चरक शपथ से क्या बदलाव होगा?
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क्या है चिकित्सकों की राय
अमर उजाला से बातचीत में उजाला सिग्नस हास्पिटल्स के संस्थापक डॉ शुचिन बजाज कहते हैं, चरक-शपथ का उद्देश्य भावी डॉक्टर्स को आचार्य चरक के सिद्धांतों और चिकित्सा को लेकर उनकी सोच से प्रेरित करना है। कमोबेश दोनों ही शपथ में डॉक्टर्स को मरीजों की सेवा करने, पद का दुरुपयोग न करने और पद की गरिमा बनाए रखने की शपथ दिलाई जाती है। चरक-शपथ, इसका इंडियन वर्जन है। भारत का चिकित्सा इतिहास काफी प्राचीन और समृद्ध रहा है, नए डॉक्टर्स को उससे बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
इन बातों को लेकर भी अपील
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर अमर उजाला से बातचीत में एक वरिष्ठ चिकित्सक कहते हैं, शपथ कैसी भी हो दोनों का उद्देश्य एक ही है। फिलहाल शपथ से ज्यादा इस बात पर ध्यान देने की आवश्यकता है कि देश के भावी डॉक्टर्स को पढ़ाई के दौरान जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, उसे दूर किया जाए। मेडिकल इंफ्रास्टेक्चर, आधुनिकता को बढ़ाने और पढ़ाई के लिए फीस कम करने पर जोर दिया जाना चाहिए। यह कदम निश्चित ही बेहतर है पर इससे भी आवश्यक कई चीजें हैं, जिनपर पहले ध्यान दिया जाना चाहिए।