5 जून को संपूर्ण विश्व में विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कई सारे विद्वान शुभकामना संदेश, पर्यावरण से जुड़े विचार, पर्यावरण संरक्षण के लिए सलाह आदि साझा कर रहे हैं। इनमें कई सारे लोग ऐसे भी हैं जो कि पिछले सालों में पर्यावरण को बचाने के लिए प्रशंसनीय कार्य कर चुके हैं। गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के विश्व में कई सारे अनुयायी हैं। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर गुरुदेव ने ट्वीट के माध्यम से संसार को पर्यावरण बचाने का संदेश दिया है। इस ट्वीट के समर्थन में कई सारे लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आइए जानते हैं कि उन्होंने संदेश में क्या कहा है।
प्रकृति को धार्मिक भाव से देखें
श्री श्री रविशंकर द्वारा किए गए ट्वीट का हिंदी अनुवाद कुछ इस प्रकार है- ‘पर्यावरण का सम्मान और उसका संरक्षण हमारी बहुमूल्य व्यवस्था का जरूरी हिस्सा होना चाहिए। विश्व की प्राचीन संस्कृतियों में प्रकृति के प्रति सच्ची श्रद्धा रखी जाती है। प्रकृति को धार्मिक भाव से देखने की वृत्ति को हमें पुनर्जीवित करना होगा’।
पर्यावरण के लिए किया है काम
आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक के रूप में श्री श्री रविशंकर द्वारा पारिस्थितिकी बहाली के क्षेत्र में कई काम किए जा चुके हैं, जो कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के लिए तय किए गए विषय का मुख्य केंद्र है। संस्था द्वारा ग्राउंड वॉटर लेवल को बढ़ाने से लेकर हरियाली के विकास एवं एग्रोफोरेस्ट्री के मॉडल को क्रिया में लाने जैसे कार्यों पर खूब ध्यान दिया है।
लगा चुके हैं 81 मिलियन पौधे
ऑर्ट ऑफ लिविंग द्वारा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए कार्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल की 47 नदियों और सहायक नदियों को पुनर्जीवित किया गया जिससे कि 6186 गांवों को फायदा पहुंचा है। 22,562 रिचार्ज स्ट्रक्चर का निर्माण, 36 देशों में 81 मिलियन पौधों को लगाना, 25 करोड़ लीटर पानी के संग्रहण की व्यवस्था आदि काम भी संस्था द्वारा पर्यावरण के क्षेत्र में अब तक किए जा चुके हैं।