Lal Bahadur Shastri Death Anniversary
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Lal Bahadur Shastri Death Anniversary: 11 जनवरी 2024 को देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की पुण्य तिथि है। लाल बहादुर शास्त्री का पूरा जीवन दुनिया के लिए प्रेरणा है। जीवन के शुरुआती दिनों के संघर्ष से लेकर प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचने तक उनके जीवन की कई कहानियां आज भी दुनिया को प्रेरित करती हैं। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा के दम पर देश के शक्तिशाली विकास में अहम भूमिका निभाई थी। गुदड़ी के लाल कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की कुछ कहानियां हैं, जो लोगों को प्रेरणा देती हैं। आइए आपको शास्त्री जी के बारे में कुछ दिलचस्प बातें बताते हैं...
बचपन में तैरकर जाते थे पढ़ने
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से जुड़ी कई कहानियां हैं। शास्त्री जी का जन्म 2 अक्तूबर, 1904 को उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में हुआ था। उनका निधन उजबेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में 11 जनवरी 1966 को हुआ था। उनका बचपन काफी कठिनाइयों से भरा था। उनके पिता की मौत काफी पहले हो गई थी। उनका स्कूल गंगा नदी के उस पार था और शास्त्री के पास नाव का किनारा देने के लिए पैसे नहीं होते थे। वह किताबों को अपने सिर बांधकर गंगा नदी में तैरकर पढ़ने जाते हैं और फिर नदी को पार वापस आते थे।
लोन पर खरीदी थी कार
लाल बहादुर शास्त्री के बारे में एक कहानी काफी मशहूर है। जब वह प्रधानमंत्री रहे, तो परिवार के लोगों ने उनसे एक कार खरीदने के लिए कहा था। उन्हें फिएट की कार खरीदने के लिए लिए 12,000 रुपये की जरूरत थी, लेकिन उनके पास सिर्फ 7000 रुपये ही थे। इस कार के लिए उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से 5000 रुपये का लोन लिया था। उन्होंने यह कार साल 1965 में खरीदी थी। हालांकि अफसोस की बात यह है कि कार खरीदने के एक साल बाद ही उनका निधन हो गया। आज यह कार उनके दिल्ली स्थित निवास पर खड़ी है।
Lal bahadur Shastri Death Anniversary: जब इस पीएम के कहने पर पूरा देश एक वक्त रखने लगा था उपवास
पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के कार का लोन जल्द ही मंजूर हो गया। इसके बाद उन्होंने पंजाब नेशनल बैंक से कहा था कि ऐसी ही सुविधा आम जनता को भी मिलनी चाहिए। लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद बैंक ने बकाया लोन चुकाने के लिए उनकी पत्नी को पत्र लिखा था। इसके बाद उनकी पत्नी ललिता देवी ने पारिवारिक पेंशन की मदद से बैंक का लोन चुकाया था। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की कार का नंबर DLE 6 है। शास्त्री जी अपने राजनीतिक जीवन में परिवहन मंत्री भी रहे।
ताशकंद में हुआ था निधन
11 जनवरी 1966 को ताशकंद में आधिकारिक दौरे पर गए पूर्व पीएम लालबहादुर शास्त्री का निधन हो गया था। 1965 की जंग के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए ताशकंद को चुना गया था। यहां पर दोनों देशे के बीच समझोते के बाद शास्त्री जी का रहस्यमयी परिस्थितियों में निधन हो गया। उन्होंने रेल मंत्री, परिवहन एवं संचार मंत्री, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, गृह मंत्री और जवाहर लाल नेहरू जी की बीमारी के दौरान बिना विभाग के मंत्री की भी जिम्मेदारी निभाई थी।