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Surya Grahan 2025: साल का पहला सूर्य ग्रहण हुआ समाप्त, 21 सितंबर को अगला ग्रहण

Sat, 29 Mar 2025 06:17 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Surya Grahan 2025 Date Timing In India Solar Eclipse Upay Sutak Kaal Time In Hindi:  साल का पहला सूर्य ग्रहण खत्म हो चुका है। यह सूर्य ग्रहण करीब 3 घंटे और 56 मिनट तक चला। यह  सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण था। अब अगला सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। भारत में 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। 
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सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Surya Grahan 2025 Solar Eclipse 2024 Date And Time: आज, 29 मार्च 2025 को, चैत्र माह की अमावस्या तिथि पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।  यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण दोपहर 2 बजकर 21 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा। यह सूर्य ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के क्षेत्रों में देखा जा सकेगा।
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Surya Grahan Date: कब लगेगा सूर्य ग्रहण

वैदिक पंचांग के अनुसार, सूर्य ग्रहण हमेशा अमावस्या तिथि पर और चंद्र ग्रहण पूर्णिमा तिथि पर घटित होता है। आज, 29 मार्च 2025 को चैत्र अमावस्या के शुभ संयोग में तथा शनि के मीन राशि में गोचर के दौरान वर्ष का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है।

Surya Grahan Nakshatra And Rashi: किस राशि और नक्षत्र में लगेगा सूर्य ग्रहण

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल का पहला सूर्य ग्रहण मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में लग रहा है। आज ही शनि देव भी मीन राशि में गोचर कर रहे हैं । इस के आधार पर आज यानी 29 मार्च को मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, राहु, चंद्र और शनि रहेंगे।

Surya Grahan 2025 Sutak Time: सूर्य ग्रहण 2025 सूतक समय

सूर्य ग्रहण का सूतक ग्रहण लगने से ठीक 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है।  शास्त्रों में सूतक काल को शुभ नहीं माना जाता है।  सूतक काल के शुरू होने पर मंदिर के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पाठ करना वर्जित हो जाता है। 

How Surya Grahan Occur : कैसे लगता है सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य की रोशनी को पृथ्वी तक पहुंचने से आंशिक या पूरी तरह रोक देता है। इससे दिन के समय कुछ समय के लिए अंधेरा छा सकता है।  

Surya Grahan 2025: आज लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जानें सूतक काल और इसका प्रभाव

Shani Gochar And Surya Grahan: शनि गोचर और सूर्य ग्रहण से लाभ पाने वाली राशियां

  • मिथुन राशि: आर्थिक लाभ के संकेत हैं, पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलेगा। कारोबारियों को नए अवसर मिलेंगे, नौकरीपेशा को पदोन्नति व सराहना मिल सकती है।
  • धनु राशि: लंबित कार्य पूरे होंगे, व्यापार में बढ़ोतरी होगी। नई चीजें सीखने और रिश्तों में स्थिरता का समय रहेगा। चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटेंगे।
  • मकर राशि: संपत्ति विवाद सुलझ सकते हैं, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी व करियर में अच्छे अवसर मिलेंगे, समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
Shani Gochar And Surya Grahan: आज शनि गोचर और सूर्य ग्रहण का महासंयोग, इन राशियों को मिलेगा धनलाभ
 

Kahan Kahan Dikhega Surya Grahan: सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखेगा

बरमूडा, बारबाडोस, डेनमार्क, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, कनाडा का पूर्वी भाग, लिथुआनिया, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, उत्तरी ब्राज़ील, फिनलैंड, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, नॉर्वे, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, सूरीनाम, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, इंग्लैंड और अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र में नज़र आएगा। 

Surya Grahan Live Streaming: लगने जा रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, यहां देखें लाइव नजारा

Surya Grahan Mantra Jaap: सूर्य ग्रहण के दौरान करें इस मंत्र का जाप 

सूर्य ग्रहण के दौरान, ऊँ ह्रीं घृणि सूर्य आदित्य: श्रीं मंत्र का जाप कर सकते हैं। ये भगवान सूर्य का मूलमंत्र माना जाता है। इसके साथ ही ॐ सूर्याय नमः या फिर ॐ आदित्याय च सोमाय मंत्र का जाप भी कर सकते हैं।  

How Many Surya Grahan in 2025: साल 2025 में कितने सूर्य ग्रहण लगेंगे 

साल 2025 में दो सूर्य ग्रहण लगेंगे। पहला सूर्य ग्रहण आज यानी 29 मार्च को लग रहा है और दूसरा 21 सितंबर को लगेगा।

 

Lucky Rashi On Surya Grahan:  सूर्य ग्रहण किस राशि को देगा शुभ परिणाम 

सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा शुभ प्रभाव मकर राशि वालों पर पड़ेगा। इस राशि वालों का ग्रहण के प्रभाव से अच्छा समय शुरू हो जाएगा। आर्थिक स्थिति सुधरने लगेगी।

