फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस: शरीर को स्वस्थ और रोगमुक्त रखने के लिए करें व्यायाम, इन बातों का रखें विशेष ख्याल

Fri, 01 Oct 2021 04:34 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • 1 अक्टूबर को मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस।
  • शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किसी भी उम्र में शुरू कर सकते हैं योग-व्यायाम।
  • व्यायाम के साथ स्वस्थ जीवनशैली और खान-पान का ध्यान रखना भी जरूरी
विज्ञापन
बढ़ती उम्र के साथ फिटनेस का रखें ध्यान - फोटो : Pixels
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Medically Reviewed by-
विज्ञापन

डॉ. अतुल्य सौरभ
जेराट्रिशियन
(वृद्धावस्था एवं जरारोग विशेषज्ञ)


क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो सोचते हैं कि 'अब ये क्या एक्सरसाइज करने की उम्र है?' या '50 साल के बाद एक्सरसाइज करने से क्या फायदा होगा भला!' अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आज से ही कमर कस लीजिए, क्योंकि एक्सरसाइज करने की कोई उम्र नहीं होती। बल्कि एक्सरसाइज करना जब भी आप शुरू करते हैं तब से आपके पूरे शरीर और दिमाग को इसके फायदे मिलने लगते हैं। टीवी पर या समाचारों में आपने कुछ ऐसे लोगों के बारे में पढ़ा-सुना होगा जो 90 की उम्र में भी पुशअप्स लगाते हैं, मैराथन दौड़ते हैं। ये भी आपकी-हमारी तरह सामान्य लोग ही हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इन्होंने अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए एक रूटीन को फॉलो करना शुरू किया और देखिए परिणाम आज सामने हैं।

प्रसिद्ध मॉडल और अभिनेता मिलिंद सोमण, जोकि खुद मैराथन रनर हैं, वे 55 वर्ष की उम्र में भी दौड़ रहे हैं और उनकी 81 वर्षीय मां उषा सोमण आराम से मुस्कुराते हुए पुशअप्स लगाती हैं।  चाहें तो आप भी इस लिस्ट ने शामिल हो सकते हैं, जरूरत है बस इरादा करने की। विशेषज्ञ मानते हैंं

अगर कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के बाद भी नियमित व्यायाम का एक रूटीन शुरू करता है तो वह आगे जाकर होने वाली कई गम्भीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। इतना ही नहीं इससे जोड़ों के दर्द, कमजोरी, याददाश्त पर उम्र बढ़ने से पड़ने वाले प्रभाव आदि को भी बहुत कम किया जा सकता है। इसके अलावा वे लोग जो 60 साल की उम्र तक किसी प्रकार की सर्जरी, बीमारी आदि से उबर हैं वे आगे समस्याओं पर बहुत हद तक नियंत्रण पा सकते हैं। 

विज्ञापन

नियमित दिनचर्या तय करना बहुत आवश्यक
उम्र के साथ अक्सर नींद कम हो जाती है, ऐसे में सुबह उठना आसान होता है। फिर आमतौर पर दफ्तर के रूटीन से भी पुरुषों को छुट्टी मिल जाती। यदि घर में सहयोग मिले तो महिलाओं को भी इस उम्र में खाली समय मिल सकता है, इस समय का उपयोग सेहत बनाने में करें। आप चाहें तो अपनी मित्र मंडली भी बना सकते हैं या पति-पत्नी दोनों सुबह-शाम की सैर, योग या हल्की-फुल्की कसरत शुरू कर सकते हैं। बस याद यह रखना है कि जो भी चीज आप शुरू कर रहे हैं, उसे नियमित रखना है।

वृद्धावस्था में योग-व्यायाम करते रहें - फोटो : istock
एक्सरसाइज शुरू करते समय इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप 50 साल की आयु के बाद एक्सरसाइज की शुरुआत करने जा रहे हैं तो कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें। 
  • सबसे पहली ध्यान रखने वाली बात यह है कि जो भी एक्सरसाइज आप कर रहे हैं वह आपकी शारीरिक अवस्था और उम्र के हिसाब से हो। 
 
