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Chandra Grahan 2024: चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, ग्रहण के बाद ज़रूर करें ये काम

Mon, 25 Mar 2024 03:16 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Chandra Grahan in India 2024 Lunar Eclipse Date, Sutak Kaal Time, Upay In Hindi:  आज लगा चंद ग्रहण अब समाप्त हो चुका है। चंद्र ग्रहण प्रात: 10 बजकर 23 मिनट पर प्रारंभ हुआ था।  साल 2024 का पहला ग्रहण, 03 बजकर 2 मिनट पर समाप्त हो गया है। 
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चंद्र ग्रहण 25 मार्च 2024 Live - फोटो : amarujala
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विस्तार
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Chandra Grahan 2024 Live: आज यानी 25 मार्च को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है।  आज पूरे देश में होली का त्योहार भी मनाया जाएगा ।  ऐसे में यह जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव होली पर पड़ेगा या नहीं। वैसे तो चंद्र ग्रहण एक भौगोलिक घटना है लेकिन ज्योतिषीय दृष्टि से यह बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि पूर्णिमा की रात  राहु और केतु चंद्रमा को निगलने का प्रयास करते हैं और इसलिए चंद्र ग्रहण लगता है। ग्रहण की कोई भी घटना शुभ नहीं मानी जाती है।  ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। ऐसे में जानते हैं मार्च के महीने में लगने वाले ग्रहण का सूतक काल और इसके प्रभाव समेत समस्त जानकारी
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चंद्र ग्रहण के साए में होली 2024

पंचांग की गणना के मुताबिक साल 2024 में होली का त्योहार 25 मार्च को मनाया जाएगा और इसी दिन चंद्र ग्रहण भी लगेगा। वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 24 मार्च को रात 09 बजकर 57 मिनट से आरंभ हो जाएगी जिसका समापन 25 मार्च को रात्रि के 12 बजकर 32 मिनट पर होगा। इस तरह से 25 मार्च को चंद्र ग्रहण के साए में होली का त्योहार मनाया जाएगा। 
 

कब से शुरू होगा चंद्र ग्रहण 

हिंदी पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि यानी 25 मार्च 2024 दिन सोमवार को चंद्र ग्रहण लगेगा। ये चंद्र ग्रहण सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू होगा, जो दोपहर 03 बजकर 02 मिनट तक रहेगा। 
 

कहां-कहां देखा जा सकेगा साल का पहला चंद्र ग्रहण

साल 2024 का पहला चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण अमेरिका, जापान, रूस के कुछ हिस्से, आयरलैंड, इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, जर्मनी, फ्रांस, हॉलैंड, बेल्जियम, दक्षिणी नॉर्वे और स्विट्जरलैंड में दिखाई देगा।
 

चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव

आज लगने वाले चंद्र ग्रहण का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। ज्योतिष के अनुसार मिथुन, सिंह, मकर और धनु राशि के जातकों पर इस चंद्र ग्रहण का शुभ प्रभाव रहेगा। 

चंद्र ग्रहण 2024- क्या करें और क्या न करें

  •  चंद्र ग्रहण के दौरान  पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान नहीं करना चाहिए।
  •  चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी चाहिए। ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को अंदर ही रहना चाहिए।    
  •  ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों को दूर करने के लिए ध्यान और मंत्रों का जाप करें।
  •  ग्रहण के दौरान खाने-पीने की चीजों में तुलसी के पत्ते डालकर बंद कर देना चाहिए।
  •  ग्रहण के दौरान कुछ भी खाना या पीना नहीं चाहिए।
  •  ग्रहण के दौरान मंदिरों के पट को बंद करके रखना चाहिए।

कन्या राशि में लगेगा चन्द्र ग्रहण 

आज यानी 25 मार्च को चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान रहेंगे, जहां पहले से ही राहु मौजूद है। हालांकि इस चंद्र ग्रहण को भारत में नहीं देखा जा सकेगा, जिस कारण से इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और इसका प्रभाव भी होली के त्योहार पर नहीं होगा। इसलिए आप बिना किसी चिंता के होली का त्योहार मना सकते हैं।  
 