Surya Grahan Jyotishiya Prabhav:सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव

सूर्य ग्रहण मीन राशि में शनि के गोचर के साथ हो रहा है, जिससे मीन, कन्या, धनु और मिथुन राशि पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इस दौरान मानसिक तनाव, ऊर्जा परिवर्तन, करियर में उतार-चढ़ाव और आत्मचिंतन की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। आध्यात्मिक साधना, मंत्र जाप और दान लाभकारी होंगे, जबकि नए कार्यों और बड़े फैसलों से बचने की सलाह दी जाती है। ग्रहण के प्रभाव से राजनीति, अर्थव्यवस्था और मौसम में भी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 

Surya Grahan 2025: साल 2025 के पहले सूर्य ग्रहण का इन राशियों पर हो सकता है असर, रहें सतर्क

Solar Eclipse 2025 Do's And Don'ts: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें 

  • ग्रहण के समय मंदिरों में मूर्तियों को स्पर्श करने से बचें।
  • ग्रहण काल में भोजन पकाना और खाना उचित नहीं माना जाता। हालांकि, छोटे बच्चों, बीमार और बुजुर्गों के लिए इस नियम में ढील दी जा सकती है।
  • ग्रहण काल के दौरान शरीर पर तेल मालिश नहीं करनी चाहिए। 
  • साथ ही नाखून काटने और बाल कटवाने से भी बचना चाहिए।
  • इसके अलावा कैंची, सुई-धागे और धारदार वस्तुओं का उपयोग न करें।

Surya Grahan 2025 Rules: साल के पहले सूर्य ग्रहण पर गलती से भी न करें ये काम, दूर रहेंगे बुरे प्रभाव

Solar Eclipse 2025 Do's And Dont: सूर्य ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए? 

  • सूतक काल शुरू होने से पहले ही दूध, दही, पानी और अन्य खाद्य पदार्थों में तुलसी या कुशा डाल दें, ताकि वह दूषित न हों।
  • इस अवधि में मूर्तियों का स्पर्श नहीं करना चाहिए, लेकिन धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन किया जा सकता है।
  • ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान जरूर करना चाहिए।
  • ग्रहण में मंत्र जाप करने से नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है।
  • इस समय तर्पण, श्राद्ध, जप, हवन और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
  • ग्रहण समाप्त होने पर मंदिर की सफाई करें और पूजा-अर्चना के बाद दान करें।
Surya Grahan 2025 Rules: साल के पहले सूर्य ग्रहण पर गलती से भी न करें ये काम, दूर रहेंगे बुरे प्रभाव

Shanishcahri Amavasya and Surya Grahan:शनिश्चरी अमावस्या और सूर्य ग्रहण का विशेष संयोग

इस बार शनिश्चरी अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है, जो ज्योतिषीय दृष्टि से एक महत्वपूर्ण संयोग माना जा रहा है। शनिश्चरी अमावस्या वह तिथि होती है, जब अमावस्या शनिवार के दिन पड़ती है। इस दिन भगवान शनि की पूजा करने और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है। जब इसी दिन सूर्य ग्रहण भी घटित हो, तो इसका प्रभाव और अधिक शक्तिशाली हो जाता है। शनिश्चरी अमावस्या और सूर्य ग्रहण का एक साथ आना दर्शाता है कि यह समय आत्मचिंतन, तप और दान-पुण्य के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। इस दौरान कुछ राशियों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि यह संयोग व्यक्तिगत और वैश्विक स्तर पर कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आ सकता है। 

शनिश्चरी अमवस्या पर सूर्य ग्रहण का दुर्लभ संयोग, भूलकर भी न करें ये काम, अन्यथा हो सकती है परेशानी
 

Why Puja is Prohibited During Surya Grahan: सूर्य ग्रहण के दौरान क्यों नहीं की जाती पूजा 

  • ग्रहण के समय नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने से पूजा-पाठ निष्फल माना जाता है।
  • सूतक काल में शुभ कार्य वर्जित होते हैं, इसलिए मंदिरों के द्वार बंद रहते हैं।
  • ग्रहण के दौरान भोजन दूषित हो सकता है, इसलिए इसे तुलसी डालकर सुरक्षित किया जाता है।
  • वैज्ञानिक रूप से देखें तो गर्भवती महिलाओं के लिए ग्रहण की किरणें स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती हैं।
Surya Grahan 2025: ग्रहण को अशुभ क्यों माना जाता है? इस दौरान पूजा-पाठ क्यों होती है वर्जित?

Surya Grahan 2025 Live: कब और क्यों लगता है सूर्य ग्रहण? 

