जिन पुरुषों के सिर के बाल 45 की उम्र तक झड़ जाते हैं, उन्हें सेहत से जुड़ा बड़ा खतरा हो सकता है।
डेली मेल वेबसाइट पर प्रकाशित खबर की मानें तो 45 साल की उम्र तक गंजे हो जाने वाले पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर का खतरा सामान्य पुरुषों की अपेक्षा 40 प्रतिशत अधिक होता है।
अमेरिकी शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि यह रिस्क खास तरह के गंजेपन में होता है जिसमें पुरुषों के माथे व सिर के मध्य भाग के बाल के बाल पहले झड़ जाते हैं।
उन्होंने यह भी माना कि दूसरे प्रकार के गंजेपन से प्रोस्टेट कैंसर का संबंध नहीं है।
क्या है वजह?
शोधकर्ताओं के अनुसार, इसकी वजह पुरुषों के शरीर में सेक्स हार्मोन एंड्रोजन और एंड्रोजन रिसेप्टर्स की अधिकता है। इसी कारण पुरुषों के सिर के मध्य भाग के बाल झड़ते हैं।
इससे पहले भी आस्ट्रेलिया के कैंसर काउंसिल ऑफ विक्टोरिया के शोध में पुरुषों के गंजेपन का संबंध टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन की अधिकता से माना गया है।
शोधकर्ताओं ने माना कि टेस्टोस्टेरोन का अधिक स्तर न केवल बाल कि कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है बल्कि कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने में भी मदद करता है।
कम बाल हैं तो बरतें यह एहतियात
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर माना है कि माथे पर और सिर के मध्य भाग में 45 साल की उम्र तक बाल झड़ने वाले पुरुषों के लिए जरूरी है कि वे इस कैंसर से संबंधित टेस्ट करवाएं।
उनका दावा है कि इस शोध के बाद सही समय पर प्रोस्टेट कैंसर की पहचान करना संभव हो सकेगा।
शोधकर्ता कोलिन कूपर के अनुसार, ''इस शोध के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण के रूप में गंजेपन को देखा जा सकता है। खास तरह का गंजापन पुरुषों के लिए प्रोस्टेट कैंसर का लक्षण हो सकता है। ''
यह शोध क्लीनिकल ओंकोलॉजी जर्नल में प्रकाशित हुआ है।