शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी ने तकरीबन हर घर में लोगों को अपना शिकार बनाया हुआ है। एक नजर इन पर-
शुगर
शहर में वयस्कों की तकरीबन 50 फीसदी से ज्यादा आबादी शुगर की चपेट में है। इसका कारण आनुवंशिक तो है ही, इसके अलावा जीवन शैली भी एक बड़ी वजह है। मसलन फास्ट फूड का सेवन, शरीर में कैलोरी का असंतुलन, मोटापा की वजह से भी शुगर पनप जाती है। यूं नियंत्रित करें शुगर को :
-नियमित स्क्रीनिंग कराएं।
-डाइट में संतुलन बनाएं।
-एक्सरसाइज जरूर करें।
-शर्करा वाले फलों से परहेज बरतें।
-डाक्टर की सलाह का पालन करें।
ब्लडप्रेशर
लो ब्लड प्रेशर
यह खास तौर पर युवतियों और महिलाओं में होता है। इसका कारण हीमोग्लोबिन और प्रोटीन की कमी है। इस पर नियंत्रण का यही तरीका :
-दाल, अंडा, सोयाबीन जैसे प्रोटीन रिच डाइट लें।
-आयरन की टेबलेट्स का सेवन करें।
हाई ब्लड प्रेशर
हाई ब्लड प्रेशर के कई कारण हैं। आनुवंशिक कारण से लेकर मोटापा, शुगर, शराब का सेवन जैसी कई वजहें ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकती हैं। इससे बचने का तरीका :
-नियमित व्यायाम करें।
-वसा का कम-से-कम सेवन करें।
-नमक कम खाएं, संतुलित आहार लें।
-नियमित इलाज कराएं।
दिल के मरीज
45 से अधिक की उम्र, चलने-फिरने से परहेज, हाई कोलेस्ट्राल युक्त भोजन और डायबिटीज, ब्लड प्रेशर की बीमारी दिल को भी खतरे में डाल सकती है। कुछ यूं रह सकते हैं इस बीमारी से दूर:
-रोज कम-से-कम 20 मिनट और ज्यादा-से-ज्यादा 45 मिनट पैदल चलें।
-तेल, घी, मक्खन कम-से-कम, ताजा सब्जी फल अधिक-से-अधिक खाएं।
-मटन और अंडे में अधिक कोलेस्ट्राल होता है इसके सेवन से परहेज करें।
-इसके स्थान पर मछली का सेवन किया जा सकता है।
-डायबिटीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को कंट्रोल में रखें।
(दून अस्पताल के सीनियर फिजिशियन डा. एनएस बिष्ट और कार्डियोलाजिस्ट डा. अनुराग के मुताबिक)