पृथ्वी के सबसे नजदीक का सितारा सूर्य अपने स्थान पर स्थित है और इसकी पृथ्वी परिक्रमा करती है। धरती की तरह चंद्रमा भी सूर्य की परिक्रमा करता है। हालांकि, चांद धरती की भी चक्कर लगाता है। कई बार चंद्रमा घूमते हुए सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है। इससे कुछ समय के लिए सूर्य के प्रकाश को रोक देता है, जिसे सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान चंद्रमा की परछाई धरती पर पड़ती है। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण से जुड़ी कुछ रोचक बाते हैं और यह कब और कहां दिखाई देगा। 

Surya Grahan Ke Prakar: कितने प्रकार के होते हैं सूर्य ग्रहण 

  • पूर्ण सूर्य ग्रहण:जब चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढक लेता है और कुछ समय के लिए दिन में अंधकार छा जाता है।
  • आंशिक सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य का केवल एक हिस्सा ढकता है, जिससे सूर्य का कुछ भाग ही दिखाई देता है।
  • वलयाकार सूर्य ग्रहण: जब चंद्रमा सूर्य के केंद्र को ढक लेता है लेकिन किनारे प्रकाशित रहते हैं, जिससे सूर्य एक चमकती अंगूठी (रिंग ऑफ फायर) की तरह दिखता है।
  • संकर सूर्य ग्रहण: यह दुर्लभ ग्रहण होता है, जिसमें पृथ्वी के अलग-अलग स्थानों से पूर्ण और वलयाकार ग्रहण दोनों दिखाई दे सकते हैं।

Surya Grahan Visible In India?: क्या भारत में दिखेगा सूर्य ग्रहण? 

नासा के मुताबिक, 29 मार्च 2025 को लगने वाला आंशिक सूर्य ग्रहण है। यह यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के क्षेत्रों में देखा जा सकेगा। हालांकि, यह सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। 

Surya Grahan Niyam: सूर्य ग्रहण पर रखें इन नियमों का का ध्यान

  • नग्न आंखों से सूर्य को न देखें, यह अशुभ माना जाता है और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
  • ग्रहण के दौरान भोजन करना वर्जित होता है, क्योंकि इस समय वातावरण में नकारात्मक शक्तियां सक्रिय रहती हैं।
  • घर से बाहर न जाएं, खासकर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को इस दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।
  • धार्मिक कार्य करने से बचें, क्योंकि यह समय पूजा-पाठ के बजाय आत्ममंथन और ध्यान के लिए उपयुक्त माना जाता है।
  • ग्रहण के समय स्नान करने से परहेज करें, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अशुद्ध समय होता है।

Niyam For Pregnant Women on Surya Grahan: गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय क्या न करें

  • ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं किसी भी तरह की यात्रा पर न जाएं। इस दौरान आप घर से बाहर भी जाने की भूल न करें।
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय पूजा-पाठ न करें। आप देवी-देवताओं की प्रतिमा का भी स्पर्श न करें। 
  • आप ग्रहण की अवधि में सोने से बचें। 
  • ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को धारदार वस्तुओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप चाकू और कैंची को हाथ में भी लेने से बचें। इससे होने वाले बच्चे पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

ग्रहण को अशुभ क्यों माना जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान सूर्य देव या चंद्र देव राहु-केतु के प्रभाव में आ जाते हैं। इससे उनकी शक्ति क्षीण हो जाती है और चारों ओर नकारात्मकता फैलने लगती है। यही कारण है कि इस समय को अशुभ माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, ग्रहण के दौरान आसुरी शक्तियां  प्रभावी हो जाती हैं, जिससे शुभ कार्यों में विघ्न पड़ सकता है।

ग्रहण के दौरान क्यों नहीं किया जाता पूजा पाठ?

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं करने के पीछे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं  हैं। माना जाता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे सकारात्मक शक्तियां कमजोर पड़ जाती हैं। इस कारण देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले पूजा-पाठ का उचित फल नहीं मिलता। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि जब सूर्य या चंद्र ग्रहण के प्रभाव में होते हैं, तो उनकी शक्ति क्षीण हो जाती है, जिससे इस दौरान की गई उपासना निष्फल हो सकती है। इसी कारण हिंदू धर्म में ग्रहण काल को अशुभ माना गया है।

मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव मिलाजुला रहेगा। इस समय आपको कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शनि के मीन राशि में गोचर से आपकी सेहत पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए आपको अपनी सेहत का ध्यान रखना होगा। सूर्य ग्रहण के कारण आपको किसी गलत निर्णय से बचने के लिए आत्मनिरीक्षण की आवश्यकता होगी।

