हैवी वेट लगाने वालों को अक्सर हैवी वेट लगाने से ज्यादा दर्द लाइट वेट में होने लगता है। मसलन मिडिल या उससे ऊपर की बॉडी बिल्डिंग करने वाले लोग हैवी वेट के साथ चार से आठ रैप तो निकाल लेते हैं, लेकिन वो उसके आधे वेट के साथ भी पंद्रह से बीस रैप नहीं निकाल पाते। उन्हें जबरदस्त पेन होने लगता है।
जिमिंग करने वाले ज्यादातर लोग खुद को चार से दस रैप के दायरे में बांधे रहते हैं। बड़े साइज के लिए यह जरूरी भी है। मगर एक समय के बाद यह दायरा भी टूटना चाहिए।
एक टेस्ट करें, मान लो आप चेस्ट में 80 किलो वेट लगा लेते हो। तो अब आप चालीस किलो वेट के साथ जरा बीस रैप के तीन सेट लगाकर देखो। एक बात का खास ध्यान रखना। वेट प्रॉपर फॉर्म में होना चाहिए। जल्दी-जल्दी नहीं, आढ़ा-टेढ़ा नहीं।
वेट नीचे आते वक्त तीन सेकंड ऊपर जाते वक्त एक से डेढ़ सेकंड का वक्त लगना चाहिए। अगर आपने 3 गुना 20 कर लिया तो आप पास हो गए नहीं तो फेल। ऐसा टेस्ट आप किसी भी बॉडी पार्ट के साथ कर सकते हैं।
फेल होने वाले इधर आएं
और पास होने वाले कहीं न जाएं। अगर आपको बीस रैप निकालने में बहुत दिक्कत हुई है तो इसका मतलब ये है कि आपकी फंक्शनल फिटनेस कम या खत्म हो गई है।
इसका मतलब कुछ यूं समझ सकते हैं कि आप एक सूटकेस उठाकर कुछ दूर तक नहीं चल सकते। इससे किसी न किसी बॉडी पार्ट में जबरदस्त पेन होने लगेगा। आपका शरीर ताकतवर है मगर बहुत काम का नहीं है।
क्या करें
मजें करें। जिम के बाहर भी तो दुनिया है। स्वीमिंग करें, पार्क में जॉगिंग करें। बच्चों के साथ क्रिकेट-फुटबॉल खेलें। घर का दूध, अंडा, सब्जी सब पैदल चलकर लाएं और जिम में हल्के वेट के साथ कसरत करें। सुबह खाली पेट भीगे हुए अंजीर खाएं और उसका पानी पिएं।
साइज गिर गया तो
नहीं ऐसा नहीं होगा। पानी और प्रोटीन का लेवल बनाए रखें। लाइट वेट और ज्यादा रैप का ये शेड्यूल एक अलग तरह से आपके मसल्स को हिट करता है। इसमें साइज नहीं गिरता।