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युवाओं पर भी स्ट्रोक का खतरा

Sat, 01 Nov 2014 01:00 PM IST
उमाशंकर मिश्र /अमर उजाला दिल्ली
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कुछ समय पूर्व नई दिल्ली स्थित एम्स के न्यूरोलॉजी विभाग के एक सर्वे में पाया गया था कि स्ट्रोक के कारण मौत का शिकार बनने वाले 20 प्रतिशत लोगों की उम्र 40 साल से भी कम होती है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि आखिर स्ट्रोक के मामले क्यों बढ़ रहे हैं और इनसे कैसे बचा जा सकता है।
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20 साल पहले की तुलना में भारत में स्ट्रोक के मामलों में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है। करोड़ों महिलाएं एवं पुरुष समान रूप से कार्डियोवस्कुलर खतरे की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। समस्या की गंभीरता को देखते हुए 29 अक्तूबर को ‘वर्ल्ड स्ट्रोक डे’ घोषित किया गया है। अध्ययनों में यह बात साबित हो चुकी है कि दुनिया भर के युवाओं एवं मध्यम उम्र के लोगों में डायबिटीज, मोटापा और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां स्ट्रोक को दावत देने का मुख्य जरिया बन रही हैं।
सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याओं को नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। ऐसे कई लक्षण हो सकते हैं, जो आगे चलकर स्ट्रोक का कारण बन सकते हैं। लेकिन समय रहते इन लक्षणों को पहचानकर काबू कर लिया जाए, तो स्ट्रोक के खतरे से बचा जा सकता है। लाइफस्टाइल में हेल्दी बदलाव करना इनमें सबसे ज्यादा अहम है।
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क्या होता है स्ट्रोक
स्ट्रोक मस्तिष्क की एक बीमारी है, जो दिमाग में रक्त की नलियों के खराब होने से होती है। हृदय और मस्तिष्क के बीच रक्त प्रवाह बनाए रखने वाली इन नलियों में रक्त का थक्का जमने या फिर नस फटने से स्ट्रोक की समस्या होती है।

क्या हैं लक्षण
परंपरागत तौर पर स्ट्रोक को उम्रदराज लोगों से जोड़कर देखा जाता है और इसे याददाश्त में कमी आने का एक मुख्य कारण माना जाता है। शरीर के एक हिस्से में  कमजोरी या लकवा स्ट्रोक का सबसे अहम लक्षण है। इसके अलावा बोलने में परेशानी हो सकती है। सुन्न पड़ना या झुरझुरी पड़ना भी स्ट्रोक में सामान्य बात है। सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है और मरीज अचेत भी हो सकता है।

कैसे हो बचाव
दिल्ली के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर सिंघल के मुताबिक वजन ज्यादा हो और उम्र 40 के करीब या इससे अधिक हो, तो रक्तचाप की जांच नियमित रूप से करानी चाहिए। ज्यादा फास्ट फूड खाना भी स्ट्रोक को दावत दे सकता है। अगर फैमिली हिस्ट्री रही है, तो स्ट्रोक के खतरे को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए।  ज्यादा नमक खाना, एक्सरसाइज न करना, अत्यधिक शराब का सेवन, तनाव और पान चबाना भी स्ट्रोक का कारण बन सकता है। डायबिटीज के मरीजों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखना चाहिए। तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन और योगा करना बेहतर होगा।
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