वृष राशि
वृष राशि के लिए यह समय नए अवसरों के साथ आएगा। शनि के मीन राशि में गोचर से आपको अपने परिवार के प्रति जिम्मेदारी बढ़ेगी। हालांकि, सूर्य ग्रहण के कारण कुछ पारिवारिक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं, जिनका समाधान आपको शांति और संयम से करना होगा। आर्थिक दृष्टि से यह समय स्थिर रहेगा।

मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव कुछ हद तक अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपको करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन शनि का मीन राशि में गोचर आपको थोड़ी मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगा। स्वास्थ्य के मामले में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। सूर्य ग्रहण के कारण आपको अपने निर्णयों में स्पष्टता की कमी हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर कदम बढ़ाएं।

कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का असर विशेष रूप से व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य पर पड़ेगा। शनि के मीन राशि में गोचर से आपको अपने पारिवारिक जीवन में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह समय आपको मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखें।

सूर्य ग्रहण का 12 राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव

सिंह राशि
सिंह राशि के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। शनि का मीन राशि में गोचर आपके कामकाजी जीवन में नई दिशा दे सकता है। सूर्य ग्रहण का प्रभाव आपके आत्मविश्वास पर भी पड़ेगा। यह समय आपके लिए मेहनत का समय रहेगा, जिसमें आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए ज्यादा प्रयास करना पड़ेगा।

Surya Grahan Impact On Kanya Rashi: कन्या राशि के जातकों पर सूर्य ग्रहण

कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव थोड़ा असंतुलित रहेगा। इस समय आपको अपनी जिम्मेदारियों में संतुलन बनाने की आवश्यकता होगी। शनि का मीन राशि में गोचर आपकी शिक्षा और ज्ञान में नई दिशा दे सकता है, जबकि सूर्य ग्रहण आपके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। आपको इस समय आत्म-विश्लेषण और ध्यान की आवश्यकता होगी।

Do and Donts For Pregnant Women on Surya Grahan: गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय क्या न करें

  • मान्यता है कि ग्रहण के समय अधिक भागदौड़ करने से बचना चाहिए। इससे बच्चे पर प्रभाव पड़ता है।
  • गर्भवती महिलाएं ग्रहण के समय श्रृंगार न करें।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण में रसोई का कोई भी काम नहीं करना चाहिए। इसके अलावा आप भोजन का भी सेवन न करें। इससे पाचन पर प्रभाव पड़ता है।
  • ग्रहण शुरू होने से समाप्त होने तक गर्भवती महिलाएं घर में ही रहें। आप ग्रहण देखने की गलती न करें।

Surya Grahan in Which Zodiac Sign And Nakshatra: सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लग रहा है

यह सूर्य ग्रहण मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में लगेगा। इस दिन मीन राशि में सूर्य और राहु के अतिरिक्त शुक्र, बुध और चंद्रमा उपस्थित होंगे। इससे द्वादश भाव में शनि महाराज विराजमान होंगे। इससे तीसरे भाव में वृषभ राशि में बृहस्पति, चौथे भाव में मिथुन राशि में मंगल और सप्तम भाव में कन्या राशि में केतु महाराज विराजमान होंगे।

Surya Grahan Lucky Zodiac Sign: तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण रहेगा भाग्यशाली

तुला राशि
तुला राशि के लिए सूर्य ग्रहण और शनि का मीन राशि में गोचर फायदेमंद हो सकता है। यह समय आपके लिए आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रहेगा, और आप अपने कार्यक्षेत्र में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन महसूस करेंगे। हालांकि, सूर्य ग्रहण के कारण कुछ पारिवारिक समस्याएं भी आ सकती हैं, जिनका समाधान धैर्य और समझदारी से करना होगा।

Surya Grahan Aur Shani Gochar Ka Prabhav: सूर्य ग्रहण और शनि गोचर का राशियों पर प्रभाव

वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का असर आपके करियर और पारिवारिक जीवन पर पड़ेगा। शनि का मीन राशि में गोचर आपको कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां दे सकता है, लेकिन सूर्य ग्रहण के कारण आपको कुछ मानसिक दबाव भी महसूस हो सकता है। इस समय में आपको आत्मविश्वास बनाए रखना होगा और अपने कार्यों पर ध्यान केंद्रित करना होगा।

Surya Grahan Mantra Jaap: सूर्य ग्रहण पर कार्य सिद्धि के लिए करें इन मंत्रों का जाप

सूर्य ग्रहण पर विशेष मंत्र जाप
सूर्य मूल मंत्र- ऊं ह्रीं घृणि सूर्य आदित्य: श्रीं।


