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दर्द निवारक दवाओं के ज्यादा सेवन से हो रहा है अल्सर!

Mon, 29 Apr 2013 11:37 AM IST
वाराणसी/ब्यूरो
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दर्द निवारक दवाओं के अधिक सेवन से अब लोगों में अल्सर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य सम्मेलन में डॉक्टरों ने पेन किलर दवाओं के बहुत अधिक इस्तेमाल से होने वाले अल्सर के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है।
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बीएचयू के के.एन. उडुप्पा सभागार में आयोजित उतर प्रदेश सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंट्रोलाजी के सम्मेलन में मेदांता मेडिसिटी, गुड़गांव के चेयरमैन डॉ. रणधीर सूद ने माना कि लोग बिना बात-बात पर पेन किलर दवाएं खा लेते हैं जो उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। डॉक्टरों को भी इस दिशा में अब सोचना होगा।   

छोटी आंत हो सकती है कमजोर
डॉ. सूद के अनुसार, दर्द निवारक दवाएं अधिक खाने से छोटी आंत की झिल्ली कमजोर हो जाती है, जिससे आंतों में घाव हो जाता है। सामान्य अल्सर में प्रतिदिन 200 मिली ग्राम से एक लीटर तक रक्त का श्राव हो जाता है। अधिक मिर्च-मसाला का सेवन और तनाव भी इस बीमारी के कारण हो सकते हैं।
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इंडोस्कोपी विधि, हीटर प्रोब विधि और हीमोस्प्रे विधि से इस बीमारी का उपचार सबसे अधिक कारगर है।

फोर्टिस अस्पताल, दिल्ली के प्रो. गुरुदास चौधरी ने कहा कि पूर्वांचल के आजमगढ़, बलिया, मिर्जापुर आदि जिलों के अलावा बिहार में लीवर फ्लूक के मरीज बढ़ रहे हैं। फैसियोलूपसिस बुस्की नामक विशेष प्रकार का कीड़ा खाद्य पदार्थों के सहारे पेट में प्रवेश कर जाता है और छोड़ी आंत एवं पिताशय को प्रभावित कर देता है, जिस वजह से यह बीमारी होती है।

खानपान से जुड़े रोगों में वृद्धि
दिल्ली के डा. उदय सी घोशाल ने कहा कि अत्यधिक चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक और धूमपान का सेवन करने वालों के साथ ही मांसाहारियों की खाने की नली क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस बीमारी को रिफ्लाक्स नाम दिया गया है। उन्होंने दावा कि भारत में शराब पीने वालों में 60 प्रतिशत ऐसे हैं, जिन्हें लीवर सिरोसिस बीमारी हो रही है।

इन बातों का रखें ध्यान
- स्वच्छ भोजन और पानी का सेवन करें। अधिक मिर्च-मसाला और तैलीय खाद्य सामग्रियों के साथ ही कटे फल न खाएं। तनावमुक्त रहें और अनावश्यक दवाओं का सेवन न करें।
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- बच्चों को मसालेदार भोजन और फास्टफूड के सेवन से परहेज कराएं। बाजार में बिक रहीं खुली चीजें न खाने दें।
- गर्भवती महिलाओं के लिए जरूरी है कि वे डॉक्टरी सलाह के बिना किसी भी दवा का सेवन न करें। स्वच्छ पानी, ताजा और स्वास्थ्यवर्धक भोजन करें।
- वृद्धावस्था में भोजन की मात्रा कम कर दें। ताजे फल, खीरा, ककड़ी, तरबूज आदि का सेवन करें। घर में ओआरएस का पैकेट जरूर रखें।
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