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National vaccination Day 2021: नवजात शिशु के लिए जरूरी हैं ये वैक्सीन, बच्चा रहता है बीमारियों से दूर

Tue, 16 Mar 2021 01:41 PM IST
योगेश जोशी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जन्म के बाद बच्चे के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी होता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
जन्म के बाद बच्चे के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी होता है। शिशु को जन्म के बाद कुछ समय तक अलग- अलग वैक्सीन लगवाई जाती हैं। बीमारियों और इंफेक्शन से सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को वैक्सीन लगाना बहुत जरूरी होता है। आज हम आपको उन वैक्सीन के बारे में बताएंगे जो बच्चों के लिए काफी आवश्यक होती हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें बच्चों को वैक्सीन लगाने के बाद बुखार या दर्द होना आम बात है। आइए जानते हैं उन वैक्सीन के बारे में जो बच्चों के लिए काफी जरूरी होती हैं....
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जन्म के बाद बच्चे को हेपेटाइटिस बी वैक्सीन लगाई जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
हेपेटाइटिस बी
  • जन्म के बाद बच्चे को हेपेटाइटिस बी वैक्सीन लगाई जाती है। हेपेटाइटिस बी की बीमारी लिवर को नुकसान पहुंचाती है। कैंसर और लिवर संबंधित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को हेपेटाइटिस बी वैक्सीन लगाई जाती है।
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रोटावायरस इंफेक्शन से सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को राटावायरस वैक्सीन दी जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
रोटावायरस वैक्सीन
  • रोटावायरस संक्रामक वायरस है। इसकी वजह से उल्टी, दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इस वायरस की वजह से बच्चों को बुखार भी आ सकता है। रोटावायरस इंफेक्शन से सुरक्षित रखने के लिए बच्चों को रोटावायरस वैक्सीन दी जाती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें रोटावायरस वैक्सीन को दो या तीन डोज में दिया जाता है।

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बच्चों को पोलियो की खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए पोलियो वैक्सीन दी जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay
पोलियो वैक्सीन
  • बच्चों को पोलियो की खतरनाक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए पोलियो वैक्सीन दी जाती है। पोलियो वैक्सीन 99 फीसदी तक असरदार होती है। पोलियो वैक्सीन बच्चे को निमोनिया, खून में इंफेक्शन और बैक्टीरियल मेनिंजाइटिस से भी बचाने में सहायक होती है।
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बच्चों को एक से दो साल के बीच में हेपेटाइटिस ए वैक्सीन लगाई जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
हेपेटाइटिस ए
  • हेपेटाइटिस ए लिवर से संबंधित बीमारी है। थकान, पेट दर्द और पीलिया इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं। बच्चों को एक से दो साल के बीच में ये वैक्सीन लगाई जाती है।
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बच्चों को चिकनपॉक्स से सुरक्षित रखने के लिए वैरिसेला वैक्सीन दी जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैरिसेला वैक्सीन
  • बच्चों को चिकनपॉक्स से सुरक्षित रखने के लिए वैरिसेला वैक्सीन दी जाती है। 12 से 18 माह के बच्चों को ये वैक्सीन दी जाती है। ये वैक्सीन दो डोज में दी जाती है।
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शिशु को खसरा और रूबैला जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए एमएमआर वैक्सीन लगाई जाती है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
एमएमआर वैक्सीन
  • शिशु को खसरा और रूबैला जैसी बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए एमएमआर वैक्सीन लगाई जाती है। ये वैक्सीन दो डोज में दी जाती है। इसकी पहली डोज 9वें माह में और दूसरी डोज 12 से 15 साल की उम्र में दी जाती है।
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शिशु को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखने के लिए वैक्सीन लगाना बहुत जरूरी होता है- सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay
डीपीटी वैक्सीन
  • बच्चे को डिप्थीरिया, टेटनस और काली खांसी से सुरक्षित रखने के लिए डीपीटी वैक्सीन लगाई जाती है। शिशु को स्वस्थ और बीमारियों से दूर रखने के लिए वैक्सीन लगाना बहुत जरूरी होता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यह लेख आपकी जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किया गया है। बच्चों की वैक्सीनेशन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
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