तमोमय महाभीम सोमसूर्यविमर्दन।
हेमताराप्रदानेन मम शान्तिप्रदो भव॥


विधुन्तुद नमस्तुभ्यं सिंहिकानन्दनाच्युत।
दानेनानेन नागस्य रक्ष मां वेधजाद्भयात्॥

Surya Grahan Mantra Jaap Benefits: सूर्य ग्रहण पर मंत्रों के जाप का लाभ

सूर्य ग्रहण के समय इन मंत्रों का जाप करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और करियर में सफलता हासिल होती है। यदि ये मंत्र केवल ग्रहण के समय ही नहीं, बल्कि प्रत्येक रविवार को भी जाप किए जाएं, तो शुभ परिणाम और अधिक प्रभावी होते हैं। 

Surya Grahan: लगने जा रहा है साल का पहला सूर्य ग्रहण, कार्य सिद्धि और सफलता के लिए करें इन मंत्रों का जाप

Surya Grahan in Vedas: सूर्य ग्रहण का वेदों में उल्लेख 

सूर्य ग्रहण को हिन्दू धर्म के वेदों में एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना के रूप में वर्णित किया गया है। ऋग्वेद में सूर्य ग्रहण को असुर स्वरभानु से जोड़ा गया है, जिसे भगवान विष्णु ने चक्र से अलग किया। अथर्ववेद में ग्रहण के समय सुरक्षा उपायों और मंत्रों का उल्लेख किया गया है, जिसमें महामृत्युंजय मंत्र प्रमुख है। महाभारत में सूर्य और चंद्र ग्रहण को कौरव और पांडवों के युद्ध से पहले अशुभ संकेत माना गया। वेदों में सूर्य ग्रहण के दौरान किए जाने वाले उपायों में ऋषि अत्रि द्वारा बताए गए मंत्रों का जाप शामिल है।

Surya Grahan Imapact On Dhanu Rashi: सूर्य ग्रहण का धनु राशि पर असर 

धनु राशि के लिए यह समय शांति और आत्म-निर्भरता का रहेगा। शनि के मीन राशि में गोचर से आपकी व्यक्तिगत जीवन में नई दिशा मिलेगी, और सूर्य ग्रहण आपको आत्म-विश्लेषण करने के लिए प्रेरित करेगा। यह समय आपके लिए आत्ममूल्यांकन और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का रहेगा।

Shani Gochar Live 2025: आज शनि करेंगे मीन राशि में प्रवेश, जानिए कैसा होगा आपके ऊपर इसका प्रभाव

Shadgrahi Yog On 29 March in Meen : मीन राशि में बनेगा षडग्रही योग 

सूर्य ग्रहण के दिन 6 ग्रह मीन राशि में एक साथ मौजूद रहकर दुर्लभ संयोग का निर्माण करने जा रहे हैं। शनि करीब ढाई वर्षों बाद कुंभ राशि से मीन राशि में आ रहे हैं जहां यह आने वाला ढाई वर्षो तक इसी राशि में होंगे। शनि के मीन राशि में गोचर करने से पहले राहु और शुक्र पहले से ही मीन राशि में गोचरस्थ हैं। सूर्य और बुध मीन राशि में पहले से भ्रमण कर रहे हैं। चंद्रमा भी इस दिन मीन राशि में प्रवेश होंगे।

Surya Grahan Impact On Makar Rashi : सूर्य ग्रहण का मकर राशि पर प्रभाव

मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि के गोचर का प्रभाव व्यावसायिक जीवन में अधिक होगा। शनि का मीन राशि में गोचर आपको आत्म-निर्भरता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। सूर्य ग्रहण के कारण आपको अपने परिवार और रिश्तों के बारे में पुनः सोचने की आवश्यकता हो सकती है। इस समय में धैर्य और संयम बनाए रखें।

Pauranik Katha Related To Surya Grahan: सूर्य ग्रहण से जुड़ी पौराणिक और रोचक कथा

राहु- केतु और अमृत मंथन की कथा
सूर्य ग्रहण से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध कथा समुद्र मंथन की है। इसका उल्लेख विष्णु पुराण और भागवत पुराण में मिलता है। इस कथा के अनुसार जब देवताओं और असुरों ने अमृत प्राप्त करने के लिए समुद्र मंथन किया, तो भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए। इसे प्राप्त करने के लिए देवताओं और असुरों में संघर्ष शुरू हो गया। भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर अमृत वितरण का कार्य किया, लेकिन उन्होंने एक चाल चली और असुरों को अमृत देने से मना कर दिया।

लेकिन असुरों में से एक असुर जिसे स्वरभानु कहा जाता था, वह देवताओं का वेश धरकर अमृत ग्रहण करने में सफल हो गया।  सूर्य और चंद्रमा ने उसकी पहचान कर ली और भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दे दी। भगवान विष्णु ने क्रोधित होकर अपने सुदर्शन चक्र से उसका सिर धड़ से अलग कर दिया।

