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बड़ी खबर: कोरोना के ऐसे रोगियों में 2-डीजी दवा के इस्तेमाल पर रोक, DRDO ने जारी की गाइडलाइन

Tue, 01 Jun 2021 01:41 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला
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2डीजी दवा (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock
कोरोना रोगियों के लिए रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा तैयार की गई दवा '2डीजी' को वरदान के रूप में देखा जा रहा है। यह दवा अब रोगियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध है। 2डीजी दवा को इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर मेडिसिन एंड एलाइड साइंसेज (आईएनएमएएस) ने हैदराबाद के डॉक्टर रेड्डी लेबोरेटरी के साथ मिलकर तैयार किया है। पाउडर के रूप में उपलब्ध इस दवा को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह रोगियों में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने और संक्रमितों की जान बचाने में बेहद कारगर साबित हो सकती है।
इसी संबंध में मंगलवार को डीआरडीओ ने 2डीजी दवा के इस्तेमाल को लेकर गाइडलाइंस जारी की है। संस्था की ओर से स्पष्ट कहा गया है कि कोविड-19 के मरीजों को डॉक्टरों की देखरेख और प्रिस्क्रिप्शन के तहत ही यह दवा दी जाए। आइए जानते हैं डीआरडीओ ने गाइडलाइंस में और किन बातों पर जोर दिया है, साथ ही किन्हें इस दवा का सेवन न करने की सलाह दी गई है?
 
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दवा के लिए डॉक्टरी सलाह जरूरी - फोटो : Social media
बिना डॉक्टरी सलाह के न लें यह दवा
डीआरडीओ की ओर से जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि 2-डीजी दवा कोरोना के रोगियों के आपात इस्तेमाल के लिए ही है। अस्पताल में भर्ती कोरोना के रोगियों में सहायक चिकित्सा के तौर पर इस दवा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कोरोना के मध्यम और गंभीर रोगियों के इलाज के लिए डॉक्टरों की सलाह के आधार पर ही इसे प्रयोग में लाया जाना चाहिए। बिना डॉक्टरी सलाह के इस दवा का सेवन न करें।
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डायबिटीज सहित कई अन्य बीमारियों में 2-डीजी दवा का सेवन न करें - फोटो : Social media
ऐसे लोगों के लिए दवा के सेवन पर फिलहाल रोक
गाइडलाइंस में डीआरडीओ ने स्पष्ट किया है कि अनियंत्रित ब्लड शुगर, हृदय की बीमारी, एक्यूट रेसिप्रेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम (एआरडीएस), लिवर और किडनी के रोगियों पर इस दवा का परीक्षण नहीं हुआ है, ऐसे में इन रोगियों को फिलहाल 2-डीजी दवा नहीं दी जानी चाहिए। इसके अलावा गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और 18 साल से कम आयु के लोगों के लिए भी इस दवा के इस्तेमाल पर फिलहाल रोक है।

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डॉ रेड्डी लैब से अस्पतालों को मिल सकती है 2-डीजी दवा (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Social media
2-डीजी दवा के इस्तेमाल को लेकर जारी गाइडलाइंस में संस्था ने बताया है कि कोरोना के रोगी/देखभाल करने वाले लोगों को दवा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पताल के अधिकारियों से बात करनी चाहिए। कोरोना के जिन अस्पतालों में यह दवा उपलब्ध नहीं हैं वह हैदराबाद स्थित डॉ रेड्डी लैब से संपर्क करके 2-डीजी दवा प्राप्त कर सकते हैं।
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वायरस को बढ़ने से रोकती है 2डीजी दवा - फोटो : iStock
वायरस को बढ़ने से रोकती है दवा
तीन चरणों के परीक्षण में वैज्ञानिकों ने पाया कि यह दवा सार्स-सीओवी-2 वायरस के खिलाफ प्रभावी ढंग से काम करने के साथ वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकने में काफी मददगार साबित हो सकती है। इसका इस्तेमाल अस्पताल में भर्ती मरीजों की सेहत में तेजी से सुधार करने में काफी कारगर हो सकता है। इसके अलावा यह गंभीर मरीजों की मेडिकल ऑक्सीजन पर निर्भरता को भी कम करने में भी सहायक है। महामारी के खिलाफ तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर डीआरडीओ ने अप्रैल 2020 में इस दवा को विकसित करने की पहल शुरू की थी।
 
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कोरोना संक्रमण की दवा - फोटो : Pixabay
पाउडर के रूप में उपलब्ध है दवा
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक यह दवा पाउडर के रूप में उपलब्ध है जिसे पानी में घोलकर इस्तेमाल किया जा सकेगा। शरीर में पहुंचते ही यह दवा संक्रमित कोशिकाओं में जमा होकर वायरस को शरीर में बढ़ने से रोकने में मदद करेगी। यही गुण इस दवा को खास बनाती है। देश में कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और ऑक्सीजन की कमी के कारण हो रही मौतों के बीच इस दवा को विशेषज्ञ वरदान के रूप में देख रहे हैं। 

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स्रोत और संदर्भ: 
DRDO Guidelines

अस्वीकरण नोट: यह लेख रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा 2-डीजी दवा के इस्तेमाल को लेकर जारी गाइडलाइन के आधार पर तैयार किया गया है। खबर में डीआरडीओ का ट्वीट संलग्न है। लेख में शामिल सूचना व तथ्य आपकी जागरूकता और जानकारी बढ़ाने के लिए साझा किए गए हैं। इसमें बताई गई किसी भी दवा के उपयोग को लेकर अमर उजाला कोई दावा नहीं करता है।

 
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