बरसात या ठंड में कंजक्टिवाइटिस की समस्या ज्यादा देख्ाने को मिलती है। वायरल इन्फेक्शन के कारण पिछले कुछ सप्ताहों से कंजक्टिवाइटिस के मामलों में लगभग 5-6 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
कम नींद लेने का किशोरों के लिए बड़ा है यह नुकसान
इस मौसम में कंजक्टिवाइटिस के संक्रमण का प्रभाव अधिक समय तक रहता है। अभी दिसंबर माह तक यह स्थिति बढ़ने की आशंका है, यह कहना है फोर्टिस हेल्थकेयर के नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टर संजय धवन का।
जुकाम से हो सकता है मोटापा, जुकाम के ये पहलू नहीं जानते हैं आप
कंजक्टिवाइटिस के लक्षणों में आंखों और पलकों में सूजन, आंखों में पीड़ा और खुजली के कारण शरीर में झुंझलाहट होना, प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता, दृष्टि में धुंधलापन मुख्य हैं।
अगर इस तरह के लक्षण आपको दिखें, तो डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
एहतियात के तौर पर साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। आंखों में किसी तरह का मेकअप न करें। आंवले के साथ विटामिन बी-2 और ए युक्त खाद्य पदार्थ लें।