हरी खाद
हरी खाद पौधों के लिए जीवनदायिनी होती है। यह ठंडी और फायदेमंद होती है, मिट्टी की गर्मी को बढ़ने से रोकती है और वायु संचरण को बढ़ाती है। साथ ही मल्चिंग का काम करती है, जिससे पौधे सूखते नहीं हैं। पेड़-पौधों की पत्तियां जब सूख कर जमीन पर गिर जाती हैं तो उन्हें इकट्ठा करके खाद बनाई जाती है, जो कि प्राकृतिक और पौष्टिक होती है।
सरसों की खली
सरसों खली की खाद पौष्टिक होती है। इसको डालने से गर्मी में भी पौधों का विकास तेजी से होता है और वे स्वस्थ रहते हैं। लेकिन यह कठोर भी होती है, इसलिए आपको इसका उपयोग पानी के साथ ही करना चाहिए। सरसों खली खाद के उपयोग से गर्मियों में भी आपका बगीचा हरा-भरा दिखाई देगा।
चावल का पानी
चावल का पानी पौधों के लिए फायदेमंद होता है, क्योंकि यह उनकी जड़ों में महत्वपूर्ण बैक्टीरिया लैक्टोबैसिलस को पहुंचाता है। वहीं, इसमें प्रोटीन, फाइबर, अमीनो एसिड, फास्फोरस, आयरन और जिंक जैसे तत्व होते हैं, जो पेड़-पौधों को हरा-भरा रखने के साथ उनमें कीड़े नहीं लगने देते।
नेचुरल फर्टिलाइजर का इस्तेमाल बेहतर
दिल्ली विश्वविद्यालय के हंसराज कॉलेज में वनस्पति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रोमिला रावत बिष्ट कहती हैं, पौधे अधिक तापमान के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं, जिसका सीधा असर उनकी वृद्धि और विकास पर पड़ता है। इसलिए गर्मियों में पौधों को उच्च तापमान पर विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इस मौसम में पौधे उर्वरकों के रूप में उच्च मात्रा में पोषण की भी मांग करते हैं, इसलिए आप कठोर फर्टिलाइजर की जगह नेचुरल फर्टिलाइजर का उपयोग करें।
इस समय पौधों की चयापचय दर अधिक होती है और वे अधिक वृद्धि करते हैं, इसलिए मिट्टी में पोषक तत्वों को शामिल करना बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में मिट्टी का अच्छी तरह हवादार और जैविक उर्वरकों से भरपूर होना जरूरी है। मिट्टी में पोषक तत्वों की उच्च सांद्रता न केवल पौधों के विकास में मदद करती है, बल्कि पौधों को जड़ों द्वारा पानी के सक्रिय अवशोषण में भी मदद करती है।