सदन में यूसीसी को लेकर चर्चा जारी है। अब सत्ता पक्ष के विधायक यूसीसी पर अपनी बात रख रहे हैं।
दशकों से एक बड़ा वर्ग देश में एक समान कानून लागू करने की वकालत कर रहा है। छोटे से राज्य उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू करने का बड़ा फैसला लिया। उसके इस फैसले पर देश और दुनिया की निगाह है। करीब ढाई लाख सुझावों और 30 बैठकों में रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड को लेकर उत्तराखंड विधानसभा सत्र में चर्चा जारी है। सांविधानिक जरूरत पड़ी तो इस कानून को लागू करने से पहले अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति के भेजा जा सकता है।
विधानसभा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है। उसके 47 सदस्य हैं। कुछ निर्दलीय विधायकों का भी उसे समर्थन प्राप्त है। ऐसे में यूसीसी विधेयक पारित कराने में कोई कठिनाई नहीं है। चर्चा के बाद यूसीसी विधेयक पारित होना तय माना जा रहा है। समवर्ती सूची का विषय होने की वजह से पारित होने के बाद विधेयक राज्यपाल के माध्यम से अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति को भी भेजा जा सकता है।
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