गर्भवती महिलाओं को कोविड संक्रमण का खतरा अधिक
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कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमितों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोमोरबिडिटी यानी की जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोगों की समस्या है, ऐसे लोगों को संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि कोरोना वायरस गर्भवती महिलाओं को किस प्रकार से प्रभावित कर सकता है? क्या गर्भवती महिलाओं को कोरोना संक्रमण होने का डर अधिक रहता है? अगर हां, तो वह इससे कैसे बचाव कर सकती हैं?
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर सोमवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञों ने इसी विषय में जानने की कोशिश की। इस दौरान महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वैशाली शर्मा और आईजीआईएमएम पटना के डॉक्टर अमीष कुमार ने कोरोना के समय में गर्भवती महिलाओं की देखभाल को लेकर जानकारी दी।
दूसरा लहर ज्यादा खतरनाक
अमर उजाला से बातचीत के दौरान डॉ वैशाली बताती हैं कि कोरोना की पहली लहर गर्भवती महिलाओं के लिए उतना खतरनाक नहीं था जितना यह दूसरी लहर है। कोरोना के म्यूटेंट वायरस के कारण गर्भवती महिलाओं में बहुत ही गंभीर संक्रमण देखने को मिल रहे हैं। गर्भावस्था के दौरान शरीर के इम्यून सिस्टम में कई तरह के बदलाव होते हैं जिसके कारण ऐसी महिलाओं में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
गर्भवती महिलाओं को ऐसे समय में क्या करना चाहिए?
डॉ वैशाली कहती हैं कि जो गर्भवती महिलाएं संक्रमण का शिकार हो रही हैं उनमें ज्यादातर मामले माइल्ड ही होते हैं। हालांकि जिन महिलाओं में संक्रमण बढ़कर गंभीर रूप ले लेता है यह उनके लिए बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बचने का सबसे बेहतर उपाय यही है कि आप पहले खुद को किसी भी तरह के संक्रमण से बचाएं। कोरोना की दूसरी लहर गर्भवती महिलाओं में काफी घातक है।
गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं लगवानी चाहिए
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घर में कोई संक्रमित हो जाए तो गर्भवती महिलाएं कैसे रखें ख्याल?
डॉ वैशाली बताती हैं सामान्य तौर पर कहा जाता है कि जो लोग कोविड संक्रमित हो जाएं उन्हें आइसोलेट हो जाना चाहिए, पर इस मामले में गर्भवती महिलाओं को सलाह दी जाती है कि यदि आपके घर में कोई संक्रमित है तो आप खुद भी आइसोलेट हो जाएं। ऐसी महिलाओं को घर में भी मास्क पहनकर रखना चाहिए और घर के अन्य लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, भले ही दूसरे लोगों को संक्रमण न हो।
क्या गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन लगवानी चाहिए?
डॉ अमीष कहते हैं कि फिलहाल गर्भवती महिलाओं को वैक्सीन नहीं दी जा रही है। लेकिन अगर गर्भवती महिलाओं को कोवीशील्ड वैक्सीन दिया जाए तो इससे उनके शरीर में एंटीबॉडीज बन सकती हैं और गर्भनाल के माध्यम से पल रहे शिशु की भी रक्षा हो सकती है। हालांकि प्रेक्टिकली ऐसा किया नहीं जा रहा है, इस बारे में और अध्ययन की जरूरत हैं।
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नोट: यह लेख महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वैशाली शर्मा और आईजीआईएमएम के डॉक्टर अमीष कुमार से बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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