कोरोना के बाद आ जाती है शरीर में कमजोरी
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देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रोजाना बढ़ते मामलों ने देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। कोविड के नए स्ट्रेनों के कारण लोगों को तमाम तरह की दिक्कतें हो रही हैं। इतना ही नहीं जो लोग कोरोना से ठीक भी हो जा रहे हैं उन्हें लंबे समय तक शरीर में दर्द और कमजोरी का अनुभव हो रहा है। पोस्ट-कोविड इन समस्याओं से कैसे निपटा जा सकता है? आइए इस संबंध में विशेषज्ञों से जानते हैं।
अमर उजाला फाउंडेशन की पहल के माध्यम से कोरोना महामारी को लेकर गुरुवार को हुई चर्चा में हमने विशेषज्ञों ने इसी विषय के बारे में जानने की कोशिश की। इस दौरान दिल्ली एम्स के पैथोलॉजिस्ट डॉ आमोद कुमार और उजाला सिग्नस के डॉ गौरव कामरा ने सभी सवालों के जवाब दिए।
कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद क्या करना चाहिए?
इस सवाल के जवाब में डॉ आमोद कहते हैं कि कोरोना से मुकाबले के दौरान हमारे शरीर में मौजूद मायक्रोन्यूट्रिएंट की काफी खपत हो जाती है, यही कारण है कि लोगों को ठीक होने के बाद भी काफी कमजोरी महसूस होती है। इस कमजोरी को ठीक होने में एक से दो महीने का वक्त लग सकता है। ऐसे में लोगों को पूरा आराम करने और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।
कमजोरी दूर करने के लिए प्रोटीन से भरपूर आहार लें
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कमजोरी कैसे दूर की जाए?
कोरोना से रिकवरी के बाद लोगों को हो रही कमजोरी को दूर करने को लेकर डॉ गौरव कहते हैं कि ऐसे लोगों को सबसे पहले संतुलित और पौष्टिक आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके अलावा व्यायाम, विशेषकर सांस लेने और छोड़ने वाले व्यायामों को जरूर करना चाहिए। लोगों को रोजाना 10 से 15 मिनट तक मुंह बंद करके लंबी सांस लेने का अभ्यास करना चाहिए।
खान-पान कैसा हो
डॉ आमोद कहते हैं कि कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों को ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो प्रोटीन से भरपूर हों। दाल, अंडे, पनीर, दूध और फलों का सेवन जरूर करना चाहिए। अगर आप उचित पोषक तत्वों से युक्त आहार ले रहे हैं तो आपको विटामिन की गोलियों और सप्लीमेंट्स की कोई जरूरत नहीं होती है। पोषक तत्वों की भरपाई भोजन से करने की कोशिश करें, न कि दवाओं से।
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नोट: यह लेख दिल्ली एम्स के पैथोलॉजिस्ट डॉ आमोद कुमार और उजाला सिग्नस के डॉ गौरव कामरा से एक बातचीत के आधार पर तैयार किया गया है।
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