चंद्र ग्रहण के प्रकार 

चंद्र ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं-
पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण- पूर्ण चंद्र ग्रहण जैसे की इसके नाम से स्पष्ट होता है कि चंद्रमा का पूरी तरह से ग्रहण। पूर्ण चंद्र ग्रहण की घटना तब होती है जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में एक सीधी रेखा में आ जाती है। इस वजह से पृथ्वी की परछाई से चंद्रमा पूरी तरह से ढक जाता है। जिसकी वजह से चंद्रमा पूरी तरह से काला हो जाता है। इसी को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं।

दूसरा आंशिक चंद्र ग्रहण- आंशिक चंद्र ग्रहण की घटना तब होती है जब पृथ्वी की परछाईं चंद्रमा के पूरे भाग को नहीं ढक पाती है। इस दौरान चंद्रमा के हिस्से में अंधेरा जैसा प्रतीत होता है।

तीसरा उपछाया चंद्र ग्रहण- उपछाया चंद्र ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया चंद्रमा के बाहरी हिस्से में ही पड़ती है। इससे चंद्रमा सिर्फ थोड़ा सा धुंधला सा हो जाता है। इसी को उपछाया चंद्र ग्रहण कहते हैं।
आज लगने वाला चंद्र ग्रहण उपछाया ग्रहण है। 
 

चंद्र ग्रहण का इन राशि पर पड़ेगा शुभ प्रभाव

मेष राशि-नौकरी और व्यापार में आपके सभी प्रयास फलीभूत होंगे। भाग्य का अच्छा साथ आपको मिलेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। 
वृषभ राशि-धन में वृद्धि के योग बन रहे हैं। आपको जिस भी काम को करेंगे उसमें सफलता अवश्य मिलेगी। आय के साधनों में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रमोशन और वेतन में वृद्धि के योग हैं। 
सिंह राशि-नौकरी और व्यापार के लिहाज से आने वाला समय अच्छा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपको अपने अनुभवों का लाभ भरपूर मिलेगा। 
धनु राशि-कार्यों में अच्छी सफलताएं मिलेंगी। भाग्य में वृद्धि होने से आपको हर एक काम में सफलताएं प्राप्ति होगी। नौकरीपेशा जातकों को नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। 
मकर राशि- मान-सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आपको अचानक से कहीं से धनलाभ हो सकता है। अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें। 

चंद्र ग्रहण पर ये राशि वालें रहें सतर्क

मिथुन राशि- मिथुन राशि के जातकों के लिए यह चंद्र ग्रहण मिलाजुला प्रभाव वाला रहेगा। थकान और तनाव महसूस कर सकते हैं। नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन निर्णय लेते समय सावधानी बरतें। व्यापार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। प्रेम संबंधों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। 
सिंह राशि- विरोधियों से सावधान रहें और संयम से काम लें। मानसिक तनाव और चिंता महसूस कर सकते हैं। नौकरी में काम का बोझ बढ़ सकता है। व्यापार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। प्रेम संबंधों में थोड़ी अशांति देखने को मिल सकती है। 
वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह चंद्र ग्रहण परिवर्तन का संकेत देता है। नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन दृढ़ निश्चय से सफलता प्राप्त हो सकती है।

चंद्र ग्रहण के दौरान मंत्र जाप का महत्व 

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा का विशेष महत्व होता है। चंद्रमा मन और जल तत्व का कारक है। चंद्र ग्रहण के दौरान अगर कुछ उपाय किया जाय तो कुंडली में मौजूद चंद्रमा को मजबूत किया जा सकता है। कुंडली में चंद्रमा के मजबूत होन पर हमेशा शुभ फल की प्राप्ति होती है।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा को मजबूत बनाने के लिए चंद्रमा से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए। 
  • इसके अलावा भगवान शिव के मंत्रों का जाप ग्रहण के दौरान करना लाभदायक माना गया है।
  • ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से उत्तम सेहत की प्राप्ति होती है।
  • ग्रहण के दौनान अपने कुल देवी-देवताओं से जुड़े मंत्रों का जाप करना ग्रहण के प्रभाव को कम कर देता है।

