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Health Tips: World Aids Day पर विशेषज्ञ से जानें एड्स से जंग जीतने के तरीके, इन बातों का रखें खास ध्यान

Thu, 01 Dec 2022 07:00 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एड्स / एचआईवी की रोकथाम और इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाने का सुझाव देते हैं। जब लोग जागरूक होंगे कि एड्स कैसे और क्यों होता है तो वह सतर्क रहेंगे।
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एड्स/एचआईवी रोकथाम - फोटो : pixabay
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विस्तार
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Health Tips: World Health Tips- दुनियाभर में आज विश्व एड्स दिवस मनाया जा रहा है। एड्स एचआईवी संक्रामक रोग है, जिसमें शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने लगती है। एचआईवी/एड्स एक लाइलाज बीमारी है। हालांकि दवाओं के माध्यम से एचआईवी की जटिलताओं को कम किया जा सकता है। लेकिन एचआईवी संक्रमण से ग्रसित पीड़ित व्यक्ति जीवन भर इस वायरस की चपेट में रहता है। इस कारण लोग एचआईवी संक्रमण को लेकर काफी चिंतित रहते हैं।

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एड्स और एचआईवी तेजी से फैसले वाली समस्या है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2020 तक लगभग साढ़े तीन करोड़ से ज्यादा लोग इस संक्रमण की चपेट में थे। यह आंकड़ा बढ़ रहा है। अफ्रीकी देशों में एचआईवी संक्रमितों की संख्या सबसे अधिक है। इस संक्रमण के कारण लाखों लोगों की मौत भी हो चुकी है। एड्स का भले ही इलाज नहीं है लेकिन जागरूक करके इस रोग से बचा जा सकता है। एचआईवी की रोकथाम और जागरूकता के लिए हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं एड्स की रोकथाम और इस जानलेवा बीमारी से जंग जीतने के आसान तरीके।

एड्स का कारण

एड्स या एचआईवी संक्रमण से बचाव और रोकथाम के लिए सबसे पहले पता होना चाहिए कि यह रोग कैसे होता है। एड्स संक्रमित रक्त के कारण एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। इसके अलावा संक्रमित सुई, गर्भवती मां से बच्चों में भी एड्स पहुंच सकता है। एड्स के प्रसार का सबसे मुख्य कारण असुरक्षित यौन संबंध है। सबसे अधिक मामले भी असुरक्षित यौन संबंधों के कारण सामने आए हैं।
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एड्स से बचाव और रोकथाम 

एड्स / एचआईवी की रोकथाम और इससे बचाव के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस संक्रमण के बारे में जागरूकता बढ़ाने का सुझाव देते हैं। जब लोग जागरूक होंगे कि एड्स कैसे और क्यों होता है तो वह सतर्क रहेंगे।

यौन संबंधों से जुड़े अंधविश्वास, अवैज्ञानिक अवधारणाओं के निवारण और स्वस्थ सेक्स लाइफ के संदर्भ में लोगों को जागरूक किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों के मुताबिक एचआईवी की रोकथाम के लिए लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जानी चाहिए। इस रोग से जुड़े कई भ्रम समाज में व्याप्त है, जिसके कारण लोगों को सही जानकारी नहीं है।

सेक्स एजुकेशन को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि वर्षों से बढ़ती चली आ रही इस समस्या को सफलतापूर्वक रोका जा सके।

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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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