कुत्ते इंसान के कितने अच्छे दोस्त हैं इस बात को एक बार फिर साबित किया है हाल में हुए एक शोध ने जिसमें पाया गया कि कुत्ते महिलाओं में गर्भाशय का कैंसर सूंघकर पता लगा सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया के शोधकर्ताओं ने कुत्तों की इस खूबी का इस्तेमाल करते हुए उन्हें प्रशिक्षित कर यह पाया है कि उनकी यह विशेषता ओवरी के कैंसर का 100 प्रतिशत पता लगाने में कामयाब है।
शोध के दौरान प्रशिक्षित लैबरेडर कुत्ते ओहलिन फ्रैंक की मदद से शोधकर्ताओं ने गर्भाशय में कैंसर के टिशु का पता लगाया। दरअसल, इस शोध के दौरान करीब 15 प्रशिक्षित कुत्तों को विस्फोटक, ड्रग्स, गुमशुदा लोग आदि की पहचान के लिए तैयार किया जा रहा था जिसमें उनकी इस खूबी का पता चला।
'एबीसीन्यूज' में प्रकाशित इस शोध में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि कुत्ते गर्भाशय के कैंसर का प्रारंभिक चरण में भी पता लगा सकते हैं। शोध में शामिल पशु प्रशिक्षक सिंथिया एम ओटो का मानना है कि अगले दो सालों के भीतर इस तकनीक से प्रभावी तरीके से गर्भाशय के कैंसर का पता लगाने में इस्तेमाल हो सकता है।
शोधकर्ताओं ने कुत्तों को पहले कैंसर के टिशु सूंघने के लिए दिए और प्रशिक्षित किया कि टिशु की महक आने पर वे बैठ जाएं। यह शोध 2010 में स्वीडन में हुए एक शोध पर आधारित है जिसमें पाया गया था कि पशुओं की मदद से 90 प्रतिशत तक कैंसर की पहचान की संभावना हो सकती है।
शोधकर्ताओं का मानना है कि इस शोध के बाद अब गर्भाशय के कैंसर का पता आरंभिक चरण में ही लगाना आसान हो जाएगा और इसकी पहचान के लिए होने वाले कई प्रकार के परीक्षणों से छुटकारा मिल सकेगा।