आमतौर पर नवजात शिशु के रोने का मतलब लगा पाना कठिन होता है। हम महज यह अंदाजा ही लगा पाते हैं कि उसे कोई दर्द हो रहा है या फिर भूख लगी है लेकिन बच्चे का बहुत रोना किसी गंभीर समस्या का ऐसा संकेत हो सकता है जिसे वह कहकर बता नहीं पाता है।
हाल में वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मशीन तैयार की है जो यह पता लगा सकती है कि बच्चे के अधिक रोने के पीछे कौन सी समस्या हो सकती है।
ब्राउन यूनिवर्सिटी और इन्फैंट हॉस्पिटल ऑफ रोड के शोधकर्ताओं ने मिलकर यह उपकरण तैयार किया है। यह उपकरण बच्चे के रोने पर उनके मस्तिष्क और विकास से संबंधित समस्याओं का पता लगाने में मददगार हो सकता है।
इतना ही नहीं, शोधकर्ताओं को यह उम्मीद भी है कि इस मशीन की सहायता से वह यह पता लगा सकेंगे कि बच्चे को कहीं ऑटिज्म की समस्या तो नहीं है।
शोधकर्ता डॉ. स्टीफन शेंकोफ बताते हैं, 'कई बार प्रजनन के दौरान या गर्भावस्था के समय बच्चों के साथ कुछ समस्याएं हो सकती हैं जिनकी वजह से वे अधिक रोते हैं लेकिन इन्हें हम सही समय पर पहचान ही नहीं पाते हैं। ऐसे में इस मशीन से हम उनके रोने का परीक्षण करके अंदाजा लगा सकते हैं कि उनकी वास्तविक समस्या क्या हो सकती है।'
यह उपकरण दो चरणों में काम करेगा। पहले चरण में यह रोने के दौरान बच्चे की मानसिक और शारीरिक गतिविधियों को अलग-अलग फ्रेम्स में रिकॉर्ड करेगा और दूसरे चरण में यह सभी फ्रेम्स से निकले तथ्यों को मस्तिष्क संबंधी समस्याओं से जोड़कर उनका परीक्षण करेगा।
इस मशीन से बच्चे के स्वास्थ्य से संबंधित 80 समस्याओं का पता लगाने में मदद मिल सकेगी।