मस्तिष्क की समस्या और अल्जाइमर रोग
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क्या कहते हैं शोधकर्ता?
कैलिफोर्निया स्थित स्क्रिप्स रिसर्च में मॉलिक्यूलर मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर और अध्ययन के वरिष्ठ लेखक स्टुअर्ट लिप्टन कहते हैं, हमारे अध्ययन से पता चलता है कि महिलाओं में कुछ प्रकार के कैमिकल मोडिफिकेशन देखे जाते रहे हैं जो अल्जाइमर जैसे रोगों को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। अध्ययन के परिणामों के आधार पर इस समस्या के जोखिमों को कम करने के लिए प्रयास किए जा सकते हैं।
इसके अलावा दैनिक जीवन के कारकों पर भी सभी लोगों को ध्यान देते रहने की आवश्यकता है जिससे इस न्यूरोलॉजिकल समस्या के खतरे को कम किया जा सके।
अल्जाइमर के जोखिम कारकों के बारे में जानिए
डॉक्टर्स बताते हैं कुछ स्थितियां आपमें अल्जाइमर रोग के खतरे को बढ़ाने वाली हो सकती हैं, जिसके बारे में जानकारी होते हुए बचाव के उपायों का पालन करते रहना जरूरी होता है। धूम्रपान- शराब का सेवन, हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापा जैसी स्थितियां अल्जाइमर रोग के जोखिम को बढ़ाती हैं। इसके अलावा यदि आपके परिवार में पहले से ही किसी को अल्जाइमर की समस्या रह चुकी है तो भी इसका जोखिम अधिक देखा गया है।
अल्जाइमर रोग से बचाव के तरीके
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अल्जाइमर से बचाव के लिए क्या करें?
अध्ययनों से पता चलता है कि वैसे तो अल्जाइमर रोग से बचाव नहीं किया जा सकता है, हालांकि जीवनशैली में सुधार करके जोखिम कारकों को जरूर कम कर सकते हैं। आहार, व्यायाम और मादक पदार्थों से दूरी बनाने से न्यूरोलॉजिकल विकारों का जोखिम कम होता है। दिनचर्या में नियमित रूप से योग-व्यायाम को शामिल करने से अल्जाइमर रोग के खतरे को कम करने में मदद मिल सकती है।
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स्रोत और संदर्भ
Mechanistic insight into female predominance in Alzheimer’s disease based on aberrant protein S-nitrosylation of C3
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