इंतजार करना होगा।

12:02 PM, 25-Nov-2023

टनल विशेषज्ञ बोले- दोबारा शुरू किया जाएगा ड्रिलिंग का काम

टनल विशेषज्ञ कर्नल परिक्षित मेहरा ने बताया कि ऑगर मशीन के बरमे को बाहर निकालने का काम किया जा रहा है। जिसमें कुछ समय लग सकता है। बताया कि जैसे ही बरमा बाहर निकाल लिया जाएगा तो दोबारा ड्रिलिंग का प्रयास किया जाएगा।

11:29 AM, 25-Nov-2023

ऑगर मशीन फंसने से रेस्क्यू ऑपरेशन को झटका

ऑगर मशीन के फंसने से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे अधिकारियों के चेहरे उतर गए हैं। अधिकारी मीडिया कर्मियों से भी बातचीत करने से बच रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ सिलक्यारा टनल के ऊपरी हिस्से में आज शनिवार को पानी का रिसाव बढ़ने से चिंताएं भी बढ़ रही हैं। 14 दिन से सुरंग में फंसे मजदूरों को बाहर न निकालने पर बाहर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
 

10:51 AM, 25-Nov-2023

ऑगर मशीन को भारी नुकसान

सुरंग के भीतर ऑगर मशीन को भारी नुकसान पहुंचा है। मशीन का बरमा भीतर ही अटक गया है। फिलहाल वर्टिकल ड्रिल की तैयारी तेज कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ बताया जा रहा है कि भीतर मजदूर भी हताश हो रहे हैं। लगातार उनका हौसला बढ़ाया जा रहा है, लेकिन आज ऑपरेशन सिलक्यारा में आई बाधा से 14 दिन से सुरंग में कैद मजदूरों में निराशा बढ़ गई है।
 

09:44 AM, 25-Nov-2023

कार्यदायी संस्थाओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई: धस्माना

कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने कहा एमसीटी (मेन सेंट्रल थ्रस्ट) वाले संवेदनशील क्षेत्रों में 5.5 मीटर की जगह 12 मीटर चौड़ाई का काम किया जा रहा जो भू-धंसाव और भूस्खलन की बड़ी वजह बन रहा है। धस्माना ने यह भी कहा कि सरकार यह भी बताए कि सिलक्यारा सुरंग मामले के लिए जिम्मेदार किन लोगों, एजेंसियों और कार्यदायी संस्थाओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी का हर नेता व कार्यकर्ता भगवान से सिलक्यारा सुरंग आपदा में फंसे सभी 41 श्रमिकों के सुरक्षित निकल आने की प्रार्थना कर रहा है।

09:07 AM, 25-Nov-2023

कमेटी की सिफारिशों की भी अनदेखी का आरोप

कांग्रेस भवन में मीडिया से बातचीत में पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा, उत्तरकाशी के यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग को 20 फरवरी 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने हरी झंडी दी। जिसमें स्पष्ट रूप से एस्केप पैसेज का जिक्र है, फिर ऐसे में बिना एस्केप पैसेज और आपातकालीन निकासी के निर्माण के प्रधानमंत्री की कमेटी के निर्णय की अनदेखी करते हुए कैसे साढ़े चार किलोमीटर की सुरंग बनाई जा रही थी। धस्माना ने कहा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री ने हाल ही में मीडिया के एक सवाल के जवाब में कहा था कि भविष्य में बनने वाली सुरंग में आपातकालीन निकासी की व्यवस्था होगी। उन्होंने कहा, चारधाम परियोजना में सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित हाईपावर कमेटी की सिफारिशों की भी अनदेखी की जा रही है।

08:05 AM, 25-Nov-2023

कांग्रेस ने सिलक्यारा सुरंग को लेकर खड़े किए सवाल

कांग्रेस ने सिलक्यारा सुरंग को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी के एस्केप पैसेज के निर्णय के प्रमाण दिखाते हुए सुरंग निर्माण में गंभीर अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार बताए कि बिना एस्केप पैसेज और आपातकालीन निकासी के पहाड़ में सुरंग निर्माण का खेल किसे लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।

07:39 AM, 25-Nov-2023

जियो फिजिकल जांच भी नहीं आ पाई काम

ऑपरेशन सिलक्यारा को शुक्रवार को शुरू करने से पहले एनएचआईडीसीएल ने पारसन कंपनी के जियो फिजिकल विशेषज्ञों से टनल के मलबे की मैपिंग कराई, जिसमें बताया कि अगले 5 मीटर तक कोई लोहे जैसा अवरोध नहीं है। हालांकि उनकी मैपिंग का ये फार्मूला 1.5 मीटर बाद ही फेल हो गया।

