साइनस के ऑपरेशन के बाद मरीज को एंटीबायोटिक लेने की जरूरत नहीं है। अमेरिका के मैसाच्युसेट्स आई एंड ईयर अस्पताल द्वारा किए गए अध्ययन में ये दावा किया गया है। वैज्ञानिकों के अनुसार एंटीबायोटिक के प्रयोग से कुछ मरीजों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट के मामले देखे गए हैं।
इंटरनेशनल फोरम ऑफ एलर्जी एंड राइनोलॉजी में प्रकाशित शोध के अनुसार साइनस के ऑपरेशन वाले मरीजों को आमतौर पर चिकित्सक एंटीबायोटिक लिखते हैं, जबकि सामान्य तरह के होने वाले इंडोस्कोपिक सर्जरी में एंटीबायोटिक की जरूरत नहीं होती है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि अध्ययन के अनुसार जिन मरीजों को ऑपरेशन के बाद एंटीबायोटिक दी गई और जिन्हें नहीं दी गई दोनों में कोई विशेष तरह का कोई अंतर देखने को नहीं मिला।
सह-शोधकर्ता और हेड एंड नेक सर्जन डॉ. एरिक एस. होलब्रुक बताते हैं कि जिन मरीजों को एंटीबायोटिक दी गई उन मरीजों में डायरिया के लक्षण दस गुना अधिक देखने को मिले। वे बताते हैं कि सामान्य तरह के साइनस के ऑपरेशन वाले रोगियों को एंटीबायोटिक से सिर्फ तकलीफ हो सकती है। ऐसे में इसकी बहुत अधिक जरूरत नहीं है।
77 मरीजों पर किया गया अध्ययन
वैज्ञानिकों ने इस नतीजे पर पहुंचने के लिए 77 मरीजों पर अध्ययन किया। इसमें से 37 मरीजों को एंटीबायोटिक दर गई जबकि 40 को प्लेसीबो दिया गया था। एंटीबायोटिक वाले और बिना एंटीबायोटिक वाले मरीजों पर ऑपरेशन के पहले सप्ताह और ऑपरेशन के छह सप्ताह बाद विश्लेषण किया गया जिसमें ये बात निकलकर सामने आई है।
शोध के अनुसार जिन 24 फीसदी मरीजों को एंटीबायोटिक दी गई उनमें डायरिया की तकलीफ ज्यादा था जबकि बिना एंटीबायोटिक वाले मरीजों में ये दर 2.5 फीसदी थी। ऐसे में चिकित्सकों को इसपर विचार करना होगा।