अगर आप अपने जीवन में नए मेहमान के आने का विचार बना रही हैं तो उल्टी आने, जी मचलने जैसे किसी भी लक्षण के प्रति आप बहुत सजग होती होंगी। गर्भावस्था के शुरूआती दौर में महिलाओं को कई बार कुछ विशेष प्रकार के बदलावों का सामना करना पड़ता है जिनके बारे में सही जानकारी होनी बहुत जरूरी है।
वैसे तो गर्भवास्था के परीक्षण के लिए ब्लड टेस्ट व युरीन टेस्ट पुख्ता विकल्प होते हैं लेकिन इन लक्षणों की सही जानकारी से आपको सही समय पर प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने और अपने शरीर में हो रहे बदलावों को समझने में आसानी होगी।
बहुत अधिक थकावट होना
गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में अक्सर महिलाओं को बहुत जल्द ही थकान और घबराहट होने लगती है। ऐसे में थकान दूर करने के लिए बार-बार चाय-कॉफी लेने के बजाय हेल्दी डाइट और आराम को तवज्जो देना चाहिए।
भोजन के प्रति अरुचि
कई बार गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में भोजन के प्रति इतनी अरुचि हो जाती है कि अपने पसंदीदा व्यंजन की ओर भी देखने का मन नहीं करता। इसकी वजह शरीर में बीटा-एचसीजी हार्मोन के स्तर में होने वाली वृद्धि है।
घबराहट व उल्टियां
गर्भावस्था के दौरान घबराहट और उल्टियां सबसे सामान्य लक्षण हैं। इनकी वजह है शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव। ऐसे में इनसे घबराने के बजाय नींबू पानी, टॉफी, इलायची आदि लेते रहना चाहिए। साथ ही दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी डाइट लेनी चाहिए। अगर उल्टियां अधिक हों तो डॉक्टर से जांच कराकर ही दवा लें।
शारीरिक बदलाव
गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई बदलाव प्रत्यक्ष तौर पर होते हैं। मसलन, स्तनों में सूजन या हल्का दर्द रहना। महावारी रुक जाती है। चेहरे और शरीर में थोड़ा भारीपन महसूस होता है। योनी अधिक संवेदनशील हो जाती है। एड़ियों में सूजन हो सकती है। बार-बार युरीन होती है। सांस अधिक फूलती है या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।