ग्रहण के दौरान इन मंत्रों का जाप 

  • ऊं नम:शिवाय
  • श्री गणेशाय नम:
  • ऊं नमो भगवते वासुदेवाय
  • ऊं रामदूताय नम:
  • दुं दुर्गायै नम:
  • कृं कृष्णाय नम:
  • रां रामाय नम:

जानें क्या है चंद्र ग्रहण को लेकर पौराणिक कथा

हिंदू धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि समुद्र मंथन के दौरान देव और असुरों के बीच कई विवाद हुए थे। समुद्र मंथन के दौरान 14 रत्न बाहर आए थे। तब अमृत कलश के लिए देवताओं और दानवों में युद्ध छिड़ गया था। ऐसे में इस विवाद को हल करने के लिए मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने मोहिनी का अवतार लिया था।
मोहिनी भेष धारण कर विष्णु भगवान ने अमृत कलश को देवों और असुरों के बीच समान रूप से बांटने पर विचार किया। विष्णु भगवान ने जब अमृत कलश का समान रूप से बंटवारा किया तो देवताओं और असुरों को अलग-अलग कतार में खड़ा कर दिया। तभी दैत्यों की पंक्ति में मौजूद स्वर्भानु नामक राक्षस को लगा कि उनके साथ कुछ छल हो रहा है तो वह चुपचाप दानवों की पंक्ति से हटकर देवताओं की पंक्ति में सूर्य और चंद्रमा के पास खड़ा हो गया।
भगवान विष्णु ने जब उसे अमृत दिया तो सूर्य और चंद्र देव ने उसे पहचान लिया और इसकी सूचना विष्णु भगवान को दी। तब भगवान विष्णु ने क्रोध में सुदर्शन चक्र से दैत्य स्वर्भानु का गला काट दिया। सुदर्शन चक्र जब तक स्वर्भानु का गला काट पाता, उससे पहले ही उसके गले से अमृत नीचे उतर गया था, इसके लिए उसकी मृत्यु नहीं हुई और शरीर दो भागों में बंट गया। सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु के नाम से जाना जाने लगा। तभी से राहु-केतु सूर्य-चंद्रमा को अपना शत्रु मानते हैं और पूर्णिमा और चंद्रमा के दिन उन्हें ग्रसित कर देते हैं।

चंद्र ग्रहण शुरू

रंगों के त्योहार होली के बीच चन्द्र ग्रहण शुरू हो चुका है। ये ग्रहण सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शुरू हुआ है और दोपहर 03 बजकर 02 मिनट पर समाप्त होगा। 
 

चंद्र ग्रहण पर मंदिर के द्वार क्यों होते हैं बंद? 

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से कुछ विशेष नियम जुड़े हुए हैं। इन मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय पूजा-पाठ करना, भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित माना जाता है। इसीलिए इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। वहीं घर में मौजूद पूजा स्थल पर परदे लगा दिए जाते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के दौर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है और दैवीय शक्तियां क्षीण होने लगती हैं। इसीलिए इस दौरान मानसिक जाप करना उचित होता है। जिससे आप मानसिक रूप से सशक्त रह सकें। 

चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय

होली के दिन लगने वाला साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका प्रभाव भी यहां पर नहीं होगा। लेकिन ज्योतिष में चंद्र ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इससे बचने के लिए कुछ उपाय भी जरूर करने चाहिए।   
  • चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ग्रहण के दौरान गुरु मंत्र का जाप करना चाहिए। कहा जाता है कि इस दौरान गुरु ग्रह के बीज मंत्र ‘ऊं ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम:’ का जाप फलदायी होता है।
  • इसके अलावा चंद्र ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र का भी जाप किया जा सकता है। 
  • चंद्र ग्रहण के दौरान मुंह में तुलसी की पत्तियां भी रख सकते हैं। इससे ग्रहण का दुष्प्रभाव व्यक्ति पर नहीं पड़ता है।

चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान

  • गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन नहीं करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दौरान सुई, चाकू, कैंची जैसी नुकीली वस्तुओं से दूर रहना चाहिए।
  • चंद्र ग्रहण के सूतक काल से लेकर ग्रहण के समापन तक गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि इसका नकारात्मक प्रभाव पल रहे बच्चे पर पड़ता है।
  • साथ ही गर्भवती महिलाओं को चंद्र ग्रहण भी नहीं देखना चाहिए। इससे उनकी और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।
  • चंद्र ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को हनुमान चालीसा या दुर्गा चालीसा का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से सभी संकट और नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं।
  • साथ ही इस समय अपने इष्टदेव का स्मरण करना भी शुभ होता है। वहीं चंद्र ग्रहण के समापन के बाद स्नान करें और फिर साफ वस्त्र पहनें।

चंद्र ग्रहण दोष दूर करने के लिए करें ये उपाय

  • कुंवारी लड़कियों को सफेद वस्त्र और खीर भेंट करें।
  • गायत्री और मृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
  • पूर्णिमा के दिन व्रत करें और चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • पूर्णिमा की रात चांदी के बर्तन में रखे दूध में हल्दी और शहद मिलाकर पिएं।
  • सोमवार के दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाएं।
  • सोमवार के दिन अन्न का दान करें।
  • प्रत्येक सोमवार को ॐ चन्द्राय नमः का 108 बार जाप करें।
  • जरूरतमंद लोगों को दूध का दान करें। 

चंद्र ग्रहण के दौरान जन्मे शिशु पर क्या होता है ग्रहण का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए लोग ऐसा मानते हैं कि इस दौरान बच्चे का जन्म उसके जीवन और हितों के लिए हानिकारक होगा। ग्रहण का प्रभाव बच्चे के जीवन में समस्याएं पैदा कर सकता है। ग्रहण के दौरान जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन में परेशानियां ही आती है, क्योंकि सभी ग्रहण दुर्भाग्यपूर्ण फल नहीं देते हैं। कुछ मान्यताओं के अनुसार जिन बच्चों का जन्म ग्रहण के दौरान होता है, उनके अंदर नेतृत्व क्षमता अधिक होती हो। ऐसे बच्चे न सिर्फ कुशाग्र बुद्धि वाले होते हैं बल्कि हर क्षेत्र में अपना परचम भी लहराते हैं। हालांकि फिर भी आप चाहें तो इसके दोष को कम करने के लिए कुछ उपाय कर सकते हैं।

ग्रहण के दौरान करें इन मंत्रों का जाप

  • ॐ सों सोमाय नमः 
  • ऊँ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
  • ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नम:
  • ॐ शीतांशु, विभांशु अमृतांशु नम:

चंद्र ग्रहण के दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें इन चीज़ों का दान 

सफेद चीजों का दान
सफेद चीजों का संबंध चंद्रमा से होता है। ऐसे में चंद्र ग्रहण के दिन सफेद चीजों का दान करें। इस दिन सफेद चीजें दान करने से चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है। 

दूध का दान
चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद आप दूध या दूध से बनी मिठाई का दान कर सकते हैं। ऐसा करने से चंद्र ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचा जा सकता है। साथ ही माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं।

चावल का दानचावल का दान
चंद्र ग्रहण के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल का दान करें। ऐसा करने से ग्रहण का प्रभाव कम होता है। साथ ही धन और व्यापार बढ़ता है। 

इन चीज़ों का भी करें दान

सफेद वस्त्र का दान
चंद्र ग्रहण के बाद आप सफेद वस्त्र का दान करना चाहिए। ऐसा करना शुभ फलदायी होता है और चंद्र ग्रहण का दुष्प्रभाव भी कम हो जाता है। 