चूंकि उसने अमृत पान कर लिया था, इसलिए उसका शरीर अमर हो गया। उसका सिर राहु और धड़ केतु के रूप में अस्तित्व में आया। तभी से राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा से शत्रुता रखते हैं और समय-समय पर बदला लेने के लिए इन्हें ग्रास लेते हैं। मान्यताओं की माने तो इसी वजह से सूर्य और चंद्र ग्रहण होता है। 

Surya Grahan Impact On Kumbh Rashi : कुंभ राशि पर सूर्य ग्रहण कैसा प्रभाव डालेगा 

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक बदलावों का रहेगा। सूर्य ग्रहण और शनि के मीन राशि में गोचर से आपके करियर में बदलाव आएंगे, और आपको नई दिशा मिलेगी। यह समय आपके लिए आत्मनिर्भरता और कार्यक्षेत्र में सफल होने का रहेगा। सूर्य ग्रहण के कारण कुछ मानसिक दबाव आ सकता है, लेकिन आप उसे संभाल लेंगे।

Surya Grahan In Vedas: वेदों में ग्रहण से बचाव के उपाय

वेदों में सूर्य ग्रहण के दौरान किए जाने वाले कुछ उपाय बताए गए हैं। 
  • ऋषि अत्रि द्वारा बताए गए मंत्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव को कम कर सकते हैं।
  • ग्रहण के बाद पवित्र नदियों में स्नान और गरीबों को दान करने से पापों का नाश होता है।
  • गायत्री मंत्र के जाप से आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

Surya Grahan 2025: सूर्य ग्रहण के साथ आज शनि करेंगे मीन राशि में गोचर, जानिए प्रभाव

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण की घटना को बहुत ही प्रभावशाली माना जाता है। जब चंद्रमा और पृथ्वी के बीच में सूर्य आ जाता है तो कुछ देर के लिए सूर्य की रोशनी पृथ्वी तक नहीं पहुंच पाती है। इस घटना को ही सूर्य ग्रहण कहते हैं। आज साल का पहला सूर्य ग्रहण के साथ ढाई वर्षों बाद शनि भी इसी दिन राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। शास्त्रों में सूर्यदेव को शनिदेव का पिता माना गया है। आपको बता दें कि शनि 30 वर्षों बाद मीन राशि में आ रहे हैं, जहां पर पहले से राहु मौजूद हैं। ऐसे में कुछ राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण और शनि का मीन राशि में गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। 

Surya Grahan Ka Meen Rashi Par Prabhav: मीन राशि पर सूर्य ग्रहण का असर 

मीन राशि के लिए सूर्य ग्रहण और शनि का गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा। शनि का मीन राशि में गोचर आपके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। सूर्य ग्रहण के कारण आपकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है, लेकिन यह समय आपके लिए आत्म-निर्भरता और मानसिक शांति की ओर बढ़ने का रहेगा।

Do's and Dont's During Surya Grahan: सूर्य ग्रहण के दौरान इन चीजों से रहें दूर

  • क्रोध, अहंकार और लोभ से दूर रहना जरूरी है। इससे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने लगेंगे।
  • सूर्य ग्रहण या किसी भी ग्रहण के समय कोई भी शुभ काम जैसे विवाह, गृह प्रवेश, सूर्य पूजन, मुंडन, जनेऊ जैसे संस्कार नहीं करें। 
  • ग्रहण के समय व्यक्ति को सोना नहीं चाहिए और ना तो भोजन बनाना चाहिए ना ही ग्रहण करना चाहिए।
  • इस दिन नकारात्मक विचारों से जितना दूर रहेंगे उतना अच्छा होगा। सकारात्मक विचार रहेंगे तो जीवन में भी सकारात्मकता आएगी।
  • इस दिन बड़े बुजुर्गों की सेवा करें उनका अपमान ना करें। 
  • निर्धन और जरूरतमंदों की जरूरत को पूरा करें।

Where will theSurya Grahan 2025 be visible: कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

सूर्य ग्रहण दक्षिण अमेरिका, आंशिक उत्तरी अमेरिका, उत्तरी एशिया,उत्तर-पश्चिम अफ्रीका, यूरोप, उत्तरी ध्रुव, आर्कटिक महासागर और अटलांटिक महासागर

Why temples are closed during Surya Grahan: सूर्य ग्रहण के दौरान मंदिर क्यों रहते हैं बंद? 

