राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा धराली रेस्क्यू ऑपरेशन पर उच्च स्तरीय बैठक की जा रही है। बैठक में आर्मी, एयरफोर्स, आईटीबीपी, बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन, मौसम विज्ञान विभाग, एनडीआरएफ के अधिकारी दिल्ली से ऑनलाइन जुड़े हैं। रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की जा रही है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा भटवाड़ी के आखिरी संपर्क मार्ग पर पहुंचे। उनका कहना है कि राहत के नाम पर सरकार सिर्फ झूठे दावे कर रही है। सेना आईटीबीपी के जवान काम कर रहे हैं।
नेटवर्क बाधित किए जाने के कारण लोगों का अपनों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। हम धराली के लिए निकले हैं लेकिन भटवाड़ी से आगे संपर्क मार्ग खत्म है।
उत्तरकाशी से धराली की तरफ जाने वाले रास्ते पर मनारी से दो किमी आगे सड़क मार्ग नदी में समा गया। तीसरे दिन भी पहाड़ काटकर रास्ता बनाने का काम जारी है।
सचिव आपदा प्रबंधन द्वारा बताया गया है कि 274 लोगों को गंगोत्री एवं अन्य क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है। सभी सुरक्षित हैं। इनमें गुजरात के 131, महाराष्ट के 123, मध्य प्रदेश के 21, यूपी के 12, राजस्थान के छह, दिल्ली के सात, आसाम के पांच, कर्नाटक के पांच, तेलंगाना के तीन और पंजाब के एक व्यक्ति हैं। सभी पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इन्हें उत्तरकाशी-देहरादून लाया जा रहा है।
उत्तरकाशी जिले के खीर गंगा क्षेत्र में आई आपदा को लेकर वाडिया संस्थान भी अध्ययन करेगा। वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के निदेशक विनीत गहलाेत ने बताया कि धराली आपदा को लेकर संस्थान ने भी अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसको लेकर संस्थान के वैज्ञानिकों के साथ चर्चा भी हुई है। टीम को मौके पर भेजने की योजना है। संस्थान की टीम को मार्ग के खुलने और स्थितियां कुछ सामान्य होने के बाद भेजा जाएगा। संस्थान तकनीकी माध्यम से आपदा के कारणों को जानने का प्रयास करेगा।
उत्तराखंड सरकार ने एएनआई को बताया कि हर्षिल के धराली में सुबह से ही बचाव अभियान जारी है। सुबह 9:30 बजे तक, कुल 44 लोगों को आईटीबीपी ने हेलिकॉप्टर से मातली पहुंचाया है, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।
आपदा प्रभावित धराली गांव से बचाए गए एक घायल व्यक्ति को एयरलिफ्ट कर मातली हेलीपैड लाया गया, जहां से उसे आगे के इलाज के लिए भेजा जाएगा।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मातली हेलीपैड पहुंचे और धराली से निकाले गए लोगों से बातचीत की। उन्होंने प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ कर्मियों से भी बातचीत की, जो जल्द ही बचाव कार्यों के लिए धराली पहुंचेंगे।
उत्तरकाशी बादल फटने केबाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें उत्तरकाशी के मातली हेलीपैड से राहत सामग्री लेकर हेलीकॉप्टर के जरिए उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो रही हैं।
आपदा के बाद हर्षिल में भागीरथी नदी में बन गई झील के निरीक्षण के लिए सिंचाई विभाग की टीम पहुंची है। टीम के अनुसार झील से पानी की निकासी हो रही है, चिंता जैसी कोई बात नहीं है। अवरोध को हटाने के लिए भी योजना बनाई गई है। आपदा के दौरान तैलगाड गधेरे से मलबा आने से भागीरथी नदी में झील बन गई। इस झील के पानी से हर्षिल से जाने का वाला मार्ग भी प्रभावित हुआ है। इस झील को हटाने और पानी का प्रवाह को सामान्य करने के लिए सिंचाई विभाग की टीम को भेजा गया था। इसमें विभागाध्यक्ष सुभाष कुमार, अधीक्षण अभियंता संजयराज के साथ अन्य अधिकारयों की टीम पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक झील की लंबाई करीब 1200 और चौड़ाई 100 मीटर है। इस झील से पानी की निकासी हो रही है, पर मलबे को हटाने की योजना बनाई गई है। इसमें मार्ग खुलने के बाद चार पोकलेन मशीन के माध्यम से मलबा हटाया जाएगा। पोकलेन की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मंगलवार को हर्षिल घाटी में तीन जगह बादल फटने से आए सैलाब व मलबे की वजह से धराली गांव में कई बहुमंजिला होटल और रेस्टोरेंट जमींदोज हो गए थे। वहीं कई लोग मलबे में फंस गए थे। हालांकि पहले दिन खीर गंगा में बार-बार आ रहे मलबे और गंगोत्री हाईवे के जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने के कारण प्रशासनिक अमला और अन्य राहत टीमें घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाईं थीं, लेकिन बुधवार को मौसम खुलने के बाद हेलिकॉप्टरों ने उड़ान भरी और बचाव दल मौके पर पहुंच गए।
उत्तरकाशी आपदा: गंगोत्री हाईवे का 100 मीटर से ज्यादा हिस्सा धंसा, पैदल भी आगे नहीं जा पाए डीएम-एसपी
धराली गांव और हर्षिल स्थित सेना के कैंप में आए मलबे के दूसरे दिन बुधवार को तेजी से जिंदगियों की तलाश शुरू जारी है। सेना, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें हेलिकॉप्टर से खोज और बचाव कार्य में जुटी रहीं। इस दौरान दो शव मिले हैं, जिससे अब मृतकों की संख्या छह हो गई है। वहीं, हर्षिल में मलबे में फंसे 11 जवानों समेत 13 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। जिला प्रशासन के अनुसार सेना के 10 जवान समेत 20 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं आशंका यह भी है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
उत्तरकाशी के धराली में बादल फटने से मची तबाही के बाद बुधवार दोपहर मौसम खुलने पर बचाव अभियान ने जोर पकड़ा। जिला प्रशासन के अनुसार सेना के दो घायल जवानों को हेलिकॉप्टर से हायर सेंटर भेजा गया है। धराली के आठ स्थानीय युवक, नेपाली मूल के दो व्यक्ति और सेना के 10 जवान समेत 20 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। वहीं, आशंका यह भी है कि यह संख्या और बढ़ सकती है।
धराली में आई आपदा के दूसरे दिन भी रास्ते भूस्खलन की वजह से जगह-जगह बंद थे। जिससे बचाव और राहत कार्य में बाधा आई। भटवाड़ी स्थित हेलीपैड से दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से राहत सामग्री, खाद्य सामग्री और बचाव उपकरण धराली क्षेत्र में पहुंचाई गए। सेना के हेलीकॉप्टर से बचाव कार्य संबंधी भारी मशीनरी पहुंचाई जा रही है। आइटीबीपी, एनडीआरएफ, पुलिस आदि बचाव दल भटवाड़ी में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी चट्टान गिरने के कारण आगे नहीं बढ़ सके, पूरा रास्ता ध्वस्त होकर क्षतिग्रस्त हो चुका है।