 मोती और चांदी का दान
अगर संभव हो तो इस दिन आप मोती और चांदी का भी दान कर सकते हैं। ऐसा करने से चंद्र ग्रहण के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है। साथ ही कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है।

कब समाप्त हो रहा है चंद्र ग्रहण 

100 साल बाद होली पर ग्रहण की स्थिति बनी हुई है। देश के कुछ स्थानों पर ग्रहण को लेकर सावधानियां बरती जा रही है। चंद्र ग्रहण प्रात: 10 बजकर 23 मिनट पर प्रारंभ हुआ था।  साल 2024 का पहला ग्रहण, 03 बजकर 2 मिनट पर समाप्त होगा। 

चंद्रग्रहण का दुष्प्रभाव कम करने के लिए राशि अनुसार करें ये उपाय 

  • मेष राशि वाले ग्रहण के बाद लाल कपड़ा/लाल मसूर की दाल/ सबूत हल्दी आदि का दान करें।  
  • वृषभ राशि वाले ग्रहण के बाद हल्के गुलाबी कपड़े और साबुत चावल का दान करें। 
  • मिथुन राशि वाले कम से कम 5 गायों को हरा चारा खिलाएं। हरी मूंग,हरे कपड़े का दान करें।   
  • कर्क राशि वाले लोग चंद्र ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को सफेद कपड़े का दान करें। शिव के मंत्र का जाप करते रहे।   
  • सिंह राशि वाले सभी लोग चंद्र ग्रहण के दौरान गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें।  गेहूं, गुड़ और कपड़ों का दान करें।  
  • कन्या राशि वाले सभी लोग चंद्र ग्रहण के दौरान अपने माता पिता की सेवा करें।  जरूरतमंद लोगों को खिचड़ी आदि का दान करें।  

तुला से मीन राशि वालो तक करें ये उपाय

  • तुला राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान श्री सूक्त का 11 बार पाठ करें।  ग्रहण के बाद सफेद चावल, वस्त्र, मिश्री तथा खिचड़ी जरूरतमंद लोगों को दान करें। 
  • वृश्चिक राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान हनुमान चालीसा का तथा बजरंग बाण का पाठ करें।  ग्रहण के बाद कम से कम 11 लोगों को मीठा दलिया दान करें।  
  • धनु राशि वाले सभी लोग ग्रहण काल के दौरान विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। ग्रहण के बाद गाय को केला खिलाएं। 
  • मकर राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान सुंदरकांड का पाठ करें।  ग्रहण के बाद जरूरतमंद लोगों को तिल के लड्डू का दांन करें। पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं। 
  • कुंभ राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान हनुमान बाहुक का 3 बार पाठ करें। ग्रहण के बाद तिल के लड्डू के साथ साथ अन्न का भी दान करें।  
  • मीन राशि के सभी लोग ग्रहण काल के दौरान 3 बार नारायण स्तोत्र का पाठ करें। ग्रहण के बाद गाय को केला गुड़ खिलाएं। 
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चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, करें ये कार्य

  • चंद्र ग्रहण के समाप्त होते ही सूतक भी खत्म हो जाता है। 
  • ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान अवश्य करें, इसके बाद घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करें।  चंद्र ग्रहण हुआ समाप्त, करें ये कार्य
  • धार्मिक मान्यता है कि गंगाजल या किसी पवित्र नदी के जल का छिड़काव करने से ग्रहण से आई नकारात्मकता और इसके दुष्प्रभाव समाप्त हो जाते हैं। 
  • स्वयं स्नान करने के बाद देवी देवताओं को स्नान कराएं।  
  • अब भोजन या जो भी आपकी खाने पीने की चीजें हैं, उस पर गंगाजल छिड़कें। 
  • मंदिर अवश्य जाएं। 
  • इसके बाद जरूरतमंदों को  कुछ वस्तुओं का दान ज़रुर करें। 
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