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दो पुरुषों की दोस्ती से पति-पत्नी के रिश्ते को खतरा, दोस्तों पर करते हैं ज्यादा विश्वास

Mon, 15 Apr 2019 01:47 PM IST
पंखुड़ी सिंह लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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'ब्रोमांस' शब्द से तो आप अच्छी तरह अवगत होंगे। जिस प्रकार महिलाएं अपनी बीएफएफ यानी बेस्ट फ्रेंड फॉरएवर के साथ काफी करीब होती हैं। उसी प्रकार पुरुष भी अपनी घनिष्ट मित्रता को 'ब्रोमांस कहते हैं, जिसमें 'नो बाउंड्रीज' यानी कोई सीमा नहीं वाला व्यवहार होता है। आपको बता दें कि, हाल ही में किए गए शोध के अनुसार पुरुषों की ये दोस्ती महिलाओं और उनके रिश्ते को महंगी पड़ सकती है। 
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मेन एंड मस्कुलिनिटी में प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, पुरुषों को महिलाओं के साथ रोमांटिक संबंधों के मुकाबले 'ब्रोमांस' यानि पुरुष मित्रों से अधिक भावनात्मक संतुष्टि मिलती है। शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में पुरुषों की अंतरंग (इंटिमेट) मित्रता अधिक सामाजिक रूप से स्वीकार्य हो गई है और काफी हद तक यह एक अच्छी बात है। अध्ययन चेतावनी देते हैं कि यह बदलाव डेटिंग या विवाहित जोड़ों के बीच कमजोर बंधन का कारण बन सकता है। यहां तक कि पुरुषों और महिलाओं की जोड़ी की संभावना को कम कर सकता है।
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हालांकि, ब्रोमांस की अवधारणा नई नहीं है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इससे पहले भी जॉर्ज वॉशिंगटन ने पुरुष मित्रों को प्यार भरे पत्र लिखे थे। साथ ही, अब्राहम लिंकन ने एक पुरुष मित्र के साथ कई वर्षों तक एक बिस्तर शेयर किया था। इंग्लैंड के यूनिवर्सिटी ऑफ विनचेस्टर के शोधकर्ताओं का कहना है कि होमोफोबिक भावनाओं में वृद्धि और पुरुषत्व जैसा दिखना चाहिए इसके बदलते आदर्शों के कारण 20 वीं शताब्दी के दौरान पुरुषों के बीच करीबी अधिक वर्जित हो गई थी।

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शोध के अनुसार, आज के आधुनिक दौर में ब्रोमांस एक बार फिर खुलकर सबके सामने आया है और इससे लोगों को कोई समस्या नहीं है। ब्रोमांस के पुरुषों के जीवन में क्या मायने हैं यह पता लगाने के लिए शोधकर्ताओं ने 30 विषमलैंगिक (हेट्रोसेक्सुअल) पुरुषों का सर्वेक्षण किया, जो कॉलेज में पढ़ रहे थे और रिलेशनशिप में थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि उनमें से हर एक ने कम से कम एक "ब्रोमैंटिक" दोस्त होने की जानकारी दी। जिसके साथ वे "नो-बाउंड्रीज" कोई सीमा नहीं वाला व्यवहार करते हैं जैसे की रहस्य साझा करना, प्यार जताना या एक ही बिस्तर पर सोना।
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30 में से 29 पुरुषों ने कहा कि वे अपने ब्रोमैंटिक पार्टनर को पकड़कर कर सोए भी हैं। हालांकि, ये निष्कर्ष सर्फ इतने से लोगों पर किए गए शोध से परे पुरुषों पर लागू नहीं हो सकते हैं, इसके लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है। शोधकर्ता अपने नए विश्लेषण में पुरुषों के रिश्तों और उनके वास्तविक रोमांस के बीच के अंतर का पता लगाएंगे।
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शोधकर्ताओं के अनुसार, तथ्य यह है कि पुरुषों की एक दूसरे के साथ निकटता एक प्रगतिशील कदम है। शोधकर्ता सुझाव देते हैं कि पुरुषों को दीर्घकालिक समान सेक्स दोस्ती से बहुत लाभ हो सकता है। खासकर अगर वो भावनात्मक रूप से महिलाओं के साथ सहज नहीं हैं। हालांकि, पारंपरिक पुरुष-महिला रिश्तों के बारे में भी चिंता व्यक्त करते हुए शोधकर्ताओं का कहना है कि पुरुषों के बीच रिश्तों की वृद्धि महिलाओं के लिए सकारात्मक नहीं है।
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