गर्मियों में सेहत के लिए लाभकारी है ओआरएस
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पहले जानिए ओआरएस क्या होता है?
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) एक विशेष रूप से तैयार किया गया पेय है जिसका उपयोग शरीर को हाइड्रेट करने या डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए किया जाता है। गर्मी के दिनों में पाचन की समस्याएं, दस्त और उल्टी होने की दिक्कत अधिक देखी जाती है जिसके कारण शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है।
ये शरीर में तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी का भी कारण बन सकती हैं। इस तरह की स्थिति में स्वास्थ्य विशेषज्ञ आपको ओआरएस का घोल पीन की सलाह दे सकते हैं।
ओआरएस मुख्यरूप से चीनी, सोडियम और पोटेशियम का मिश्रण है, जिसे बीमारी या शरीर में पानी-इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को दूर करने में आपके लिए मददगार माना जाता है।
डिहाइड्रेशन दूर करने के लिए ओआरएस का घोल
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कब पीना चाहिए ओआरएस?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, ओआरएस वैसे तो डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए एक बेहतर और कारगर उपाय है, पर इसे नियमित रूप से सेवन के लिए नहीं बनाया गया है। ये डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
सामान्य तौर पर हल्के स्तर के डिहाइड्रेशन की समस्या पानी और जूस के माध्यम से दूर की जा सकती है, हालांकि मध्यम स्तर के डिहाइड्रेशन की स्थिति में पानी के साथ ओआरएस का घोल दिया जाता है। ओआरएस से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे पोटेशियम और सोडियम की कमी को दूर किया जा सकता है।
शरीर में पानी की कमी कैसे दूर करें?
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बच्चों में डायरिया के लिए लाभकारी
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन डायरिया और शरीर में पानी की कमी को दूर करने में फायदेमंद है, इसे सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी भी माना जाता है। बच्चों में डायरिया और डिहाइड्रेशन के इलाज के लिए ये मददगार है। चूंकि वयस्कों की तुलना में, बच्चों में डायरिया के कारण डिहाइड्रेशन होने की आशंका ज्यादा होती है इसलिए इसका इस्तेमाल बच्चों के लिए ज्यादा किया जाता रहा है।
पर इन सबके बीच ये ध्यान रखना भी जरूरी है कि जिस चीज के फायदे होते हैं उसके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जिसके बारे में जानना और बचाव करते रहना जरूरी है।
ज्यादा ओआरएस के भी हो सकते हैं नुकसान
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इन साइड-इफेक्ट्स को भी जानिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, ओआरएस को दिन में एक या दो बार (डॉक्टर की सलाह पर) डिहाइड्रेशन को कम करने लिया जा सकता है, खासकर अगर आपको निर्जलीकरण का अनुभव हो रहा है। ये रोजाना सेवन के लिए नहीं है।
अगर घोल को सही तरीके से तैयार या इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तो इसके कारण सॉल्ट टॉक्सिसिटी की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में मितली-उल्टी, कमजोरी, भूख न लगने, भ्रम जैसी समस्याओं का भी खतरा हो सकता है।
हल्के स्तर के डिहाइड्रेशन को कम करने के लिए ओआरएस एक बेहतर तरीका हो सकता है, हालांकि अगर इससे भी आपको लाभ नहीं मिलता है तो समय रहते डॉक्टर की सलाह जरूर लें। डिहाइड्रेशन की लंबे समय तक बनी रहनी वाली स्थिति सेहत के लिए कई प्रकार की दिक्कतें बढ़ाने वाली भी हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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