हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के वैज्ञानिकों ने मस्तिष्क कैंसर से लड़ने के लिए स्टेम कोशिकाओं को एक किलिंग मशीन में तब्दील करने की अनूठी खोज की है।
चूहों पर किए गए एक प्रयोग में स्टेम कोशिकाओं को आनुवंशिक रूप से ऐसे तैयार किया गया है कि इनसे होने वाला विषाक्त स्राव सामान्य कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बग़ैर मस्तिष्क के कैंसर को मार सके।
शोधकर्ताओं का कहना है कि अगले चरण में मनुष्यों पर इसका परीक्षण किया जाना है।
एक स्टेम सेल विशेषज्ञ ने कहा कि यह कैंसर के इलाज़ का "भविष्य" है।
स्टेम सेल्स जरनल में प्रकाशित इस शोध पर मैसाच्युसेट्स जनरल हॉस्पिटल और हार्वर्ड स्टेम सेल इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने काम किया था।
ये वैज्ञानिक कई साल से कैंसर के लिए स्टेम सेल आधारित इलाज़ पर शोध कर रहे थे जो केवल कैंसर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती हैं।
उन्होंने स्टेम सेल तैयार करने के लिए अनुवांशिक इंजीनियरिंग का इस्तेमाल किया जो कैंसर को मारने वाले विषाक्त पदार्थ निकालते हैं। अहम बात यह है कि वे इस ज़हर के प्रभाव को रोकने में भी सक्षम हैं।
इस ज़हर ने सामान्य और स्वस्थ कोशिकाओं पर बिल्कुल भी असर नहीं डाला।
जानवरों पर किए गए परीक्षण में जैल में घिरे स्टेम सेल को मस्तिष्क में कैंसर वाली जगह पर रखा गया था जिसे बाद में हटा दिया गया।
इसके असर से कैंसर कोशिकाएं मृत हो गईं क्योंकि इनके पास इस ज़हरीले पदार्थ से बचाव के लिए कुछ भी नहीं था।