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कोरोना के टीके पर कई खुशखबरी: अमेरिकी वैक्सीन से लेकर भारत में स्पुतनिक-वी के ट्रायल तक, जानें हर अपडेट

Sat, 17 Oct 2020 07:44 PM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Covid vaccine - फोटो : iStock/Amar Ujala
दुनिया के 210 से ज्यादा देश कोरोना महामारी की चपेट में हैं। दुनियाभर के लोगों को जिस एक चीज का बेसब्री से इंतजार है, वह है कोरोना की एक सुरक्षित और कारगर वैक्सीन। रूस और चीन ने वैक्सीन बना ली है, जबकि भारत अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देश वैक्सीन पर सफलता से बस कुछ ही कदम दूर हैं। भारत में तीन वैक्सीन कैंडिडेट्स इस रेस में आगे चल रहे हैं। वहीं अमेरिका से ताजा अपडेट यह है कि दिग्गज फार्मा कंपनी फाइजर इंक द्वारा विकसित की जा रही वैक्सीन को अगले महीने यानी नवंबर में मंजूरी मिल सकती है।

भारत में रूस की पहली वैक्सीन के आखिरी चरण का ट्रायल एक बार फिर से शुरू हो सकता है। चीन में कोरोनावैक नाम की वैक्सीन की आपातकालीन बिक्री शुरू हो गई, जबकि रूस ने एक और वैक्सीन को मंजूरी दे दी है। वहीं भारतीय दिग्गज कंपनी सीरम इंस्टिट्यूट ने भी उम्मीद दिखाई है कि मार्च तक भारत में टीकाकरण अभियान के लिए वैक्सीन उपलब्ध हो सकती है। आइए जानते हैं देश और दुनियाभर से कोरोना की वैक्सीन पर ताजा अपडेट्स क्या हैं: 
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Coronavirus Vaccine News - फोटो : Pixabay/Amar Ujala
भारत, अमेरिका, ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देश वैक्सीन विकसित करने में लगे हैं। खबरों के मुताबिक, कोरोना के टीके की वैश्विक दौड़ में 150 से अधिक कैंडिडेट्स यानी 'वैक्सीन उम्मीदवार' हैं, जिनमें से लगभग 10 अंतिम चरण के नैदानिक परीक्षण से गुजर रही हैं। इनमें से शीर्ष दावेदारों में अमेरिकी कंपनी फाइजर इंक, ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन, जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन, चीनी सिनोवैक वैक्सीन, रूसी स्पुतनिक-वी, भारतीय कोवैक्सिन, जायकोव-डी आदि शामिल हैं। रूस और चीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही टीकों को मंजूरी दे दी है और इमेरजेंसी अप्रूवल के तहत उच्च जोखिम समूह के लोगों को टीके लगाए भी जा रहे हैं। आइए एक-एक कर के जानते हैं शीर्ष वैक्सीन उम्मीदवारों की अपडेट स्थिति। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : iStock/Social Media
अमेरिका में नवंबर तक वैक्सीन
अमेरिका की फाइजर इंक कंपनी ने घोषणा की है कि वह नवंबर तक वैक्सीन की मंजूरी के लिए अमेरिकी प्राधिकरण के पास आवेदन कर सकता है। फाइजर जर्मन कंपनी बायोएनटेक के साथ मिलकर वैक्सीन बना रही है। नैदानिक परीक्षणों में शामिल करीब 44 हजार वॉलेंटियर्स पर वैक्सीन के प्रभाव का डाटा नवंबर से पहले उपलब्ध होने की संभावना नहीं है। फाइजर के मुख्य कार्यकारी अल्बर्ट बोर्ला के मुताबिक, नवंबर के तीसरे हफ्ते तक हमारे पास अंतिम आंकड़े होंगे और वैक्सीन सुरक्षित साबित होगी। 

