मैं चाय और कॉफी नहीं पीता लेकिन थोड़ा बहुत बिस्किट, केक, मिठाई और फलों का जूस ले लेता हूँ।
मेरा अनुमान है कि मैं खाद्य पदार्थों में पाए जाने वाली अतिरिक्त चीनी या फलों में मौजूद चीनी के रूप में 10 फ़ीसदी की तय सीमा से ज़्यादा कैलोरी ले लेता हूँ।
मैं इस मामले में अकेला नहीं हूँ। ब्रिटेन में हर उम्र के लोग इस अतिरिक्त चीनी की वजह से तय सीमा को पार कर रहे हैं।
पांच साल के बच्चों में दांत सड़ने के एक चौथाई मामले ज़्यादा चीनी खाने से होते हैं।
मोटापे का ख़तरा
ब्रिटेन में दो तिहाई व्यस्क और एक तिहाई बच्चे ज़्यादा कैलोरी लेने की वजह से अधिक वज़न या मोटापे के शिकार हो रहे हैं। चीनी कैलोरी का बड़ा स्रोत है।
मोटापे से हृदय रोग, डायबिटीज और कई तरह के कैंसर होने का जोखिम रहता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चीनी की खपत को नियंत्रित करने के नए दिशानिर्देश जारी किए हैं।
पोषण वैज्ञानिक सलाहकार समिति (एसएसीएन) ने 600 लोगों पर अध्ययन कर यह पाया कि मीठे पेय पदार्थों और डायबिटीज के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है।
नए दिशानिर्देशों के अनुसार फल और दूध से चीनी की मात्रा हटा दी गई है।
फाइबरयुक्त खाना है इलाज
यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफोर्ड में प्रोफेसर सुसान जेब का कहना है, "हमें चीनी की कम मात्रा लेने की ज़रूरत है लेकिन इसकी भरपाई मक्खन से नहीं करनी चाहिए। हमारे खाने में बड़े पैमाने पर फाइबर युक्त फल और सब्जियाँ होनी चाहिए।"
एसएसीएन ने भी व्यस्कों को प्रतिदिन 30 ग्राम फाइबर खाने की सलाह दी है।
आप अपने फाइबर युक्त खाने में फल और सब्जियां, रोटी, फाइबरयुक्त अनाज, आलू और पास्ता शामिल कर सकते हैं।
इससे मिलने वाली कैलोरी आप सिर्फ़ एक कोल्ड ड्रिंक में ले लेते हैं।