हिंदू धर्म में सूर्य ग्रहण से पहले एक अशुभ अवधि होती है जिसे सूतक काल कहा जाता है। इस दौरान मंदिरों सहित सभी पवित्र स्थानों को बंद रखा जाता है।  ऐसा माना जाता है कि सूतक काल के दौरान वातावरण दूषित हो जाता है, और देवताओं की मूर्तियों को छूना अशुभ होता है। सूर्य ग्रहण को नकारात्मक ऊर्जा का समय माना जाता है। इस दौरान बुरी शक्तियां सक्रिय हो जाती हैं, और मंदिरों को बंद करके देवताओं को इस नकारात्मक ऊर्जा से बचाया जाता है।

Surya Grahan Mein Kya Khaein: सूर्यग्रहण के दौरान खानपान का रखे ध्यान 

  • सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और रोगियों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। 
  • हालांकि इस दौरान खाना-पीना मना होता है, लेकिन गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग और बीमार लोग उपवास न रखें। 
  • संभव हो तो  पानी में कुछ बूंदे तुलसी के अर्क की या तुलसी पत्ते डालकर इसे उबाल कर पीना चाहिए। 
  • इस दौरान खाने में आप मेवे ले सकते हैं। यह कम मात्रा में खाने पर भी शरीर को पूरी ऊर्जा देंगे। 
  • महिलाओं को ग्रहण के दौरान सात्विक भोजन लेने की सलाह दी जाती है। 

Astrological Effects of Solar Eclipse: सूर्य ग्रहण का ज्योतिषीय प्रभाव 

सूर्य ग्रहण 2025 कुछ ही देर में चरम पर पहुंचेगा। 29 मार्च 2025 को शाम 4:17 बजे यह ग्रहण अपने सर्वोच्च बिंदु पर होगा। हालांकि भारत में यह  दृश्य नहीं होगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा।

What To Do During Surya Grahan on Its Peak: ग्रहण सर्वोच्च बिंदु पर होने के दौरान क्या करें?

  • सूर्य मंत्र ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः का जाप करें। 
  • गरीबों को अन्न, वस्त्र और काले तिल दान करें। 
  • भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हुए महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। 

Surya Grahan 2025 Rahu Stotra Path: सूर्य ग्रहण के दिन करें राहु स्तोत्र का पाठ

|| राहु स्तोत्र ||
राहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः ।
अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥॥

रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः ।
ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः ॥ ॥

कालदृष्टिः कालरुपः श्रीकष्ठह्रदयाश्रयः ।
विधुंतुदः सैंहिकेयो घोररुपो महाबलः ॥ ॥

ग्रहपीडाकरो द्रंष्टी रक्तनेत्रो महोदरः ।
पञ्चविंशति नामानि स्मृत्वा राहुं सदा नरः ॥  ॥

यः पठेन्महती पीडा तस्य नश्यति केवलम् ।
विरोग्यं पुत्रमतुलां श्रियं धान्यं पशूंस्तथा ॥  ॥

ददाति राहुस्तस्मै यः पठते स्तोत्रमुत्तमम् ।
सततं पठते यस्तु जीवेद्वर्षशतं नरः ॥  ॥

॥ इति श्रीस्कन्दपुराणे राहुस्तोत्रं संपूर्णम् ॥

Surya GrahanThese Zodiac Signs Should Be Alert : सूर्य ग्रहण के दौरान ये राशियां रहें सतर्क

सूर्य ग्रहण के दौरान कुछ राशियों को सावधान रहने की आवश्यकता है। इन राशियों को धन हानि हो सकती है। राहु के प्रभाव में आकार वो कुछ गलत निर्णय भी ले सकते हैं। इसके अलावा मानसिक तनाव और शारीरिक स्वास्थ्य में भी दिक्कत आ सकती है। इसीलिए ग्रहण के दौरान कर्क, कन्या, वृश्चिक,कुंभ और मीन राशि के जातकों को सतर्कता बरतनी होगी। 

Puja is Prohibited During Grahan: ग्रहण के दौरान क्यों नहीं किया जाता पूजा पाठ?

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ नहीं करने के पीछे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं  हैं। माना जाता है कि इस समय वातावरण में नकारात्मक ऊर्जा अत्यधिक सक्रिय हो जाती है, जिससे सकारात्मक शक्तियां कमजोर पड़ जाती हैं। इस कारण देवताओं की कृपा प्राप्त करने के लिए किए जाने वाले पूजा-पाठ का उचित फल नहीं मिलता। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि जब सूर्य या चंद्र ग्रहण के प्रभाव में होते हैं, तो उनकी शक्ति क्षीण हो जाती है, जिससे इस दौरान की गई उपासना निष्फल हो सकती है। इसी कारण हिंदू धर्म में ग्रहण काल को अशुभ माना गया है।

Surya Chalisa Path on Surya Grahan: सूर्य ग्रहण पर जरूर करें सूर्य चालीसा का पाठ 

॥ श्री सूर्य देव चालीसा ॥

॥ दोहा ॥
कनक बदन कुण्डल मकर, मुक्ता माला अङ्ग,
पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के सङ्ग॥

॥ चौपाई ॥

जय सविता जय जयति दिवाकर,
सहस्त्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर॥

