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ऑफिस जाने से पहलेः तीन झटपट वर्कआउट

Tue, 30 Jul 2013 11:44 AM IST
तोयज कुमार सिंह
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ऑफिस शुरू होता है सुबह दस बजे के आसपास। सुबह जिम जाने की फुर्सत निकालना जरा मुश्किल काम है। ऐसे में महज 15 से बीस मिनट में आप फिट दिख और महसूस कर सकते हैं।
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हम आपको आज तीन ऐसे वर्कआउट की जानकारी देंगे जिन्हें आप आसानी से घर पर कर सकते हैं और यकीन मानिए ये आपके पूरे शरीर में करंट पैदा कर देंगे। यह सोचने की गलती न करें कि घर पर करने वाले वर्कआउट जानदार नहीं होते। सिर्फ एक बार इन्हें ट्राई करें, आपकी बॉडी खुद बोल पड़ेगी।

वर्कआउट नंबर एक - स्किपिंग एंड पुशअप्स

क्या चाहिए - स्किपिंग रोप

ऐसे करें - थोड़ी सी स्ट्रेचिंग करने के बाद एक बार में पचास बार स्किपिंग (रस्सा कूदना) करें और फिर तुरंत 25 पुशअप्स लगाएं। सांस जब नॉर्मल हो जाए तो फिर यही करें। ऐसा कुल चार से पांच बार करें। वर्कआउट खत्म। पुशअप्स आपकी बाइसेप्स, ट्राइसेप्स, चेस्ट और पेट पर अच्छा असर डालती है। स्किपिंग तो पूरे शरीर की कसरत है। ये कलाइयों तक पर काम करती है।
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नंबर दो - ट्राएंगल पुशअप्स एंड बॉक्स जंप

ऐसे करें - ट्राएंगल पुशअप्स में आप अपने हथेलियों से एक ट्राएंगल (त्रिकोण) बनाते हैं। अपने अंगूठों और पहली उंगली को एक दूसरे छुआएं तो पोजीशन बन जाएगी। अपनी छाती के हथेलियां रखें और पुशअप्स लगाएं। अगर टफ लग रही हो तो हथेलियों के बीच में थोड़ी दूरी और बढ़ा लें, पोजीशन वही रखें। नीचे आते वक्त चेस्ट को हथेली से हल्का सा टच कराके ऊपर जाएं। सही पोस्चर के साथ 10 से 12 बार करें।

इसके तुरंत बाद बॉक्स जंप लगाएं। अपने घुटने की ऊंचाई तक की कोई बड़ी बेंच या बेड अथवा कोई ऐसी चीज का इंतजाम कर लें जिसपर उछलकर आप चढ़ सकें। बस आपको उछलकर उसपर चढ़ना और फिर कूदना है। एक बार में 15 बार ऐसा करें। इसके बाद सांस थमने तक रेस्ट लें। ऐसा चार बार करें।

ट्राएंगल पुशअप्स सबसे ज्यादा आपके ट्राइसेप्स पर काम करती है। कोहनी के ऊपर व कंधे के नीचे बाजू का पिछला हिस्सा ट्राइसेप्स कहलाता है। बॉक्स जंप फुल बॉडी एक्सरसाइज है। पैरों पर बेहतरीन काम करने के अलावा ये स्टेमिना भी बनाती है।

नंबर तीन - सूर्य नमस्कार

ऐसे करें - वैसे तो इसे योग कहते हैं मगर हम इसे एक कड़ी कसरत की शक्ल भी दे सकते हैं। इसे तेजी के साथ कम से कम सात बार करें। धीरे-धीरे प्रैक्टिस बढ़ाएं और इसे 51 पर लाने की कोशिश करें।

सूर्य नमस्कार कैसे करें यह जानने के लिए यहां क्लिक करें।

आप चाहें तो एक बार किसी योगा क्लास में जाकर उसे समझ लें। इसमें सांसों का खास ध्यान रखना होता है। सूर्य नमस्कार करने के तरीके भी अलग-अलग होते हैं मगर उनमें एक या दो स्टेप ही अलग-अलग हो सकते हैं।
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इन तीनों वर्कआउट्स को अलग-अलग दिन करें। हमारी सलाह है कि वर्कआउट नंबर एक के बाद तीन करें और फिर दो।
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