  • अगर आप 60 साल या इसके बाद पहली बार एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं तो सही प्रशिक्षण लेना जरूरी है। चाहे आप जिम जाएं, दौड़ें या सूर्य नमस्कार ही क्यों न करें। 
  • सिर्फ कसरत ही नहीं, कई रेग्युलर गतिविधियां भी हैं जो आपको फिट रहने में मदद कर सकती हैं। जैसे अगर आपको प्रकृति के बीच रहना पसंद हो तो गार्डनिंग करें, सूर्योदय या सूर्यास्त के समय टहलें, सम्भव हो तो घर की छत तक दिन में दो-तीन बार चढ़ें-उतरें। अगर आप किसी मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में रहते हो तो भी धीरे धीरे जितनी हो सके सीढियां चढ़ें-उतरें, घर या कॉलोनी के बच्चों के साथ खेलें, मित्रों के साथ गप्पे मारें, वर्ग-पहेली या पजल्स सॉल्व करें, घर के आस-पास से सब्जी-फल या जरूरत का सामान ले आएं।
विज्ञापन

बुढ़ापे में भी शरीर को रखें एक्टिव - फोटो : Pixabay
सिर्फ एक्सरसाइज से ही नहीं चलेगा काम

50 की आयु के बाद एक्सरसाइज शुरू करने के भी कई लाभ हैं, पर सिर्फ एक्सरसाइज से ही आप खुद को स्वस्थ नहीं रख सकते हैं। इसके लिए कुछ और बातों को भी ध्यान में रखना बहुत आवश्यक है।  
  • एक्सरसाइज के साथ आपको अपने भोजन पर भी ध्यान देना होगा। सही रिजल्ट तब मिलेगा जब दिनचर्या, भोजन और व्यायाम सब लय में होंगे।
 
  • चूंकि 60 की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते महिलाओं के शरीर मे काफी सारे परिवर्तन आ चुके होते हैं, इसलिए जरूरी है कि वे समय-समय पर अपना रूटीन चेकअप करवाएं और एक्सरसाइज के लिए भी सही सलाह लें। 
 
  • एक्सरसाइज के साथ-साथ अपनी डाइट और नींद को लेकर भी योजना बनाएं। अगर रात को आपकी नींद बीच-बीच में उचट जाती है तो दिन में सोने से बचें। 
 
  •  अपनी एक्सरसाइज में कार्डियो, एरोबिक्स, योग, मेडिटेशन आदि सभी तरह की क्रियाओं का सही और संतुलित रूप दें।
 
  •  यदि एक्सरसाइज के दौरान नसों में खिंचाव, सांस लेने में तकलीफ, जोड़ों में अधिक तकलीफ आदि हो तो अपने प्रशिक्षक या डॉक्टर से तुरंत सलाह लें और तब तक के लिए एक्सरसाइज को रोक दें।
 
  •  शुरुआत 10 मिनट से ही करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर आधा से एक घंटे पर ले आएं।
 
  •  सही जूते और आरामदायक, ढीले कपड़ों का ही उपयोग करें।

याद रखिये, अगर आप अधिक उम्र में एक्सरसाइज शुरू कर रहे हैं तो अब तक शरीर में हो चुके परिवर्तनों या नुकसान को आप ठीक नहीं कर पाएंगे लेकिन इससे आपको आगे कोई नुकसान होने की आशंका कम हो जाएगी। साथ ही पहले से बढ़ा हुआ वजन और त्वचा पर पड़ी झुर्रियां एकदम गायब नहीं होंगे, इसलिए एक्सरसाइज शुरू करने के कुछ समय बाद निराश न हों। बल्कि इस उम्मीद के साथ एक्सरसाइज करें कि यह आपको लम्बे समय तक चलने फिरने लायक बने रहने और आसानी से रोजमर्रा के काम करने में मदद करेगी।



---------------------------
अस्वीकरण: अमर उजाला के  हेल्थ एंड फिटनेस कैटेगिरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर और विशेषज्ञों,व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं. लेख में उल्लेखित तथ्यों और सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा परखा व जांचा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठकों की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और ना ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें