इसके इतिहास की बात करें तो सबसे पहली बार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह सन 1989 में मनाया गया था। 15 मार्च, 2010 को सुंदर समिति द्वारा अनुशंसित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा नीति को मंजूरी मिल गई थी, जिसके बाद से हर साल वहीं इसे यातायात नियमों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इसी क्रम में इस साल राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह की थीम, "सड़क सुरक्षा नायक बनें" है।
यानी कि इस साल सड़क सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटना के बाद लोगों की सहायता करने पर जोर दिया जाएगा। सड़क सुरक्षा सप्ताह में हर किसी को उन यातायात के उन नियमों के बारे में जागरूक किया जाता है, जिसे हर किसी को जानना जरूरी होता है। इसके कुछ नियम निम्नलिखित हैं।
यातायात के नियमों का पालन
सड़क पर चलते समय यातायात के नियमों का पूरा पालन करें। सड़क पर लगे संकेतांकों का सही अनुसरण करें, ताकि आपके साथ कोई हादसा ना होने पाए। इन संकेतों में सिग्नल्स, जेब्रा क्रॉसिंग, और ट्रैफिक लाइट शामिल हैं।
वाहनों से उचित दूरी बनाकर रखें
सड़क पार करते समय वाहनों के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखें। यह सुनिश्चित करेगा कि वाहन आपको किसी तरह का नुकसान ना पहुंचा सकें।
दिशा का रखें ध्यान
सड़क पार करते समय हमेशा सही साइड में चलें। इसके साथ ही ट्रैफिक की दिशा पर भी ध्यान रखें, ताकि हादसा ना होने पाए।
वाहन चालक रखें इसका ध्यान
अगर आप बाइक सवार हैं, तो हेलमेट पहनें और गाड़ी चालकों को हमेशा सीट बेल्ट पहनकर रखनी चाहिए।
जेब्रा क्रॉसिंग का प्रयोग
अगर पैदल चल रहे हैं तो हमेशा जेब्रा क्रॉसिंग का ही इस्तेमाल करें। इसी की मदद से आप हादसों से दूर रहेंगे।
ध्यानपूर्वक सड़क पार करें
सड़क पार करते समय हमेशा ध्यानपूर्वक रहें। आसपास के वाहनों और और ट्रैफिक लाइटों का खास ध्यान रखें।