एड्स जैसी लाइलाज बीमारी के इलाज को लेकर वैज्ञानिकों ने नई उपलब्धि हासिल की है।
वैज्ञानिकों ने जरेनियम, जिसे आयुर्वेद में कषायमूल वनस्पति भी कहते हैं, से एड्स के वायरस को खत्म करने का दावा किया है।
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इस आयुर्वेदिक पौधे के महत्व को म्यूनिख के जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर इन्वॉयरमेंटल हेल्थ के शोधकर्ताओं ने इस पौधे की मदद से एचआईवी-1 वायरस को रोकने का दावा किया है।
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शोधकर्ताओं ने माना कि जरेनियम की जड़ में कुछ ऐसे तत्व हैं जो मानव कोशिकाओं को एचआईवी-1 वायरस का प्रवेश रोकने के लिए मजबूत बनाता है और प्रतिरोधी तंत्र को मजबूत करता है।
शोधकर्ता रूथ रैक वार्नर के अनुसार, ''इस पौधे के इस्तेमाल से एड़्स के उपचार की दिशा में बड़ी उपलब्धि मिली है। कई दवा कंपनियों ने इस पौधे के इस्तेमाल से एड्स की दवाएं तैयार करने के लाइसेंस की प्रयास भी शुरू कर दिया है।''