भानु पतंग मरीची भास्कर,
सविता हंस सुनूर विभाकर॥

विवस्वान आदित्य विकर्तन,
मार्तण्ड हरिरूप विरोचन॥

अम्बरमणि खग रवि कहलाते,
वेद हिरण्यगर्भ कह गाते॥

सहस्त्रांशु प्रद्योतन, कहिकहि,
मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि॥

अरुण सदृश सारथी मनोहर,
हांकत हय साता चढ़ि रथ पर॥

मंडल की महिमा अति न्यारी,
तेज रूप केरी बलिहारी॥

उच्चैःश्रवा सदृश हय जोते,
देखि पुरन्दर लज्जित होते॥

मित्र मरीचि, भानु, अरुण, भास्कर,
सविता सूर्य अर्क खग कलिकर॥

पूषा रवि आदित्य नाम लै,
हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै॥

द्वादस नाम प्रेम सों गावैं,
मस्तक बारह बार नवावैं॥

चार पदारथ जन सो पावै,
दुःख दारिद्र अघ पुंज नसावै॥

नमस्कार को चमत्कार यह,
विधि हरिहर को कृपासार यह॥

सेवै भानु तुमहिं मन लाई,
अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई॥

बारह नाम उच्चारन करते,
सहस जनम के पातक टरते॥

उपाख्यान जो करते तवजन,
रिपु सों जमलहते सोतेहि छन॥

धन सुत जुत परिवार बढ़तु है,
प्रबल मोह को फंद कटतु है॥

अर्क शीश को रक्षा करते,
रवि ललाट पर नित्य बिहरते॥

सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत,
कर्ण देस पर दिनकर छाजत॥

भानु नासिका वासकरहुनित,
भास्कर करत सदा मुखको हित॥

ओंठ रहैं पर्जन्य हमारे,
रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे॥

कंठ सुवर्ण रेत की शोभा,
तिग्म तेजसः कांधे लोभा॥

पूषां बाहू मित्र पीठहिं पर,
त्वष्टा वरुण रहत सुउष्णकर॥

युगल हाथ पर रक्षा कारन,
भानुमान उरसर्म सुउदरचन॥

बसत नाभि आदित्य मनोहर,
कटिमंह, रहत मन मुदभर॥

जंघा गोपति सविता बासा,
गुप्त दिवाकर करत हुलासा॥

विवस्वान पद की रखवारी,
बाहर बसते नित तम हारी॥

सहस्त्रांशु सर्वांग सम्हारै,
रक्षा कवच विचित्र विचारे॥

अस जोजन अपने मन माहीं,
भय जगबीच करहुं तेहि नाहीं ॥

दद्रु कुष्ठ तेहिं कबहु न व्यापै,
जोजन याको मन मंह जापै॥

अंधकार जग का जो हरता,
नव प्रकाश से आनन्द भरता॥

ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही,
कोटि बार मैं प्रनवौं ताही॥

मंद सदृश सुत जग में जाके,
धर्मराज सम अद्भुत बांके॥

धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा,
किया करत सुरमुनि नर सेवा॥

भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों,
दूर हटतसो भवके भ्रम सों॥


परम धन्य सों नर तनधारी,
हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी॥

अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन,
मधु वेदांग नाम रवि उदयन॥

भानु उदय बैसाख गिनावै,
ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै॥

यम भादों आश्विन हिमरेता,
कातिक होत दिवाकर नेता॥

अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं,
पुरुष नाम रविहैं मलमासहिं॥

॥ दोहा ॥

भानु चालीसा प्रेम युत, गावहिं जे नर नित्य,
सुख सम्पत्ति लहि बिबिध, होंहिं सदा कृतकृत्य॥

Surya Grahan 2025: कब समाप्त होगा सूर्य ग्रहण

पहला सूर्य ग्रहण कुछ ही देर में समाप्त होने जा रहा है। पंचांग अनुसार शाम 6:16 पर  ये ग्रहण समाप्त हो जाएगा। इसके बाद आप आवश्यक और शुभ कार्य कर सकते हैं। 
 

Donate these things after Surya Grahan: सूर्य ग्रहण के बाद करें इन चीजों का दान 

  • सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर पूजा-अर्चना करें। श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों को चना, गेहूं, गुड़ और दाल का दान करें।
  • इसके अलावा केले, बेसन के लड्डू और पेड़े का भी दान करना चाहिए। 
  • अगर आप पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि चाहते हैं, तो नींबू और पके पपीते का दान करें। 
  •  लाल रंग के वस्त्र, दूध और चावल का भी दान कर सकते हैं।
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सूर्य ग्रहण के बाद करें यह कार्य

सूर्य ग्रहण की अवधि के बाद घर में झाड़ू लगाएं और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। माना जाता है कि इस कार्य को करने से घर में सूर्य ग्रहण की नकारात्मक शक्तियों का प्रवेश नहीं होता है।
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