गर्भावस्था में दवाओं का सेवन
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ट्रंप के बयान पर छिड़ी बहस
अमेरिकी स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री रॉबर्ट एफ कैनेडी जूनियर के नेतृत्व में महीनों की जांच के बाद ट्रंप ने बयान दिया है कि गर्भवती महिलाओं को एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल कम करना चाहिए, जिसे आमतौर पर अमेरिका में टाइलेनॉल और भारत तथा अन्य देशों में पैरासिटामोल के नाम से बेचा जाता है।
हालांकि समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह सलाह अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिशियन एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स के विपरीत है, जो लंबे समय से कहता रहा है कि गर्भावस्था के दौरान एसिटामिनोफेन का इस्तेमाल सुरक्षित है।
ऑटिज्म-एडीएचडी की समस्या
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ऑटिज्म और एडीएचडी का खतरा
हाल के कई अध्ययनों में ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेने वाली महिलाओं से बच्चों में ऑटिज्म और एडीएचडी के जोखिम के बीच संबंध दर्शाते हैं।
इसको जानने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि आखिर ऑटिज्म और एडीएचडी की समस्या है क्या?
- ऑटिज्म ऐसी स्थिति है, जिसमें लोगों को सामान्य सामाजिक संबंधों को विकसित करने में कठिनाई होती है। जो व्यक्ति के दूसरों के साथ मेलजोल और सोचने के तरीके को प्रभावित करती है, इसके कारण प्रभावित बच्चे के सामाजिक संपर्क में भी समस्या हो सकती है। ऑटिज्म के लक्षण मुख्यरूप से बचपन में ही दिखने लग जाते हैं।
- अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) एक न्यूरोडेवलपमेंटल विकार है जो बच्चों और वयस्कों को प्रभावित कर सकता है। एडीएचडी के मुख्य लक्षणों में ध्यान न देना, अतिसक्रिय और आवेगशील होना शामिल है। एडीएचडी के लक्षण आमतौर पर 12 साल की उम्र से पहले ही शुरू हो जाते हैं।
पैरासिटामोल के साइड इफेक्ट्स
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अध्ययन में क्या पता चला?
हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ और माउंट सिनाई अस्पताल के शोधकर्ताओं द्वारा एक लाख लोगों पर किए गए एक विश्लेषण में पाया गया कि गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल लेने वाली माताओं के बच्चों में विकास संबंधी विकार होने की संभावना अधिक होती है। हालांकि अध्ययन में ये स्पष्ट नहीं था कि महिलाओं ने कितनी दर्द निवारक दवा ली थी?
यूके स्थित नॉटिंघम विश्वविद्यालय में महामारी विज्ञान के प्रोफेसर डॉ वेइया झांग कहते हैं, यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन है, यह देखने के लिए और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है कि क्या वास्तव में पैरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच कोई संबंध है। यह संभव है कि पैरासिटामोल लेने वाली महिलाओं में अन्य जोखिम कारक भी रहे हों, जो अध्ययन का हिस्सा नहीं थे।
क्या वास्तव में पैरासिटामोल नुकसानदायक है?
वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञों की एक टीम ने इस लिंक को भ्रामक बताया है।
अमर उजाला से बातचीत में ग्रेटर नोएडा स्थित एक निजी अस्पताल में
इंटरनल मेडिसिन के विशेषज्ञ डॉ श्रेय श्रीवास्तव कहते हैं, किसी भी अध्ययन से ये साबित नहीं होता है कि पैरासिटामोल से ऑटिज्म की समस्या होती है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इसे सबसे सुरक्षित दवाओं की श्रेणी में रखा है। गर्भवती-स्तनपान कराने वाली महिलाओं में दर्द, सामान्य बुखार आदि में इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
इसके दीर्घकालिक साइड-इफेक्ट्स जरूर हो सकते हैं जिसमें लिवर की समस्याएं शामिल हैं। हालांकि ऑटिज्म के संबंध में इसके साइड-इफेक्ट्स साबित नहीं हो पाएं हैं।
अध्ययनों में भी विरोधाभास
हाल ही में हुए बड़े पैमाने के एक अध्ययन, जिसमें 24.8 लाख जन्मों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया, इसमें जब शोधकर्ताओं ने भाई-बहनों की तुलना की तो पता चला कि पैरासिटामोल और ऑटिज्म के बीच कोई भी स्पष्ट संबंध नहीं था। विशेषज्ञों ने कहा, हमें किसी निर्णय तक पहुंचने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।
मोनाश विश्वविद्यालय में विकासात्मक मनोविज्ञान की प्रोफेसर डॉ. हन्नाह किर्क कहती हैं, किसी भी अध्ययन ने स्पष्ट रूप से यह नहीं दिखाया है कि पैरासिटामोल सीधे ऑटिज्म का कारण बनता है। कुछ अध्ययनों ने पैरासिटामोल के उपयोग और ऑटिज के बीच संबंध बताया है, जबकि अन्य में नहीं।
भय फैलाने वाली बातें महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान उचित देखभाल पाने से रोक देंगी। इससे उन परिवारों में भी चिंता बढ़ने लगने का खतरा है जिनके बच्चे ऑटिस्टिक हैं और जिन्होंने गर्भावस्था के दौरान इस दवा का सेवन किया। ये कलंक का भाव बढ़ा सकता है।
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स्रोत
Pregnant women who take paracetamol could lower their child's IQ and raise their risk of autism
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