तपती गर्मी के बाद जब बारिश की बूंदें धरती पर पड़ती हैं, तो गजब का सुकून मिलता है। शायद ही कोई होगा, जिसका मन इस बारिश में भीगने का न करे। गर्मी से राहत पाने के लिए लोग हर बूंद को एन्जॉय करना चाहते हैं।
कई जगह बारिश शुरू भी हो चुकी है, तो कहीं मानसून का लोग बेसब्री से इंतजार भी कर रहे हैं। फिर भी मानसून से जुड़ी तैयारी हर किसी के लिए जरूरी है, क्योंकि मानसून ठंडक के साथ अपने साथ कुछ बीमारियां भी लेकर आता है।
घर के अंदर सेहत की बातें
खानपान में लापरवाही नहीं - बारिश का मौसम तो है ही छलिया, पर इसके बहकावे में आकर सेहत के प्रति लापरवाह मत हो जाइएगा।
इस मौसम में सचेत न रहा जाए, तो पीलिया, मलेरिया, टायफाइड, पेट व आंतों संबंधी बीमारियां, खांसी, जुकाम, जोड़ों में दर्द, त्वचा में इंफेक्शन, बुखार और फ्लू जैसी दिक्कतों की शिकार आप आसानी से हो सकते हैं।
भीगते हुए बारिश का पूरा मजा लेना चाहते हैं, तो सेहत का जरूर ध्यान रखें। इसके लिए अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने होंगे और यह बदलाव घर और घर से बाहर दोनों जगह होने चाहिए। तभी आप मानसून को सेहतमंद तरीके से जी पाएंगी।
हाइजीन का रखें ध्यान
हाइजीन मेनटेन करके आप 40 प्रतिशत जर्म्स संबंधित बीमारियों को रोक सकते हैं। इसलिए इन दिनों खानपान के साथ-साथ रहन-सहन और पहनावे में भी सफाई का ख्याल रखें।
खाद्य सामग्रियों को हमेशा ढंककर रखने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इन दिनों हल्का और कॉटन कपड़ा ही पहनें। बार-बार पैरों को धोने से बचें। पैरों को संक्रमण से बचाने के लिए पैरों में तेल लगाकर ही बाहर निकलें। पैरों में यदि कीचड़ लग गया हो, तो उसे तुरंत धो लें।
पानी की शुद्धता
मानसून में जलजनित बीमारियां ज्यादा होती हैं। इससे बचने के लिए शुद्ध पानी का सेवन करें। अगर आप कुआं, तालाब या नदी का पानी इस्तेमाल करती हैं, तो पानी को पहले फिटकरी से साफ करें।
पानी को उबालकर भी शुद्ध किया जा सकता है, यह सेहत के लिए सही रहेगा। लेकिन पानी को उबालने के 24 घंटे के अंदर ही इस्तेमाल कर लें।
बाहर का खाना
रेहड़ी पर बिकने वाले चाट, पकौड़ा, फ्राइड आइटम्स या जूस बिल्कुल भी न लें, खासकर तब जब साफ-सफाई को लेकर मन में किसी तरह की शंका हो।
अगर आप बाहर खाने की शौकीन हैं, तो वैसी जगह चुनें, जहां हाइजीन मेनटेन हो। कटे हुए फल बाजार से न लें और न ही घर में ज्यादा देर तक फल काटकर रखें। ऐसे पेय पदार्थों से तौबा करें, जिनमें प्रिजर्वेटिव हो या रंगों का प्रयोग किया गया हो। इससे पेट में गैस बनती है।
सब्जी वही जो मौसम को भाए
पत्तेदार और कच्ची सब्जियां खाने से बचें। यदि खानी ही हैं, तो इन्हें पोटैशियम परमैंगनेट के घोल में धोएं।
पत्तेदार सब्जियों की जगह आप पीला कद्दू, बैंगन, ग्वार की फली, टिंडा, परवल, करेला, लौकी, तुरई, नींबू, हरी मिर्च और लहसुन का सेवन कर सकते हैं।
आलू, अरबी, जैसे कंदशाक, भिंडी, मटर, पत्तागोभी, फूलगोभी न खाएं, क्योंकि ये आसानी से नहीं पचते हैं। इंफेक्श्ान से बचने के लिए खाने में प्याज और अदरक का प्रयोग बढ़ा दें। फ्रूट्स में अनार, आम, केला, सेब, लीची और जामुन ही लें।
मानसून के खास मसाले
पाचन-शक्ति बढ़ाने के लिए मसालों का यूज करें। लहसुन, काली मिर्च, अदरक, हींग, जीरा पाउडर, हल्दी और धनिया इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ पाचन शक्ति को भी बढ़ाते हैं।
अदरक की चाय या ग्रीन टी इस मौसम में आपको तरोताजा रखेंगे। रोटी या परांठे में अजवाइन का इस्तेमाल करें, यह खाने को सुपाच्य बना देता है।
घरेलू नुस्खे करेंगे चमत्कार
मानसून में कोल्ड से बचने के लिए मूली का जूस पिएं। इसमें एक चुटकी पिपली और रॉक साल्ट मिक्स करें और हल्का गर्म करके पिएं।
पाचन शक्ति बढ़ाने के लिए बड़ी हरड़ का चूर्ण और चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर ताजे पानी के साथ लें।
त्वचा में किसी तरह का इन्फेक्शन हो या ईचिंग हो रही है, तो एक या दो चम्मच नीम का तेल और आधा कप तिल का तेल मिक्स करें।
नहाने से पहले इस तेल से बॉडी की मालिश करें। कम-से-कम सप्ताह में एक बार जरूर इस तेल से मालिश करें। इससे त्वचा संबंधी संक्रमण से आप बची रहेंगी।
आंवले का सेवन जरूर करें। दिन में सोने से परहेज करें और ज्यादा फिजिकल वर्क भी न करें। खुले में साेने से बचें।