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डॉ. सुरेश जाधव, कार्यकारी निदेशक, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया(File photo) - फोटो : LinkedIn@Suresh Jadhav
भारत में वैक्सीन कबतक?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका कंपनी द्वारा विकसित किए जा रहे कोरोनो वैक्सीन का उत्पादन करने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) को उम्मीद है कि अगर सबकुछ ठीक रहा और भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई की हरी झंडी मिल जाती है तो देश में मार्च 2021 तक वैक्सीन उपलब्ध होगी। कंपनी के कार्यकारी निदेशक डॉ. सुरेश जाधव ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में बताया है कि दो वैक्सीन उन्नत परीक्षण के चरणों से गुजर रही है। मार्च तक वैक्सीन आ सकती है।
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Twitter/Amar Ujala
डॉ. जाधव का मानना है कि वैक्सीन के लिए कई कंपनियां काम कर रही हैं। अगले साल की शुरुआत में भारत में कोरोना का टीका उपलब्ध होगा। बता दें कि देश में भारत बायोटेक कंपनी की कोवैक्सिन और जायडस कैडिला कंपनी की जायकोव-डी वैक्सीन भी कामयाबी के करीब है। बता दें कि कोवेक्सिन के अंतिम चरण का ट्रायल जल्द ही होने वाला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि कोरोना की वैक्सीन पर जल्द ही अच्छी खबर सामने आएगी। आने वाले कुछ महीने भारत के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।
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Russia Coronavirus Vaccine - फोटो : Twitter@RusEmbUSA
भारत में रूसी वैक्सीन का ट्रायल
रूस की पहली कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक-वी के बड़े पैमाने पर ट्रायल को भारतीय दवा नियामक डीसीजीआई ने यह तर्क देते हुए रोक दिया था कि रूस या अन्य देशों में भी बड़े पैमाने पर इंसानों पर वैक्सीन का ट्रायल नहीं हुआ है। खबरों के मुताबिक नियामक ने इस संबंध में मजबूत आंकड़ा प्रस्तुत करने को कहा था। पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने बताया है कि विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने परीक्षण के साथ आगे बढ़ने की अनुमति देने के लिए नियामक के पास सिफारिश की है। 
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CoronaVirus Vaccine - फोटो : iStock/Amar Ujala
1400 लोगों पर तीसरे चरण का परीक्षण
बता दें कि हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल फर्म डॉ. रेड्डीज लैब ने 13 अक्तूबर को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल (DCGI) को फिर से आवेदन दिया था और भारत में रूसी टीके के दूसरे और तीसरे चरण के ह्यूमन ट्रायल की अनुमति मांगी थी। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अपने संशोधित प्रोटोकॉल में कंपनी ने कहा है कि दूसरे चरण के ट्रायल में 100 वॉलेंटियर्स शामिल होंगे, जबकि तीसरे चरण का ट्रायल 1400 वॉलेंटियर्स पर किया जाएगा। एसईसी ने शुक्रवार को आवेदन पर विचार-विमर्श करने के बाद डीसीजीआई से अनुमति देने की सिफारिश की है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
रूस में एक और वैक्सीन को मंजूरी
दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन का पंजीकरण का दावा कर अन्य देशों को चौंकाने वाले रूस ने एक अन्य वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी है। एपिवैककोरोना (Epivaccorona) नाम की इस वैक्सीन को रूस की वेक्टर स्टेट रिसर्च सेंटर ऑफ वायरोलॉजी एंड बायोटेक्नोलॉजी ने तैयार किया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शुक्रवार को कहा कि रूस के नए वैक्सीन विकसित करने वाले संस्थान के साथ अच्छी बातचीत हुई है। हालांकि डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने जिनेवा में एक समाचार सम्मेलन में कहा कि तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षणों के परिणाम देखने के बाद ही हम किसी वैक्सीन पर अंतिम स्थिति बना पाएंगे। 
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Coronavirus Vaccine - फोटो : Amar Ujala
चीन में कोरोना वैक्सीन की बिक्री 
पूर्वी चीन के झेजियांग प्रांत के जियाशिंग शहर में प्रायोगिक तौर पर उच्च जोखिम समूह के लोगों के लिए कोरोना वैक्सीन की बिक्री शुरू की गई है। आपातकालीन टीकाकरण कार्यक्रम के तहत वैक्सीन की कीमत 60 डॉलर यानी करीब 4400 रुपए रखी गई है। हालांकि अभी वैक्सीन की आधिकारिक बिक्री की मंजूरी नहीं मिली है। सिनोवैक बायोटेक की ओर से विकसित की गई CoronaVac वैक्सीन को 18 से 59 साल के स्वास्थ्यकर्मी, महामारी रोकथाम में जुटे लोग और अन्य उच्च जोखिम वर्ग के लोग 400 युआन (59.5 डॉलर) में खरीद सकेंगे। 
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