भूख न लगना हमारे पाचन शक्ति में गड़बड़ी का संकेत है। ऐसे में प्राकृतिक तरीका अपनाकर आप इस समस्या से निजात पा सकती हैं> यह तो आप भी मानती होंगी कि अनियमित दिनचर्या का सीधा-सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। अगर आप दिन में कम से कम छह घंटे की नींद नहीं लेती हैं, तो दिन भर आप चिड़चिड़ी और थकी-सी महसूस करती होंगी। यहां तक कि आपको भूख न लगने की शिकायत रहती होगी। दरअसल, भूख न लगना हमारे पाचन शक्ति में गड़बड़ी का संकेत है। ऐसे में प्राकृतिक तरीका अपनाकर आप इस समस्या से निजात पा सकती हैं
आसन बढ़ाए पाचन
फिट रहने के लिए नियमित रूप से रोजाना 30-40 मिनट व्यायाम या योग करना जरूरी है। इससे एक तो आप एक्टिव रहेंगी, दूसरा आपका पाचन तंत्र भी ठीक रहेगा। शरीर का मेटाबॉलिज्म सुचारू रूप से चलेगा और कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों का अवशोषण ठीक से होने और एक्स्ट्रा कैलोरी बर्न होने पर कई बीमारियों में फायदा होगा। अपच की शिकायत दूर होगी और आपको भूख लगेगी। टहलने के साथ-साथ साइकलिंग कर सकती हैं, बैडमिंटन, टेनिस जैसे अपने पसंदीदा गेम्स खेल सकती हैं। या फिर घर पर रहकर ट्रेडमिल वॉक, इंडोर एक्सरसाइज या फिर योगासन कर खुद को फिट रख सकती हैं। सूर्य नमस्कार, कपालभाति, पवनमुक्तासन, पश्चिमोत्तासन जैसे योगासन रोजाना करें।
खाने का शेड्यूल तैयार कीजिए
आपके लिए सबसे जरूरी है खाने का शेड्यूल तैयार करना। यह आप पर निर्भर करता है कि आप रोजाना 3-टाइम भरपेट भोजन करना पसंद करती हैं या 5-6 स्माॅल-मील रूटीन अपनाती हैं। लेकिन कोशिश करें कि जो भी खाए, वह जंक फूड की बजाय न्यूट्रीशिन्स से भरपूर बैnेंस हेल्दी डाइट हो। ब्रेकफास्ट और लंच के बीच, लंच और डिनर के बीच आप ब्रंच ले सकती हैं, जिसमें आप फ्रूट्स, जूस, ड्राई फ्रूट्स, स्प्राउट्स जैसी चीजें ले सकती हैं। सेब, बेरीज, अमरूद, संतरा, अंगूर जैसे मौसमानुसार फलों का सेवन हमारे पाचन को ठीक कर भूख बढ़ाने में मदद करते हैं।
मिर्च-मसालों से परहेज
जहां तक हो सके अपने भोजन में तला-भुना, मिर्च-मसालों वाला भोजन खाने से परहेज करें। तड़के में अदरक का प्रयोग करें। अदरक में मौजूद आॅयल खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ हमारे पाचन तंत्र को सुचारू रूप से चलाने में भी मदद करता है। परांठें, पकौड़े, पूरी, कचौड़ी जैसी चीजें खाने से बचना चाहिए, क्योंकि ये पचने में काफी समय लेती हैं और देर तक पेट भरे होने का अहसास कराती हैं। इनके बजाय रोस्टेड, ग्रिल्ड या एयरफ्रायर में बनी चीजों को ले सकती हैं। भोजन में सलाद, हरा धनिया, केला, ब्रोकली जैसे खाद्य पदार्थ शामिल करें। ये हमारे खाने को पचाने में सहायक डायजेस्टिव जूस और एंजाइम्स के उत्पादन में मदद करते हैं।
मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड
भोजन में अच्छी क्वालिटी के मोनो-सैचुरेटेड फैटी एसिड (मूफा) और पोली-सैचुरेटेड फैटी एसिड (पूफा) सीड्स आॅयल्स उपयोग करना कहीं बेहतर है, जैसे- चिया, आॅलिव, सोयाबीन, सनफ्लावर, ग्राउंडनट, आमंड आॅयल। ये आॅयल ओमेगा 3 और 6 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो हमारी बाॅडी को नुकसान नहीं पहुंचाते। लेकिन हर 15 दिन या एक महीने में इन्हें बदल लेना चाहिए, ताकि किसी तत्व की कमी न हो। फैट कम होने के बावजूद ये आॅयल रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं, शरीर को लचीला और मजबूत बनाए रखते हैं। दिन में कम से कम तीन लीटर पानी जरूर पिएं। पानी बाॅडी के मेटाबाॅलिज्म सिस्टम ठीक रखने में मदद करता है। हो सके तो रात को तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखें और सुबह खाली पेट पिएं। खाने के साथ या तुरंत बाद पानी न पिएं। इससे पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, खाना देर से पचता है और भूख नहीं लगती।
भूख न लगने की परेशानी दूर करो प्राकृतिक तरीकों से-
आयुर्वेद में पाचन तंत्र में गड़बड़ी की वजह से भूख न लगने की परेशानी को पित्त दोष से जोडा गया है। आपकी रसोई में मौजूद चीजों से इसका उपचार आसानी से किया जा सकता है। संतुलन आयुर्वेद क्लीनिक, दिल्ली की डाॅक्टर संजना शर्मा ऐसे ही कुछ उपचारों के बारे में बता रही हैं -
nअदरक को कद्दूकस करके उसका रस निकाल लें। एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच अदरक का रस और शहद मिलाकर दिन में दो बार पिएं।
n2-3 कप पानी में एक बड़ा चम्मच सौंफ और आधा बड़ा चम्मच मेथी दाना डालकर उबालें। थोड़ा ठंडा होने पर छानकर पिएं
nछोटी इलायची के दाने पीसकर चबाकर खाएं। एक गिलास पानी में 1-2 इलायची उबालें। ठंडा होने पर पी लें। लंच के साथ जीरा पाउडर, काला नमक और सेंधा नमक मिलाकर छाछ पिएं
nबराबर मात्रा में लौंग और छोटी पिप्पली लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। एक से डेढ़ ग्राम चूर्ण को आधा चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम खाएं।
n2-3 काली मिर्च और लौंग का पिसा मिश्रण शहद मिलाकर खाएं। नींबू को आधा काटकर उस पर काला नमक बुरक कर चूसें। दिन में एक बार काला नमक और जीरा पाउडर डालकर बना नींबू पानी पिएं।
nएक गिलास पानी में एक-एक चम्मच सौंठ और गिलोय के चूर्ण को मिलाकर काढ़ा बनाएं। ठंडा होने पर पिएं।
nअजवाइन, सेंधा नमक, हरड़ और सौंठ बराबर मात्रा में लें। एक गिलास पानी में मिलाकर काढ़ा बनाएं। ठंडा होने पर पिएं।
nअजवायन और जीरा मिलाकर बनी कच्चे आम की चटनी भोजन के साथ खाएं। या काला नमक, पिसा जीरा डालकर हरा धनिया, पुदीना और प्याज की चटनी खाएं।