पुरुषों के बारे में महिलाओं को कई मिथ रहते हैं खासतौर पर उनकी सेक्स लाइफ से जुड़े। महिलाएं अक्सर सोचती हैं पुरुष हमेशा सेक्स की ही बातें करते हैं या फिर पुरुषों को अश्लील बातों में मजा आता है। इतना ही नहीं, महिलाएं पुरुषों के प्राइवेट अंगों के बारे में भी कई मिथ रखती हैं।
कॉस्मोपॉलिटिन ऑनलाइन ने एक ऐसी ही सूची बनाई है जिसमें पुरुष और उनकी सेक्स लाइफ से जुड़े मिथ के बारे में बताया गया है। जानें पुरुष और उनकी सेक्स लाइफ से जुड़े कई मिथ के बारे में।
बड़े पैर यानी बड़ा पेनिस
आमतौर पर महिलाएं सोचती हैं कि जिन पुरुषों के बड़े पैर होते हैं या जिन पुरुषों के शरीर के कुछ अंग बड़े होते हैं तो उनके पेनिस का साइज भी उतना ही बड़ा होता है। लेकिन यकीन जानिए, पुरुषों के अंगों और उनके पेनिस साइज के बड़े या छोटे होने से कोई लेना-देना नहीं है।
पुरुषों को चाहिए हरदम सेक्स
महिलाएं सोचती हैं कि पुरुषों को हरदम सेक्स चाहिए। लेकिन एक सर्वे में पाया गया कि पुरुष सेक्स के अलावा प्रमोशन, कार, हाउस लोन, लेटेस्ट गैजेट, बिल और क्रिकेट इत्यादि में भी व्यस्त रहते हैं। ये सही है कि पुरुषों को सेक्स चाहिए होता है लेकिन हर वक्त नहीं। वैसे भी पुरुषों को सेक्स चाहिए तो इसका मतलब ये नहीं कि महिलाएं सेक्स नहीं चाहती या इसके बारे में सोचती नहीं। महिलाओं को भी सेक्स की जरूरत होती है। कुछ केस ऐसे भी सामने आए हैं जिसमें पुरुषों से ज्यादा महिलाओं को सेक्स की जरूरत होती है।
हां, ये सही है कि पुरुष फेंटेसी ज्यादा करते हैं। लेकिन हर व्यक्ति का सेक्स को लेकर नजरिया और इच्छा अलग-अलग होती है। ऐसे में सभी को एक दायरे में शामिल करना गलत है।
इरेक्शन अधिकत्तर 8 इंच तक होता है
महिलाएं ये मानती हैं कि पुरुषों के पेनिस का उत्तेजना के बाद साइज अधिकतम 8 इंच तक होता है लेकिन ऐसा नहीं हैं। एक्सपर्ट की मानें तो कुछ मामलों में पुरुषों के पेनिस का साइज उत्तेजना के बाद 4 से 6 इंच भी होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, पेनिस की लंबाई हर पुरुष की अलग-अलग होती है। ऐसा भी नहीं है जिन पुरुषों के पेनिस का साइज कम होता है वे सेक्स को कम एंज्वॉय कर पाते हैं।
एक्सपर्ट की मानें तो वैजाइना की अधिकतम गहराई 6 इंच तक होती है और सेक्स एंज्वॉयमेंट के लिए 2 से 3 इंच बेहतर है।
हर 7 सेकेंड बाद सेक्स के बारे में सोचते हैं
महिलाएं मानती हैं कि पुरुष हर सात सेकेंड के बाद सेक्स के बारे में सोचते हैं। लेकिन एक्सपर्ट इस बात को सिरे से खारिज करते हैं। कई रिसर्च भी इस बात को खारिज करते हैं। रिसर्च के मुताबिक, 50 फीसदी पुरुष तो कई बार दिनभर सेक्स के बारे में सोचते तक नहीं है। वहीं कई पुरुष दिनभर में कई बार सेक्स के बारे में सोचते हैं ना कि हर सात मिनट में।
पुरुष फेक ऑर्गेज्म नहीं करते
महिलाएं मानती हैं कि सिर्फ महिलाएं ही फेक ऑर्गेज्म करती हैं। जबकि ऐसा नहीं है। कई रिसर्च में भी ये बात साबित हो चुकी है कि पुरुष भी अपनी महिला पार्टनर को खुश करने के लिए फेक ऑर्गेज्म करते हैं।
एक रिसर्च के मुताबिक, 23 फीसदी पुरुष एक बार से ज्यादा ऑर्गेज्म का नाटक करते हैं। ऐसा इसीलिए भी संभव है कि पुरुष कंडोम में डिस्चार्ज होने के बाद भी उत्तेजित होने का नाटक करते हैं।
पुरुष फॉरप्ले एंज्वॉय नहीं करते
