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इस टाइम जरूर खाएं फल, होगा सबसे ज्यादा फायदा

Tue, 14 Nov 2017 01:55 PM IST
अंशुमाला
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फल खाने के बारे में कई मिथक हैं। कुछ लोग फल खाली पेट खाना पसंद करते हैं, तो कुछ लंच या डिनर के साथ खाते हैं। आखिर फल कब और कैसे खाना चाहिए? यह जानना भी बहुत जरूरी है।
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अच्छी सेहत पाने के लिए डाइट में फलों को शामिल करना जरूरी है। यह तो आप जानते ही होंगे, लेकिन किस समय कौन सा फल खाना चाहिए, किसके साथ खाना चाहिए, क्या इसकी जानकारी है आपको? कोई सुबह उठते ही नाश्ते में चाय के साथ चीकू खा लेता है, तो कोई रात के समय स्नैक्स के तौर पर सेब खाता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डाइट में फल शामिल करना तो सही है, लेकिन उसे उचित समय पर न खाया जाए, तो फिर कोई फायदा नहीं होता। अधिकतर लोग यही सोचते हैं कि हेल्दी फूड आप जब चाहे खा सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों की मानें, तो ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है।
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फलों से आप अधिक से अधिक स्वास्थ्य लाभ पाना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि इसे भोजन करने से कुछ देर पहले या बाद में खाएं न कि लंच या डिनर के साथ। ऐसा इसलिए क्योंकि फल पाचनक्रिया को धीमा कर देते हैं। ऐसे में फलों को कब और कैसे खाना चाहिए, यह जान लेना भी सेहत के लिए जरूरी है।

भोजन से आधे घंटे पहले-
यदि आप अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो फल खाने का सबसे बेहतर समय है दिन में खाना खाने के तीस मिनट बाद। रात में फल खाने से बचें। शरीर जब तक फलों में मौजूद मिनरल्स और विटामिन्स को पूरी तरह से एब्जॉर्ब नहीं करता, आपको लाभ नहीं होगा।

बतौर डेजर्ट के रूप में खट्टे फलों को खाना खाने के तुरंत बाद खाने से बचें। इससे पेट में एसिड बनने लगता है, जिससे आपको भरा-भरा महसूस होगा। साथ ही पाचन संबंधित समस्याएं तो होंगी ही, न्यूट्रिएंट को एब्जॉर्ब करने में भी कमी आएगी।

छिलके में भी दम है

फलों में मौजूद पौष्टिक तत्वों का पूरा लाभ पाने के लिए, इन्हें साबुत और ताजा ही खाना चाहिए। कई लोग सेब, नाशपाती जैसे फलों का छिलका छील कर सेवन करते हैं। यह ठीक नहीं। फलों से जूस तैयार करने से, उसमें मौजूद विटामिन्स और फाइबर की मात्रा कम हो जाती है। जूस में शुगर की मात्रा भी बहुत अधिक होती है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए ठीक नहीं।

मौसमी फलों का सेवन करें। अलग-अलग फलों में अलग-अलग न्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं, इसलिए बेहतर यही होगा कि आप एक दिन में दो से तीन तरह के फलों का सेवन करें। एक दिन में तीन सर्विंग्स बेहतर माना गया है। केला, सेब या नाशपाती के साथ एक छोटा कप अंगूर या तरबूज खाएं।

किस बीमारी में कौन सा फल-

आज लोग जीवनशैली से संबंधित कई तरह की बीमारियों से ग्रस्त होते जा रहे हैं। यदि आपको किडनी समस्या या फिर डाइबिटीज है, तो फलों का चुनाव सोच-समझकर ही करें। किडनी संबंधी रोग में आप लो-पोटैशियम युक्त फल जैसे सेब, पपीता, नाशपाती, अमरूद अपनी डाइट में शामिल करें।

जिन्हें डाइबिटीज है, उन्हें वैसे फलों का सेवन करना चाहिए, जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो। सेब, बेरीज, कीवी, खुबानी, आड़ू और संतरा दोपहर में खाना खाने के एक से दो घंटे के बाद और शाम में चार से पांच बजे के बीच खाना चाहिए।

खाना खाने से पहले यानी खाली पेट आप चाहें, तो अनानास, अंगूर, अनार और पपीता खा सकते हैं। इनमें मौजूद एन्जाइम्स, विटामिन्स और मिनरल्स पाचन प्रक्रिया को दुरुस्त करते हैं। ऐसे में आप अपच की समस्या से बचे रहेंगे। 
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विशेषज्ञ की राय

न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. अंशुल जयभरत कहती हैं कि आप जो भी खाएं, वह शरीर में अच्छी तरह से पचना चाहिए। एब्जॉर्ब होना चाहिए। तभी उसमें मौजूद पौष्टिक तत्वों का लाभ शरीर को होगा।

चाय एवं कॉफी में मौजूद टैनिन और कैफीन केला और चीकू जैसे फलों में मौजूद न्यूट्रिएंट्स के अवशोषण में बाधा पहुंचाते हैं, इसलिए चाय या कॉफी के साथ फलों का सेवन न करें। किसी भी समय फलों का सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं। सुबह में खाली पेट फल खाने से ये जल्दी एब्जॉर्ब होते हैं।

साथ ही दो मील्स के बीच गैप रखकर स्नैक के तौर पर भी फल खा सकते हैं। वर्कआउट के पहले या बाद में भी फलों का सेवन आपके शरीर को ऊर्जावान बनाता है। दिन का समय फल खाने के लिए बेहतर होता है। दिन में खाना खाने से तीस मिनट पहले कोई सा भी पसंदीदा फल खा सकते हैं।

(ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला)
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