सर्दियों के दौरान ठंड, सर्दी, खाँसी और बुखार जैसी विभिन्न बीमारियों में बढ़ोतरी होती है। यह मुख्य रूप से वायरस के बढ़ते प्रसार के कारण होता है। जुकाम एक संक्रामक बीमारी है जो बहुत जल्दी बढ़ती है। यह बीमारी बहती नाक, बुखार, सुखी या गीली खाँसी अपने साथ लाती है, जो श्वसन तंत्र पर अचानक हमला करता है। इसके कारण नाक बहना, छींकना, थकान, तीव्र बुखार, ठंड लगना, नाक जाम, और खाँसी जैसे बीमारियों में तेजी आती है। जिसके कारण गले में खराश, खाँसी , बुखार, शरीर में दर्द और सिरदर्द जैसी शिकायतें आती हैं। कॉमन कोल्ड में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान और सावधानी बरतनी चाहिए। जैसे ही हम बच्चों में सर्दी, खांसी या बुखार के लक्षण देखते हैं, हम तुरंत अपने बच्चों को दवा देते हैं। ये तीन बीमारियां बहुत आम हैं और अधिकांश बच्चे हर दूसरे महीने सर्दी या खांसी से प्रभावित होते हैं।
"भीड़ के पीछे ना जाएं, अपने दिमाग का उपयोग करें।"
यह हम पर निर्भर करता है की हम कैसे अपने बच्चे को अंदर से मजबूत बनाते है और कैसे उसे सभी बीमारियॉं का सामना करने में सक्षम बनाते हैं। ज्यादातर बीमारियों का कारण बनती है हमारी कमज़ोर रोग प्रतिरोधक शक्ति। प्रारंभिक अवस्था में ही बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली का निर्माण करना बेहद आवश्यक है।
अब सवाल यह है की सर्दी, खाँसी और बुखार से बचाव के लिए हमें क्या करना चाहिए। इसका समाधान होमियोपैथी की Haslab Coldreduce में है। इस दवा को होम्योपैथिक का एक वरदान समझ सकते हैं जो बिना किसी साइड इफेक्ट के इन सभी बीमारियों से निज़ात दिलाती है। Haslab Coldreduce बच्चों की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बढ़ाती है और उनको इन सभी बिमारियों से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है।
खुराक: 2 गोलियां एक दिन में तीन बार, विकट स्थिति में 2 गोली हर 2 घंटे पर या जैसा चिकित्सक द्वारा निर्धारित
रोगः सर्दी, ज़ुकाम, इन्फ्लूएंजा, शरीर में दर्द
लक्षण: नज़ला, विकट सर्दी, बहती नाक, छींकें आना, कन्जेशन, Sinusitis साइनोसाइटिस, बुखार