06:34 AM, 25-Nov-2023

ऑगर ड्रिलिंग में बाधा के कारण अब चलेगा मैनुअल अभियान

ऑगर ड्रिलिंग मशीन के आगे बार-बार आ रही बाधा के चलते अब मैनुअल अभियान चलाया जाएगा। मैनुअल ड्रिलिंग में समय लग सकता है। इसमें अंदर फंसे मजदूर भी खेवनहार बन सकते हैं। यह विचार कल से ही चल रहा है। 

06:30 AM, 25-Nov-2023

दो योजनाओं पर विचार शुरू

तमाम व्यवधानों और उम्मीदों के बीच अब इस बात पर विचार शुरू हो गया कि क्यों ने फंसे मजदूरों से ही अंदर की तरफ से नौ मीटर मलबा हटवा दिया जाए। दूसरा विचार यह चल रहा है कि ऑगर मशीन की जगह मैनुअली कचरा हटाना शुरू किया जाए। 
 

12:39 AM, 25-Nov-2023

फंसे मजदूरों से अंदर की तरफ से मलबा हटवाने की तैयारी

लोहे का अवरोध आने से ऑगर मशीन लक्ष्य से नौ मीटर पहले रुक गई। जिसके बाद अवरोधों को काटकर हटाने का काम तो शुरू हुआ।

12:37 AM, 25-Nov-2023

सीएम ने मातली कैंप कार्यालय में जमाया डेरा

मुख्यमंत्री सुरंग में फंसे श्रमिकों की सकुशलता के लिए बुधवार से मातली में ही डटे हैं। सरकारी कार्य बाधित न हो, इसके मद्देनजर मातली से ही सीएम का अस्थायी कैंप कार्यालय संचालित हो रहा है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने जरूरी सरकारी फाइलों को देखा और उनका निपटारा किया। साथ ही उन्होंने मातली से अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शाम को मुख्यमंत्री ने सिलक्यारा पहुंचकर वहां चल रहे रेस्क्यू अभियान का निरीक्षण किया और अभियान में जुटी टीम से वार्ता कर आवश्यक जानकारी ली।  

12:36 AM, 25-Nov-2023

सुरक्षा कैनोपी और एस्केप टनल भी बनाई

राहत और बचाव कार्यों में लगे श्रमिकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेस्क्यू स्थल पर प्री कॉस्ट आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और ह्यूम पाइप के जरिए सुरक्षा कैनोपी और एस्केप टनल बनाई गई है। इससे किसी भी आपात स्थिति में सुरंग के भीतर रेस्क्यू में जुटे लोगो को सुरक्षित निकासी सुनिश्चित हो सकेगी। सुरक्षा से जुड़ी अन्य विशेष हिदायतों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

12:36 AM, 25-Nov-2023

25 मिमी की सरिया व लोहे के पाइप बने ड्रिलिंग में बाधा 

इस बार भूस्खलन के मलबे में 25 मिमी की सरिया व लोहे के पाइप ड्रिलिंग में बाधा बने हैं। ऑगर मशीन के आगे आई बाधाओं को हटाने का काम शुरू किया जा रहा है। इसमें सात से आठ घंटे का समय लगता है। बरमा निकाल कर आगे आई बाधाओं को एक टीम पाइप में घुसकर गैस कटर से काट रही है।

12:30 AM, 25-Nov-2023

Uttarkashi Tunnel Rescue Live: बाधाओं के बीच बचाव अभियान जारी,अब वर्टिकल ड्रिलिंग की तैयारियां तेज

उत्तरकाशी की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अमेरिकी ऑगर मशीन शुक्रवार शाम 24 घंटे बाद चली, लेकिन 1.5 मीटर आगे बढ़ने के बाद फिर लोहे का अवरोध आने से लक्ष्य से नौ मीटर पहले रुक गई। बचाव अभियान के 13वें दिन भी मजदूर बाहर नहीं निकल सके।

आज 14वें दिन एक बार फिर मजदूरों के सकुशल बाहर आने की उम्मीद जागी थी, लेकिन यह उम्मीद भी आज टूट गई। ऑगर मशीन खराब होने से रेस्क्यू ऑपरेशन रुक गया, जिसके चलते अब दो से तीन दिन और मजदूरों को सुरंग में ही गुजारने होंगे। 



बता दें कि बृहस्पतिवार शाम 4 बजे बेस हिलने से ऑगर मशीन ने काम करना बंद कर दिया था। मरम्मत आदि में करीब 24 घंटे बीत जाने के बाद मशीन 13वें दिन शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे चली तो उम्मीदें फिर जग गईं। लेकिन कुछ देर बाद ही रेस्क्यू टीमों को फिर झटका लग गया। एनएचआईडीसीएल के महाप्रबंधक कर्नल दीपक पाटिल ने बताया कि करीब शाम 6:40 बजे मशीन की राह में फिर लोहे का अवरोध आने से काम रुक गया। अब तक मलबे में करीब 47 मीटर ही पाइप पहुंच पाया है।  

और पढ़ें...
विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें