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Uttarkashi Flood Rescue Operation Live: नदी में उतरकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सिलिंडर पहुंचा रहे मजदूर

Thu, 14 Aug 2025 08:28 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

खास बातें

Uttarakhand Dharali Uttarkashi Flash Flood Rescue Operation Live Updates: धराली में बीते पांच अगस्त को पानी के साथ बह कर आए मलबे में आठ से दस फीट नीचे तक होटल और लोग दबे हुए हैं। इसकी जानकारी एनडीआरएफ की ओर से प्रयोग की गई ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) के माध्यम से मिली है। इसके प्रयोग से मिलने वाले तत्वों के आधार पर ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ धराली में मलबे के ऊपर खुदाई कर रही है। यहां पढ़ें पल-पल के अपडेट...
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उत्तरकाशी आपदा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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लाइव अपडेट

08:28 PM, 14-Aug-2025

परमार्थ निकेतन ने धराली पीड़ितों को भेजी राहत सामाग्री

उत्तरकाशी के धराली प्रभावितों के लिए परमार्थ निकेतन की ओर से राहत सामग्री की दूसरी खेप भेजी गई। इस खेप में राशन, दवाइयां, कपड़े, साड़ियां, कंबल, सेनेटरी नैपकीन, साबुन, टूथपेस्ट, ब्रश, हैंडवॉश और रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुएं शामिल हैं। आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि जो खो गया है वह वापस नहीं आ सकता लेकिन मिलकर हम एक-दूसरे को संबल दे सकते हैं। सेवा ही सच्चा साधना मार्ग है और संकट के समय एक परिवार की तरह एक-दूसरे का सहारा बनना ही हमारी संस्कृति है। जब भी पीड़ा और कठिनाई सामने आती है, सहानुभूति के साथ ही त्वरित सेवाओं की भी जरूरत होती है। मां गंगा हम सभी को जोड़ने वाली जीवनरेखा हैं और उन्हीं के आशीर्वाद से यह सेवाएं संभव हो रही हैं। परमार्थ निकेतन के सेवादल, ऋषिकुमारों और स्वयंसेवकों ने मिलकर राहत सामग्री को तैयार किया। हर पैकेट में केवल जरूरी सामान ही नहीं, बल्कि शुभकामनाएं और प्रार्थनाएं लिखकर भेजी गईं, ताकि आशा और विश्वास से भरा दिल कठिनाइयों का सामना कर सकता है। स्वामी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर वार्तालाप की और हरित, सतत और सुरक्षित विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आगे भी और राहत सामग्री भेजी जाएगी। पुनर्वास के लिए हर संभव मदद की जाएगी।

08:26 PM, 14-Aug-2025

सेब बागवानों को 60 लाख से 1 करोड़ का नुकसान

5 अगस्त को आई आपदा ने धराली गांव के सेब बागवानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। उद्यान विभाग के शुरुआती आकलन के अनुसार इस साल मंडियों में बिकने वाले सेब का करीब 60 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। धराली गांव के लोगों की आजीविका का मुख्य साधन सेब उत्पादन है लेकिन आपदा ने उनका यह सहारा छीन लिया। खीर गंगा में आए मलबे के कारण नदी किनारे लगे सेब के बगीचे और गंगोत्री हाईवे के निचले हिस्से में लगे चार हेक्टेयर में फैले सैकड़ों पेड़ जमींदंदोज हो गए हैं। सहायक उद्यान अधिकारी टीएस पुंडीर ने बताया कि विभाग लगातार नुकसान का आकलन कर रहा है और जल्द ही पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। फिलहाल पेड़ों की संख्या और हुई क्षति का विस्तृत ब्यौरा जुटाया जा रहा है।

06:51 PM, 14-Aug-2025

नदी में उतरकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सिलिंडर पहुंचा रहे मजदूर

 धराली में आई आपदा के 10 दिन बाद भी गांव में चुनौतियां बरकरार हैं। आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में भारी मुश्किलें आ रही हैं। मुखबा-धराली को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण मजदूर अपनी जान जोखिम में डालकर भागीरथी नदी के बीच से रस्सी के सहारे रसोई गैस सिलिंडर और अन्य सामग्री पहुंचा रहे हैं। आपदा के बाद से धराली गांव में स्थिति जस की तस है। ग्रामीण अभी तक सदमे में हैं और अपनी दिनचर्या मंदिर के आंगन और मलबे के पास बैठकर गुजार रहे हैं। आपदा का मंजर याद कर महिलाएं भावुक हो रही हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक खाद्य सामग्री और राहत सामग्री लगातार पहुंचाई जा रही है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग की टीम भी ग्रामीणों का स्वास्थ्य जांच रही है। खीर गंगा के मलबे में दबे लोगों का पता नहीं चल पाया है। सर्च टीमें आधुनिक उपकरणों और स्निफर डॉग्स की मदद से लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।


 

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05:02 PM, 14-Aug-2025

सेब पर बीमारी लगने से आपदा प्रभावित झेल रहे दोहरी मार

धराली के ग्रामीणों को आपदा के साथ ही दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। दवाइयां न मिलने के कारण उनके सेब के पेड़ों पर पतझड़ सहित दाग लगने की बीमारी शुरू हो गई है। इससे सड़क खुलने के बाद मंडियों तक सेब पहुंचाने की उम्मीद संजोये किसानों को बीमारियां लगने से सेब की फसल खराब होने का डर सताने लगा है।

04:31 PM, 14-Aug-2025

धराली-हर्षिल की आपदा में सुरक्षित हैं स्कूल भवन

आपदा प्रभावित धराली और हर्षिल क्षेत्र में पांच अगस्त को आपदा की त्रासदी में उस क्षेत्र के किसी भी सरकारी विद्यालय भवन को नुकसान नहीं पहुंचा। धराली और हर्षिल के आसपास क्षेत्रों में 11 सरकारी स्कूल संचालित होते है। सभी स्कूल भवन सुरक्षित है। उक्त विद्यालयोें में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राएं अभिभावकों की निगरानी में सुरक्षित है।

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02:15 PM, 14-Aug-2025

धराली-मुखबा को जोड़ने वाले पुल का तार टूटा

 मुखबा व धराली को जोड़ने वाले झूला पुल का बीते मंगलवार देर रात एक तार टूटने और उसके पिलर पर लगातार नदी से कटाव होने के कारण उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लग गया है। बुधवार को उस पर एक बार में एक ही व्यक्ति की आवाजाही करवाई गई। साथ ही खच्चरों से धराली में राशन भी नहीं पहुंचाया गया। पुल के टूटने से राहत एवं बचाव कार्य पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।

01:52 PM, 14-Aug-2025
सीएम धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

धराली आपदा मैं राहत कार्यों के लिए एक करोड़ की राशि का चेक दिया

यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधि ने सीएम आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धराली आपदा मैं राहत कार्यों के लिए एक करोड़ की राशि का चेक भेंट की। 

01:12 PM, 14-Aug-2025

मलबे को हटाएंगे तो कहां ले जाएंगे

धराली में आपदा के बाद पिछले नौ दिन से लापता लोगों की तलाश जारी है। डॉग स्क्वाड, थर्मल कैमरा और जीपीएस से मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा रहा है। राहत और बचाव दल को अब तक इसमें बड़ी कामयाबी नहीं मिली। मलबे से अब तक मात्र एक शव मिला है। एसडीआरएफ के आईजी अरुण मोहन जोशी बताते हैं कि डॉग स्कवाड और अन्य अत्याधुनिक उपकरणों से जहां संभावना होती है वहां मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा रहा है। हर दिन बैठक करने के बाद तय करते हैं कि किस तरह से लापता की तलाश की जानी है। सड़कें बंद हैं, ऐसे में सारे मलबे को हटाया जाना भी संभव नहीं है।

12:53 PM, 14-Aug-2025

फिर तबाही मचा सकती है खीरगंगा

आपदा प्रभावित धराली गांव पर अभी भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। खीरगंगा के मुहाने पर अभी भी करीब 15 फीट मलबा पसरा है। मुहाने पर दो बोल्डर अटके हैं। ये दोनों अगर पानी के बहाव के साथ नीचे आते हैं तो उसके साथ वहां जमा मलबा दोबारा तबाही मचा सकता है। इसको लेकर एनडीआरएफ ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को दी है।

 

12:51 PM, 14-Aug-2025

गंगोत्री तक अगले तीन दिन में रास्ता खुलेगा, यात्रा रहेगी अभी बंद

गंगोत्री तक अगले तीन दिन में रास्ता खुलेगा लेकिन यात्रा अभी बंद रहेगी। डबरानी, सोनगाड़, लोहारीनाग, हर्षिल और धराली में मलबा आने व भू-धंसाव से सड़क पिछले नौ दिन से बंद है। लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय के मुताबिक सीमा सड़क संगठन के साथ मिलकर दिन रात बंद सड़कों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। धराली में कैंप किए उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्या का कहना है कि गंगोत्री तक रास्ता खोलने में तीन से चार दिन और लगेंगे।
 

12:31 PM, 14-Aug-2025

विशेषज्ञों ने धराली में पसरे मलबे के नमूनों को परखा

धराली में आपदा से प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण करने और इस घटना के कारणों को जानने के लिए शासन की ओर से गठित विशेषज्ञों की टीम बुधवार को धराली पहुंच गई। टीम ने प्रभावित क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान, उसकी प्रवृत्ति और कारणों की पड़ताल की। पांच सदस्यीय विशेषज्ञों की यह टीम पूरे आपदाग्रस्त क्षेत्र का सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगी। विशेषज्ञों की इस टीम में उत्तराखंड भूस्खलन शमन एवं प्रबंधन केंद्र के निदेशक शांतनु सरकार, केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान रुड़की के मुख्य वैज्ञानिक डॉ.डीपी कानूनगो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के निदेशक रवि नेगी, वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के वैज्ञानिक डॉ.अमित कुमार, उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण और प्रबंधन केंद्र के प्रधान सलाहकार मोहित कुमार शामिल हैं। बुधवार को विशेषज्ञों ने धराली में पसरे मलबे के नमूनों को भी परखा। खीरगाड के प्रवाह क्षेत्र और मलबे के प्रसार का भी जायजा लिया। स्थानीय लोगों से घटना के बारे में जानकारी प्राप्त की। आज बृहस्पतिवार को भी विशेषज्ञों की टीम धराली में अलग-अलग स्थानों पर जाकर बीते पांच अगस्त को खीर गंगा में आई तबाही के कारणों को तलाशने का काम करेेंगी।