एक स्तर पर महिलाएं सोचती हैं कि सेक्स से पहले बिताने वाले समय यानी फॉरप्ले को पुरुष एंज्वॉय नहीं करते। जबकि पुरुषों का एक वर्ग इस बात को अस्वीकार करता है। अधिकत्तर पुरुषों का मानना है कि वे फॉरप्ले को एंज्वॉय करते हैं।
इतना ही नहीं हालिया सर्वे ये कहते हैं कि 70 फीसदी पुरुष चाहते हैं कि सेक्स से पहले वे लंबे समय तक अपनी पार्टनर के साथ फॉरप्ले करें।
सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश कोठारी कहते हैं कि फॉरप्ले एक तरह से सेक्स से पहले वॉर्मअप एक्सरसाइज है। जिससे सेक्स को बेहतर तरीके से एंज्वॉय किया जा सके।
पुरुषों को भाती है महिलाओं की परफेक्ट बॉडी
महिलाएं अपनी फिगर को इसीलिए मेंटेन करती हैं क्योंकि वो सोचती हैं कि पुरुषों को परफेक्ट बॉडी ही पसंद आती है। जबकि ऐसा नहीं है। कई रिसर्च में ये बात साबित हो चुकी है कि रिलेशनशिप में पड़ चुके पुरुषों को इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि उनकी पार्टनर कैसी दिखती है।
हालांकि ये बात सोचने में बहुत अच्छी है कि महिलाएं खुद को अपने पार्टनर के लिए फिट रखने की कोशिश करती हैं। लेकिन इसे सिर्फ एक अच्छा सा मिथ कहा जा सकता है।
हर पुरुष थ्रीसम के बारे में सोचता है
महिलाएं सोचती हैं कि हर पुरुष एक साथ दो लोगों के साथ सेक्स करने यानी थ्रीसम के बारे में सोचता है। जबकि ऐसा नहीं है। हर पुरुष थ्रीसम के बारे में नहीं सोचता।
डॉ. प्रकाश कोठारी कहते हैं कि हर पुरुष कि अपनी सेक्सुअल फेंटेसी होती है। ऐसे में ये कहना कि हर पुरुष थ्रीसम के बारे में सोचता है, गलत है।
महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा कामुक होते हैं
महिलाएं अपने से ज्यादा पुरुषों को कामुक मानती हैं। महिलाएं सोचती हैं कि पुरुषों में कई महिलाओं को एक साथ आकर्षित करने की क्षमता होती है। ऐसे में महिलाएं ये भी सोचते हैं कि उनका पार्टनर उन्हें कभी भी धोखा दे सकता है।
जबकि ऐसा नहीं है। ये सही है महिलाएं सेक्स के दौरान और आमतौर पर भी अधिक भावुक होती हैं लेकिन इसका ये मतलब नहीं कि महिलाएं कामुक नहीं होती या फिर वे धोखा नहीं देती।
पुरुष 18 साल में और महिला 28 में सेक्स चाहती है
इस बात का कोई जवाब नहीं है कि किसकी सेक्स इच्छा कब ज्यादा होती है क्योंकि सेक्स की अधिक इच्छा या फिर सेक्सुअल पीक शरीर में मौजूद हार्मोंस पर निर्भर करती है। इस मिथ को एक्सपर्ट भी सिर्फ एक मिथ मानते हैं और सर्वे में भी महिला और पुरुषों की सेक्स इच्छा पर अलग-अलग परिणाम सामने आए हैं।
पुरुष पोर्न देखने के आदी होते हैं
महिलांए मानती हैं कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष ज्यादा पोर्नोंग्राफी देखने के आदी होते हैं। जबकि एक्सपर्ट कहते हैं कि पोर्न का आदी होना ठीक वैसा ही है जैसा एल्होकल और नशे का आदी होना।
एक रिसर्च के मुताबिक, महिलाएं भी पुरुषों के बराबर ही पोर्न की आदी होती हैं। इतना ही नहीं, एक रिसर्च ये भी कहती है कि 38 फीसदी शादीशुदा लोग पोर्न की लत के शिकार होते हैं।
सेक्स परफॉर्मेंस का प्रेशर पुरुषों पर बहुत होता है
महिलाएं मानती हैं कि उनसे ज्यादा पुरुषों को सेक्स परफॉर्मेंस का प्रेशर होता है। इतना ही नहीं, पुरुषों के लिए सेक्स एक बहुत बड़ा इवेंट होता है जिसमें वे हर हाल में सफलता पाना चाहते हैं।
जबकि ऐसा नहीं है सेक्स को लेकर महिलाओं के मन में भी बहुत डर होता है। वैसे भी पहली बार सेक्स के दौरान महिला-पुरुष कोई भी नर्वस हो सकता है। इसमें बेस्ट परफॉर्मेंस जैसी कोई बात नहीं है।