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Gardening Tips: प्रकृति की चीजों से करें पौधों की देखभाल, गर्मियों में ऐसे रखें पेड़ों को हरा-भरा

Mon, 17 Jun 2024 05:44 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

गर्मी के मौसम में पौधों में खाद डालने से उनके जलने का खतरा रहता है, लेकिन अगर आप उनमें नेचुरल फर्टिलाइजर डालें तो उन्हें हरा-भरा रखा जा सकता है।
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Gardening - फोटो : pexel
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विस्तार
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रेणु फ्रांसिस

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भीषण गर्मी में छत और बालकनी में रखे पौधे सूख रहे हैं। पानी और खाद भी कोई असर नहीं दिखा पा रही हैं। ऐसे में नेचुरल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल पौधों में नई जान डाल सकता है। इस बार गर्मी बहुत अधिक है, जिस कारण पौधे जल रहे हैं, सूख रहे हैं और मर रहे हैं। ऐसे में आपको उनकी जड़ों को ठंडक देने और पत्तियों में नमी बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए। दरअसल, गर्मियों में मिट्टी का तापमान बहुत बढ़ जाता है, जिससे पौधों की जड़ों को नुकसान होता है। ऐसे में पौधों में ठंडी खाद डालने से मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहता है, जिससे पौधों को गर्मी से बचाया जा सकता है। गर्मी के मौसम में पौधों में खाद डालने से उनके जलने का खतरा रहता है, लेकिन अगर आप उनमें नेचुरल फर्टिलाइजर डालें तो उन्हें हरा-भरा रखा जा सकता है।

नीम का तेल

गर्मी के मौसम में बगीचे या गमलों के पौधों में फंगस लग जाती है। इस फंगस से बचाने के लिए पौधों के पत्तों और मिट्टी पर 15-20 दिन में एक बार नीम के तेल का स्प्रे जरूर करें। स्प्रे करने से कीटों और पानी से पौधों पर जो फंगस लग जाती है, उससे आप पौधों को बचा सकती हैं। यह एक नेचुरल फर्टिलाइजर की तरह काम करता है, जो आपके पौधों को सुरक्षित और हरा-भरा रखता है।
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गोबर की खाद

गर्मियों के लिए गोबर की खाद सबसे अच्छी होती है। इसे डालने से सूखे पौधों को भी नया जीवन मिल जाता है। इसको बनाने लिए एक बाल्टी में 6 से 7 लीटर पानी लीजिए और इस पानी में ताजा गोबर डालकर तीन दिन तक ऐसे ही रहने दीजिए, फिर उसे पौधों में डाल दीजिए।

सहजन फली के छिलके

पौधों को गर्मी से बचाने के लिए आप सहजन की फली के छिलके की खाद को पौधों या बगीचे में डाल सकती हैं। इसे आप घर पर ही तैयार कर सकती हैं। गर्मी में सहजन की बनी खाद पौधों को ठंडक देगी और आपका पौधा हरा-भरा रहेगा।

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Gardening - फोटो : pexel
हरी खाद

हरी खाद पौधों के लिए जीवनदायिनी होती है। यह ठंडी और फायदेमंद होती है, मिट्टी की गर्मी को बढ़ने से रोकती है और वायु संचरण को बढ़ाती है। साथ ही मल्चिंग का काम करती है, जिससे पौधे सूखते नहीं हैं। पेड़-पौधों की पत्तियां जब सूख कर जमीन पर गिर जाती हैं तो उन्हें इकट्ठा करके खाद बनाई जाती है, जो कि प्राकृतिक और पौष्टिक होती है।

सरसों की खली

सरसों खली की खाद पौष्टिक होती है। इसको डालने से गर्मी में भी पौधों का विकास तेजी से होता है और वे स्वस्थ रहते हैं। लेकिन यह कठोर भी होती है, इसलिए आपको इसका उपयोग पानी के साथ ही करना चाहिए। सरसों खली खाद के उपयोग से गर्मियों में भी आपका बगीचा हरा-भरा दिखाई देगा।

चावल का पानी

चावल का पानी पौधों के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह उनकी जड़ों में महत्वपूर्ण बैक्टीरिया लैक्टोबैसिलस को पहुंचाता है। वहीं, इसमें प्रोटीन, फाइबर, अमीनो एसिड, फास्फोरस, आयरन और जिंक जैसे तत्व होते हैं, जो पेड़-पौधों को हरा-भरा रखने के साथ उनमें कीड़े नहीं लगने देते।

नेचुरल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल बेहतर

दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोमिला रावत बिष्ट कहती हैं, पौधे अधिक तापमान के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जिसका सीधा असर उनकी वृद्धि और विकास पर पड़ता है। इसलिए गर्मियों में पौधों को उच्च तापमान पर विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस मौसम में पौधे उर्वरकों के रूप में उच्च मात्रा में पोषण की भी मांग करते हैं, इसलिए आप कठोर फर्टिलाइजर की जगह नेचुरल फर्टिलाइजर का उपयोग करें।

इस समय पौधों की चयापचय दर अधिक होती है और वे अधिक वृद्धि करते हैं, इसलिए मिट्टी में पोषक तत्वों को शामिल करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मिट्टी का अच्छी तरह हवादार और जैविक उर्वरकों से भरपूर होना जरूरी है। मिट्टी में पोषक तत्वों की उच्च सांद्रता न केवल पौधों के विकास में मदद करती है, बल्कि पौधों को जड़ों द्वारा पानी के सक्रिय अवशोषण में भी मदद करती है।
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