अनिद्रा के शिकार बुजुर्ग लोगों के अवसाद में रहने का खतरा अधिक रहता है। अमेरिका के जॉन हॉपकिन्स स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के 60 वर्ष से अधिक उम्र के 600 लोगों पर हुए अध्ययन में ये खुलासा हुआ है जो हाल ही जर्नल स्लीप में प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन्हें लगातार अनिद्रा की शिकायत थी उनमें अवसाद की तकलीफ अधिक थी। उन लोगों की तुलना में जिनकी अनिद्रा की तकलीफ साल दर साल ठीक होती रही। वरिष्ठ शोधकर्ता और ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ मेंटल हेल्थ विभाग की प्रो. एडम स्पाइरा का कहना है कि ऐसे लोगों में आत्महत्या करने के विचार भी आते हैं।
वैज्ञानिकों ने ये भी पाया कि अनिद्रा की वजह से अवसाद की चपेट में आए बुजुर्ग लोगों का समय रहते इलाज किया गया तो उनकी तकलीफ ठीक हो गई।