12:18 PM, 14-Aug-2025

15 फीट गहरी झील, जल निकासी में जुटी रही टीम

हर्षिल में भागीरथी में बनी झील के पानी की निकासी को बढ़ाने की कोशिश में सिंचाई समेत अन्य विभागों की टीम जुटी रहीं। विभागों की टीम ने इसके निरीक्षण के बाद झील की गहराई 10 से 15 फीट बताई है। सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार ने बताया कि झील से पानी की निकासी हो रही है, उसका मुहाना चौड़ा कर उसकी निकासी को बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। मैन्युअली जो संभव है, वह प्रयास किए जा रहे हैं।

11:39 AM, 14-Aug-2025

छह श्वान दल तैनात

25 जवानों को हर्षिल हेलीपेड की सुरक्षा और संचालन के लिए तैनात किया गया है। बढ़ते जल स्तर की पूर्व चेतावनी के लिए हर्षिल एसवीएल केंद्र में दो पीटीजेड कैमरे लगाए गए हैं, जिससे निगरानी का काम हो सकेगा। निचले सैन्य शिविर में खोज एवं बचाव के लिए छह श्वान दल तैनात किए हैं। आर्मी ने निचले कैंप हर्षिल में क्षेत्र में खोज-बचाव अभियान भी चलाया है।

11:13 AM, 14-Aug-2025

खीरगंगा में जल स्तर बढहा, खोज व बचाव दलों के लिए बनाई गई संपर्क पुलिया बही

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, आर्मी ने बुधवार को भी खोजबीन, रेस्क्यू अभियान चलाया। कई जगह मैन्युअली खोदाई भी की गई। आईटीबीपी की टीम ने धराली में क्षतिग्रस्त एक घर से दो खच्चरों के शव बरामद किए। अभियान में हेलिकॉप्टर के माध्यम से अलग-अलग क्षेत्रों में 48 लोगों और राशन को पहुंचाया गया। खीरगंगा में जल स्तर बढ़ने पर खोज व बचाव दलों के लिए बनाई गई संपर्क पुलिया बह गई थी, इसे तैयार कर लिया गया। संचार सेवा को भी शाम को बहाल कर लिया गया। धराली गांव के बचे हुए हिस्से में वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट तक पीटी रेडियो का उपयोग कर इंटरनेट का विस्तार किया गया है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी छह, एम्स ऋषिकेश और एमएच देहरादून में दो-दो, आईटीबीपी कंपोजिट हास्पिटल में (11) घायल भर्ती हैं।

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10:53 AM, 14-Aug-2025

Uttarkashi Flood Rescue Operation Live: नदी में उतरकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में सिलिंडर पहुंचा रहे मजदूर

धराली में खोजबीन, रेस्क्यू अभियान जारी है। एनडीआरएफ की ओर से धराली में मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार का प्रयोग किया जा रहा है। इससे इलेक्ट्रिकल डिटेक्टर वेब किसी मलबे में करीब 40 मीटर नीचे तक दबे किसी भी तत्व की जानकारी बताता है। इसमें मंगलवार को दो खच्चरों और एक गाय के शव मिले हैं।

आपदा प्रभावित क्षेत्र को चार सेक्टर में बांट कर मलबे में दबे लोगों की तलाश की जा रही है। इसमें दो सेक्टर में एनडीआरएफ और दो में एसडीआरएफ की ओर से कार्य किया जा रहा है। शासन ने आपदा के कारणों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की जो टीमें बनाई थीं, वह भी पहुंच गई हैं। कई जगह मैन्युअली खोदाई भी की गई।

जीपीआर से मिले संकेतों पर खुदाई की जा रही
एनडीआरएफ के असिस्टेंट कमांडेंट आरएस धपोला ने बताया कि इसकी मदद से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उससे यह जानकारी मिली है कि धराली में आपदा प्रभावित क्षेत्र में करीब आठ से 10 फीट नीचे होटल और लोग दबे हुए हैं। कुछ स्थानों पर जीपीआर से मिले संकेतों पर खुदाई की जा रही है।

इससे पूर्व बुधवार को मौसम साफ होने के बाद 11 बजे से हेलिकॉप्टर उड़ान भर सके। धराली में संचार सेवा बुधवार को भी दिनभर ठप रही। इसके अलावा अब दो चिनूक और एक एमआई हेलिकॉप्टर धरासू व चिन्यालीसौड़ में तैनात करने का फैसला लिया गया है। साथ ही एक एएलएच हेलिकाप्टर भी पहुंच गया है। वहीं, शासन ने आपदा के कारणों के अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की जो टीमें बनाई थीं, वह भी पहुंच गई हैं।

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